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Gorakhpur: सीएम योगी गुरुद्वारा कार्यक्रम में हुए शामिल, बोले-सिख गुरुओं की महान परंपरा सभी के लिए प्रेरणादायी

Tue, 29 Nov 2022 10:42 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 29 Nov 2022 10:42 AM IST
सार

सिख समाज के नौवें गुरु तेग बहादुर के शहीदी पर्व सोमवार को श्रद्धा और भक्ति के माहौल में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह जटाशंकर गुरुद्वारा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उनके आगमन को लेकर जटाशंकर गुरुद्वारा में देर रात तक तैयारियां चलती रहीं। सिख समाज उनके आगमन को लेकर बेहद उत्साहित नजर आया।  

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Jatashankar Gurdwara of Chief Minister Yogi participated in the program
मुख्यमंत्री योगी का जटाशंकर गुरुद्वारा कार्यक्रम में हुए शामिल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिख गुरुओं का गौरवशाली इतिहास है। गुरु नानक देव से लेकर गुरु गोविंद सिंह महाराज तक भक्ति और शक्ति का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। यह हर भारतीय के मन में न केवल धर्म और संस्कृति के संरक्षण के प्रति बल्कि, मातृभूमि के प्रति भी उतना ही आग्रही बनाता है। सिख गुरुओं की महान परंपरा हम सबके लिए प्रेरणादायी है।

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ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु तेग बहादुर के 347वें शहीदी पर्व पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान जटाशंकर गुरुद्वारा में कहीं। गुरु ग्रंथ साहिब को नमन करने के बाद कहा कि यह परंपरा हमें धर्म, संस्कृति और राष्ट्रीयता की रक्षा के प्रति आग्रही बनाती है। इस परंपरा का अनुसरण कर हम देश और समाज को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे सकते हैं।
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सीएम ने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने क्रूरता और बर्बरता के खिलाफ मजबूती के साथ आवाज उठाई थी। उनकी यह आवाज, उनका बलिदान कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए थी। गुरु तेग बहादुर के त्याग और बलिदान से आज अपना देश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।  
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मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ही के दिन 347 वर्ष पहले भारत को आक्रांताओं के क्रूर हाथों से मुक्त कराने के लिए उन्होंने अपने आप को बलिदान किया था। आज देश अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। हमें याद रखना होगा कि देश की आजादी महापुरुषों के त्याग और बलिदान की नींव पर टिकी है। आजादी का अमृत महोत्सव गुरु तेग बहादुर के बलिदान से एक नई प्रेरणा प्राप्त करने का भी अवसर है।

इस अवसर पर जटाशंकर गुरुद्वारा प्रबंध समिति की तरफ से मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र व कृपाण भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में गुरुद्वारा जटाशंकर प्रबंध समिति के अध्यक्ष सरदार जसपाल सिंह, रवींद्र पाल सिंह, कुलदीप सिंह, मंजीत भाटिया, दौलतराम, अशोक मल्होत्रा, हरप्रीत सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। संचालन उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के सदस्य सरदार जगनैन सिंह नीटू ने किया।

 

गुरु महिमा का बखान सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु

सिख समाज के नौंवे गुरु तेग बहादुर का शहीदी पर्व सोमवार को श्रद्धा और भक्ति के माहौल में जटाशंकर गुरुद्वारा में मनाया गया। जहां, श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में शीश झुकाकर मंगलकामना की। शबद कीर्तन के माध्यम से गुरु महिमा का बखान सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

गुरुद्वारा जटाशंकर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना प्रारंभ हो गया। सभी ने रागी मनप्रीत सिंह खालसा, गुरुद्वारा मोहद्दीपुर के रागी रसपाल सिंह और दिल्ली से आए रागी जत्थों गुरु तेग बहादुर की रचनाओं का मधुर कीर्तन सुना। वहीं, उत्तराखंड से पधारे प्रवचन करता ज्ञानी सुखदेव सिंह से गुरु तेग बहादुर की बलिदान गाथा का संपूर्ण विवरण सुनाया।

कार्यक्रम का संचालन उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के सदस्य जगनैन सिंह नीटू ने किया। गुरुद्वारा जटाशंकर के अध्यक्ष जसपाल सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर विधान परिषद डॉ धर्मेंद्र सिंह, महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, उप सभापति ऋषि मोहन वर्मा, पीके मल्ल , राजा त्रिपाठी , दुर्गेश बजाज,  विष्णु शंकर श्रीवास्तव, मैनेजर राजेंद्र सिंह,  हरप्रीत सिंह साहनी आदि मौजूद रहे।
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