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रिश्वत देकर सरकारी नौकरी पाने की लालच पड़ी भारी, दो ने गंवाए 22 लाख रुपये
Mon, 23 Nov 2020 12:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नगर बाजार (बस्ती)।
संवाद न्यूज एजेंसी, नगर बाजार (बस्ती)।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 23 Nov 2020 12:58 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां गलत तरीके से नौकरी पाने के पाने की लालच में दो लोगों ने 22 लाख गवां दिए। पीड़ित की तहरीर पर नगर बाजार पुलिस ने खुद को आईएएस अफसर बताकर रकम लेने के आरोपी नगर थाने के सराय निवासी जगदीश प्रसाद वर्मा के विरुद्ध केस दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, नगर थाने के प्रभारी निरीक्षक सतानंद पांडेय ने बताया कि आरोपी पर नौकरी दिलाने के नाम पर दो लोगों से 22 लाख रुपये हड़पने का आरोप है। आरोपी ने खुद को केरल में तैनात होना बताया था।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के रमवापुर निवासी जयराम यादव ने नगर थाने में तहरीर दी थी। इसमें उन्होंने कहा था कि जगदीश प्रसाद वर्मा ने उसकी पुत्री को नौकरी दिलाने के नाम पर 11 लाख रुपये दिसंबर 2018 में लिए। उनके एक परिचित सत्यराम चौधरी निवासी कठौतिया, थाना नगर से उसके बेटे को नौकरी दिलाने के नाम पर दो किस्तों में 11 लाख रुपये अपने खाते में जमा करा लिया।
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नौकरी न मिलने पर जब रकम मांगी गई तो आरोपी ने रंगदारी के केस में उसे फंसाने की बात कही। प्रयागराज से अपने वकील के माध्यम से नोटिस भी भेजा। पीड़ित के मुताबिक आरोपी से हुए वार्तालाप की रिकार्डिंग व लेनदेन के अन्य साक्ष्य पुलिस को सौंपा। उसने प्रयागराज के फाफामऊ स्थित एक बैंक की शाखा में अपनी पत्नी के अकाउंट में छह लाख रुपये परिचित से मंगाने के साक्ष्य दिया। इस आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
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जानकारी के अनुसार, नगर थाने के प्रभारी निरीक्षक सतानंद पांडेय ने बताया कि आरोपी पर नौकरी दिलाने के नाम पर दो लोगों से 22 लाख रुपये हड़पने का आरोप है। आरोपी ने खुद को केरल में तैनात होना बताया था।
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कप्तानगंज थाना क्षेत्र के रमवापुर निवासी जयराम यादव ने नगर थाने में तहरीर दी थी। इसमें उन्होंने कहा था कि जगदीश प्रसाद वर्मा ने उसकी पुत्री को नौकरी दिलाने के नाम पर 11 लाख रुपये दिसंबर 2018 में लिए। उनके एक परिचित सत्यराम चौधरी निवासी कठौतिया, थाना नगर से उसके बेटे को नौकरी दिलाने के नाम पर दो किस्तों में 11 लाख रुपये अपने खाते में जमा करा लिया।
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नौकरी न मिलने पर जब रकम मांगी गई तो आरोपी ने रंगदारी के केस में उसे फंसाने की बात कही। प्रयागराज से अपने वकील के माध्यम से नोटिस भी भेजा। पीड़ित के मुताबिक आरोपी से हुए वार्तालाप की रिकार्डिंग व लेनदेन के अन्य साक्ष्य पुलिस को सौंपा। उसने प्रयागराज के फाफामऊ स्थित एक बैंक की शाखा में अपनी पत्नी के अकाउंट में छह लाख रुपये परिचित से मंगाने के साक्ष्य दिया। इस आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।