जंगल कौड़िया-जगदीशपुर फोरलेन रिंग रोड मामला: फिर विरोध, धान की रोपाई रोकने पहुंची टीम को किसानों ने लौटाया
एसएलओ के राजस्व निरीक्षक रामशंकर मौर्य ने किसानों को बताया कि मुआवजे के संबंध में कार्रवाई चल रही है। जमीन पर सड़क बनाने के लिए साफ सफाई शुरू कराई जाएगी। एनएचएआई के सर्वेयर कलीम खान और चंद्रशेखर ने भी किसानों को समझाने का प्रयास किया।
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जगदीशपुर-जंगल कौड़िया रिंग रोड के निर्माण के लिए अधिगृहित जमीन के मुआवजा का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को कोनी गांव के पास अधिगृहित जमीन की साफ-सफाई कराने पहुंची भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एवं एसएलओ ( विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी) की टीम को किसानों के विरोध का फिर सामना करना पड़ा।
टीम ने कुछ किसानों को धान की रोपाई से रोका तो वे विरोध-प्रदर्शन करने लगे। ढाई घंटे तक गहमागहमी बनी रही। इसके बाद अधिकारियों को लौटना पड़ा। किसानों ने कहा कि मुआवजे का मामला सुलझे बिना निर्माण कार्य शुरू कराना गलत है।
शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए जगदीशपुर-जंगल कौड़िया रिंग रोड का निर्माण होना है। इसके लिए 26 गांवों के किसानों की भूमि अधिगृहित की गई है। मई 2023 में इन गांवों में शिविर लगाकर एनएचएआई, एसएलओ और राजस्व कर्मचारियों ने मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की तो ग्रामीणों ने विरोध जताया।
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इसके बाद किसानों ने सड़क की जद में आ रही अपने खेतों की जमीन पर धान के रोपाई की तैयारी कर ली। किसानों ने बेहन तैयार कर लिया है। कुछ लोग अपने हिस्से में धान की रोपाई कर रहे हैं।
सोमवार की सुबह करीब 11 बजे एनएचएआई और एसएलओ के कर्मचारी, जेसीबी लेकर कोनी गांव पहुंचे। सड़क के लिए लगे पीलर के भीतर चिह्नित जमीन पर धान की रोपाई न करने की हिदायत दी। जेसीबी से खेतों की सफाई काम का शुरू कराया। तभी कोनी गांव के ग्राम प्रधान रघुवीर समेत कई किसान आ गए। उन्होंने कहा कि अभी तक मुआवजा नहीं मिला है, तो धान की खेती क्यों न की जाए। किसानों ने बाजार दर पर जमीन का मुआवजा तय करने की बात कही।
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एसएलओ के राजस्व निरीक्षक रामशंकर मौर्य ने किसानों को बताया कि मुआवजे के संबंध में कार्रवाई चल रही है। जमीन पर सड़क बनाने के लिए साफ सफाई शुरू कराई जाएगी। एनएचएआई के सर्वेयर कलीम खान और चंद्रशेखर ने भी किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन, किसान मुआवजा दिए बिना काम शुरू नहीं कराने की जिद पर अड़े रहे। इसके बाद कर्मचारी लौट गए।
इस दौरान किसान ईश्वर शरण सिंह, रामरेखा सिंह, रामप्रताप चौरसिया, मति देवी, रामसमुझ, नरसिंह सिंह, प्रेमचंद चौरसिया, उदयभान गौड़, राजेश चौरासिया, दुर्विजय, बृजेश, शिवशंकर चौरसिया, रामसूरत, शारदा, श्रीराम, रामप्रसाद चौरसिया आदि मौजूद रहे।
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...तो माहौल भांपने पहुंचे थे कर्मचारी
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कानूनगो रामशंकर मौर्य ने कहा कि किसानों को बताया गया है कि उनके मुआवजा के संबंध में प्रक्रिया चल रही है। लेकिन, लोग मान नहीं रहे हैं। काम करने से मना किया है। इससे उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। आगे जैसा निर्देश होगा, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।