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Gorakhpur News: जेई-एईएस रुका तो तेज बुखार डराने लगा, हर दिन आ रहे 15-20 मामले
Thu, 24 Aug 2023 06:07 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 24 Aug 2023 06:07 PM IST
सार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने कहा कि बरसात के मौसम में वायरल फीवर के केस बढ़ने के साथ दूषित पानी व भोजन से होने वाली बीमारियां भी बढ़ जाती हैं। इस मौसम में ध्यान रखें कि बच्चों को स्वच्छ व ताजा भोजन दें।
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जिला चिकित्सालय ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़ ।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
टीकाकरण के चलते अब जेई-एईएस पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन हाई ग्रेड फीवर डराने लगा है। इस साल 565 हाई ग्रेड फीवर के मामलों की जांच की गई, जिनमें से आठ में एईएस केस मिला है। हर दिन 15 से 20 मरीज हाईग्रेड फीवर के आ रहे हैं। बदलते मौसम के चलते भी तेजी से बच्चे बीमार होने लगे हैं। बुखार के अलावा डायरिया और पीलिया के केस भी बढ़े हैं।
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पिछले कुछ वर्षों तक बरसात के मौसम में चार महीने गोरखपुर समेत पूरे पूर्वांचल के बच्चों के लिए बड़ा डरावना होता था। जेई के टीकाकरण के बाद अब केस बहुत कम आ रहे हैं, लेकिन अचानक तेज बुखार अब भी चिंता का विषय बना हुआ है।
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आरएमआरसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक और लंबे समय तक जेई-एईएस पर शोध कार्य करने वाले डॉ. अशोक पांडेय बताते हैं कि तेज बुखार के साथ जब झटका आने लगता था तो बड़ी तेजी से मरीज बेहोशी ही हालत में पहुंच जाता था। कुछ ही घंटे में वह जेई या एईएस का संभावित रोगी बन जाता था। टीकाकरण के बाद बीमारी तक नियंत्रित हो गई, लेकिन तेज बुखार के मरीजों की निगरानी जरूरी है। इसीलिए हाईग्रेड फीवर के मरीजों को अलग छांट लिया जाता है, जिससे कि उनके इलाज में सुविधा हो और जरूरत के अनुसार उनके व्यवहार का अध्ययन किया जा सके।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कुलदीप सिंह बताते हैं कि पिछले तीन-चार दिन में ओपीडी में बुखार, सर्दी-जुकाम, डायरिया, पीलिया आदि से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। बच्चे तेजी से बीमार हो रहे हैं। इनमें से कई वायरल फीवर से ग्रसित हैं। पीलिया ग्रसित बच्चे वे हैं, जिनके माता-पिता साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते और दूषित पानी बच्चे पी रहे हैं। आमतौर पर वायरल फीवर तीन से पांच दिन में ठीक हो जाता है।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद उपाध्याय बताते हैं कि बुखार और पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में सतर्कता जरूरी है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने कहा कि बरसात के मौसम में वायरल फीवर के केस बढ़ने के साथ दूषित पानी व भोजन से होने वाली बीमारियां भी बढ़ जाती हैं। इस मौसम में ध्यान रखें कि बच्चों को स्वच्छ व ताजा भोजन दें। बीमार बच्चों को अपने मन से दवाएं न दें, बल्कि किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह जरूर लें।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद उपाध्याय बताते हैं कि बुखार और पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में सतर्कता जरूरी है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने कहा कि बरसात के मौसम में वायरल फीवर के केस बढ़ने के साथ दूषित पानी व भोजन से होने वाली बीमारियां भी बढ़ जाती हैं। इस मौसम में ध्यान रखें कि बच्चों को स्वच्छ व ताजा भोजन दें। बीमार बच्चों को अपने मन से दवाएं न दें, बल्कि किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह जरूर लें।