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सूर्य से ऊर्जा ले रहा आईटीआई चरगांवा, डेढ लाख के बिल में आई एक तिहाई की कमी

Thu, 25 Jun 2020 02:48 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 25 Jun 2020 02:48 PM IST
सार

  • 40 किलोवाट के सोलर प्लांट से हो रहा रोशन
  • डेढ लाख के बिल में आई एक तिहाई की कमी

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ITI Gorakhpur 40 kw solar plant being illuminated
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

गोरखपुर आईटीआई चरगांवा ने सूर्य से ऊर्जा लेने की तरफ कदम बढ़ा दिया है। संस्थान में लगे 40 किलोवाट के सौर ऊर्जा संयंत्र से सभी विभागों को जोड़ने से संस्थान ने हर महीने आने वाले ड़ेढ लाख रुपये के बिजली के खर्च को लगभग एक तिहाई कम कर लिया है।

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पिछले सत्र में ही आईटीआई चरगांवा ने परिसर को सौर ऊर्जा संयंत्र से लैस करने का फैसला किया। 40 लाख रुपये की धनराशि से यूपी नेडा ने इसे प्रशासनिक भवन की छत पर लगाने का काम शुरू किया। दो महीने में कार्यदायी संस्था ने इसका काम पूरा कर और इसे ट्रायल शुरू कर दिया।
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आईटीआई चरगांवा के प्रधानाचार्य सत्याकांत ने बताया कि 40 किलोवाट के सौर ऊर्जा संयंत्र से आईटीआई चरगांवा में हर महीने आने वाले करीब डेढ़ लाख रुपये के बिल को कम करने में मदद मिली है। फरवरी में ही संस्थान ने करीब 99 हजार रुपये बिजली के बिल के रूप में भरे हैं। एक महीने में ही करीब 50 हजार से अधिक रुपयों की बचत हुई है।

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यहां कर सकते हैं आवेदन

सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए इच्छुक व्यक्ति यूपी नेडा के पोर्टल (upnedasolarrooftopportal.com) पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एक किलोवाट के प्लांट के लिए छत पर 100 से 150 फीट जगह मौजूद होनी चाहिए।

एक किलोवाट के संयंत्र को लगाने में 70-75 हजार रुपये का खर्च आता है। इसमें सरकार एक किलोवाट के प्लांट पर 15000 हजार और दो किलोवाट के प्लांट 30 हजार का अधिकतम अनुदान देती है। आवेदक को अनुदान हासिल करने के लिए घर में जितने वाट का कनेक्शन है, उतने ही किलोवाट केे संयंत्र को लगाने पर सरकारी मदद मिलती है।  
 
गैलेंट इस्पात में तीन हजार किलोवाट का लग रहा संयंत्र
सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने में सरकारी संस्थानों की अपेक्षा प्राइवेट संस्थान ज्यादा उत्साहित हैं। यही वजह है कि ये संस्थान बिना अनुदान के लिए अपने अपने संस्थानों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इनमें सहजनवां स्थित गैलेंट इस्पाल लिमिटेड सबसे आगे है, यहां 3000 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाना प्रस्तावित है।

इसका शिलान्यास पिछले वर्ष योगी आदित्यनाथ ने किया है। वहीं प्राइवेट विद्यालय, बैंक और कई औद्योगिक इकाइयां भी इसे लगाने की कवायद शुरू कर चुकी हैं।

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