फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Jungle Kauria Jagdishpur Ring Road Hundreds of farmers gathered on the information of NHAI team

जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड: NHAI टीम की सूचना पर जुटे सैकड़ों किसान, काम शुरू होने पर जता रहे विरोध

Sat, 29 Jul 2023 02:47 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर/भटहट।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर/भटहट। Published by: vivek shukla Updated Sat, 29 Jul 2023 02:47 PM IST
सार

कोनी में सीलिंग की जमीन के प्रकरण को लेकर किसान शुक्रवार को डीएम से नहीं मिल पाए। व्यस्तता की वजह से डीएम ने शनिवार की शाम तक मुलाकात की बात कही। किसानों का कहना है कि डीएम से मिलकर अपनी बात रखेंगे। इसके बाद आगे का निर्णय लेंगे।
 

विज्ञापन
Jungle Kauria Jagdishpur Ring Road Hundreds of farmers gathered on the information of NHAI team
गोड़धोईया नाला मकान बचाओ संघर्ष समिति का गठन करने के लिए मैत्रीपुरम में जुटे लोग। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड से प्रभावित किसान किसी भी वाहन के आने पर सशंकित हो जा रहे हैं। शुक्रवार को सराय गुलरिहा में एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) टीम के आने की सूचना सोशल मीडिया पर फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में किसान जुट गए। हालांकि काफी देर तक लाेगों ने एनएचएआई टीम की तलाश की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। करीब एक घंटे की भागदौड़ के बाद घर लौट गए।

विज्ञापन


जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड के लिए कोनी से लेकर जंगल कौड़िया तक 26 गांवों की जमीनें अधिग्रहित की गई हैं। इन गांवों के किसान नई दर से मुआवजा की मांग करते हुए काम शुरू होने पर विरोध जता रहे हैं। पिपराइच के विधायक महेंद्र पाल सिंह की अगुवाई में किसानों का प्रतिनिधिमंडल सीएम से भी मिल चुका है।
विज्ञापन


सीएम के निर्देश पर उचित मुआवजा देने के लिए प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई में जुटे हैं। इसके लिए जुलाई माह के अंत तक सभी किसानों को आर्बिट्रेशन (न्यायिक मध्यस्थता) दाखिल कराने को कहा गया है। डेढ़ हजार से लोग आर्बिट्रेशन दाखिल करा चुके हैं। लेकिन किसान इस बात से परेशान हैं कि उनको मुआवजा दिए बिना ही प्रशासन काम न शुरू करा दे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: सील हुई कप्तानगंज चीनी मिल, किसानों का दबाए बैठी है 77 करोड़
 

कोनी सीलिंग प्रकरण: डीएम से नहीं मिल पाए किसान

कोनी में सीलिंग की जमीन के प्रकरण को लेकर किसान शुक्रवार को डीएम से नहीं मिल पाए। व्यस्तता की वजह से डीएम ने शनिवार की शाम तक मुलाकात की बात कही। किसानों का कहना है कि डीएम से मिलकर अपनी बात रखेंगे। इसके बाद आगे का निर्णय लेंगे।

जिला प्रशासन की ओर से पुलिस ट्रेनिंग स्कूल और पीएसी की महिला बटालियन के लिए कोनी में सीलिंग की 60 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है। किसानों के नाम की जमीन दोनाें विभागों के हवाले हो गई है। इस जमीन पर किसान खेती कर रहे हैं। बुधवार को प्रशासन की टीम जमीन खाली कराने पहुंची तो लोगों ने विरोध जताया। बृहस्पतिवार की शाम लोगों ने पिपराइच के विधायक महेंद्रपाल सिंह के पास पहुंचकर डीएम से मुलाकात कराने का अनुरोध किया।

इसे भी पढ़ें: ऑनलाइन लूडो खेलते-खेलते हुआ प्यार...तो राजस्थान पहुंच गई दो बच्चों की मां, पत्नी की तलाश में भटक रहा पति

पांच किसानों का प्रतिनिधिमंडल चुना गया, जो विधायक के साथ डीएम से मिलने जाएगा। इसके लिए डीएम ने शुक्रवार की शाम का समय दिया। लेकिन शुक्रवार को विभागीय कामों में व्यस्त होने की वजह से वह किसानों से मुलाकात नहीं कर सके। अब शनिवार की शाम डीएम से मिलकर किसान अपनी बात रखने की तैयारी कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे लोग कोर्ट जाएंगे।
 

खोराबारः डिजिटल सर्वे जारी, जल्द सौंपेंगे रिपोर्ट

जीडीए की खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के लिए अधिग्रहित क्षेत्र में शुक्रवार को डिजिटल सर्वे किया गया। लेखपाल और स्थानीय लोगों की टीम ने घर-घर जाकर सर्वे किया। इस दौरान टीम ने मकानों, खाली जमीनों के साथ टीनशेड सहित अन्य जगहों का ब्योरा जुटाया। कर्मचारियों ने बताया कि जल्द ही सर्वे पूरा करके इसकी रिपोर्ट जीडीए उपाध्यक्ष को सौंप दी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्यवाही होगी।

खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के अधिग्रहित क्षेत्र में पांच सौ से अधिक मकान बने हुए हैं। योजना के लिए जीडीए की ओर से अतिक्रमण हटाने पर लोगों ने विरोध जताया। सीएम योगी से मिलकर घर बचाने की गुहार लगाई। लोगों ने कहा कि 20 से 25 साल पुराने बने मकानों के टूटने से सभी लोग बेघर हो जाएंगे। सीएम के निर्देश पर पूरे क्षेत्र को चार सेक्टर में बांटकर जीडीए ने चार टीमों का गठन किया। इसके बाद से जीडीए की टीम सर्वे में जुटी है।

इसे भी पढ़ें: यात्रीगण ध्यान दें: 31 जुलाई को निरस्त रहेगी गोरखपुर वाराणसी सिटी एक्सप्रेस, जानिए क्या है वजह

शुक्रवार को टीम सेक्टर दो में पहुंची। लेखपाल रामलवट सिंह और स्थानीय टीम के कमलेश राय, बृजेश राय , रामदरश प्रसाद, संदीप मौर्य और अभिषेक शर्मा की मौजूदगी में डिजिटल सर्वे किया गया। इस दौरान टीम ने घर-घर जाकर जीपीएस मशीन के जरिए सर्वे किया।

गोड़धोइया नालाः मकान बचाओ संघर्ष समिति गठित , अब प्रदर्शन की तैयारी

गोड़धोइया नाला के जीर्णोद्धार की योजना में अधिग्रहित की गई जमीनों से प्रभावित लोगों ने शुक्रवार को बैठक की। मैत्रीपुरम कॉलोनी में जुटे लोगों ने गोड़धोइया नाला मकान बचाओ संघर्ष समिति का गठन करके प्रदर्शन की तैयारी की। लोगाें ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी जानबूझकर उनके मकानों को तोड़ने पर आमादा हैं, जबकि इसका विकल्प निकल सकता है।

इसे भी पढ़ें: खतरे में बचपन: अनजान ऑटो चालकों, खुले नालों और वाहनों के बीच हर पल जोखिम

मेडिकल कॉलेज के पास से निकले गोड़धोइया नाला का रामगढ़ताल तक जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसकी साफ सफाई के अलावा अन्य काम भी चल रहे हैं। नाला के दोनों किनारों पर पांच सौ से अधिक मकान बने हुए हैं। नाला के लिए जमीन अधिग्रहित करने के बाद सीमांकन का काम लेखपाल कर रहे हैं। साथ मुआवजा देने के लिए लोगों से सहमति पत्र भरवाने की कोशिश राजस्वकर्मी कर रहे हैं।

बृहस्पतिवार को बिछिया में पहुंचे राजस्वकर्मियों को लोगों ने लौटा दिया। नाला निर्माण की जद में आ रहे मकानों को टूटने से बचाने के लिए लोग डीएम से गुहार लगा रहे हैं। लोगों का कहना है कि नाला की चौड़ाई कम करके उनके मकानों को बचाया जा सकता है। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी उनकी बातों को अनसुना कर रहे हैं।

अधिकारियों के रवैये से परेशान होकर लोगों ने शुक्रवार की शाम मैत्रीपुरम कॉलोनी स्थित माता वैष्णोदेवी मंदिर परिसर में बैठक की। इस दौरान जुटे लोगों ने सर्वसम्मति से गोड़धोइया नाला मकान बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया। इसमें उपस्थित लोगों ने अमरनाथ उपाध्याय को अध्यक्ष, रीना पांडेय को कार्यकारी अध्यक्ष, प्रिंस कुमार और कनक सिंह को उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव बिंदु सिंह, सहायक सचिव धर्मेंद्र कुमार भारती, कोषाध्यक्ष जगदीश सिंह और सहायक कोषाध्यक्ष के रूप में मंसूर अहमद को चुना।

इसे भी पढ़ें: भाजपा पार्टी में डॉ आरएमडी अग्रवाल का बढ़ा कद, बनाए गए राष्ट्रीय महामंत्री

इस दौरान लोगों ने तय किया कि वह लोग पहले चरण में सांसद और विधायकों से मिलकर गुहार लगाएंगे। इसके बाद सीएम से मिलकर अपनी बात रखेंगे। नाला की चौड़ाई कम कराने का अनुरोध करेंगे। यदि इसके बाद भी बात नहीं सुनी गई तो प्रदर्शन करेंगे। बैठक में जंगल तुलसीराम, बिछिया, शक्तिनगर,राजनगर सहित अन्य मोहल्लों के लोग बड़ी संख्या में शामिल रहे।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed