भारत नेपाल सीमा पर लापरवाही पड़ सकती है भारी, चौकसी के बाद भी ऐसे बॉर्डर पार कर रहे हैं लोग
- सीमा सील होने पर भी अनाधिकृत रूप से कुछ नेपाली पहुंच जा रहे सोनौली
- सुरक्षा एजेंसियां चौकस फिर भी पहुंच रहे हैं नेपाली नागरिक
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कोरोना महामारी के वजह से भारत नेपाल सीमा सील है। किसी को आने जाने की छूट नहीं है। फिर भी सुरक्षा एजेंसियों की आंख में धुल झोंककर नेपाली नागरिक सरहद पार हो जा रहे हैं। जबकि कड़ी चौकसी के दावे किए जा रहे हैं। वहीं सोनौली कस्बे के लोग चिंतित है कि नेपाल में अभी कोरोना का प्रभाव तेज है। यह लापरवाही कहीं भारी न पड़ जाय।
बीते तीन महीने से नेपाल में लॉकडाउन होने के साथ ही सीमा सील है। ऐसे में काम काज में कोई परेशानी न हो, इसे ध्यान में रखते हुए ट्रांसपोर्ट एवं एजेंट एसोसिएशन की आईडी पर स्थानीय प्रशासन ने आने जाने की छूट दी।
इसी तरह नेपाल में भी एजेंटो को आईडी दिखाने के बाद आने जाने की छूट मिली है। इसके अलावा प्रशासन की अनुमति मिलने पर ही किसी को आने जाने दिया जा रहा है। इन दिनों कुछ नेपाली नागरिक सरहद पार हो जा रहे हैं। ऐसे में दिनभर सोनौली कस्बे में कपड़ा, किराना और मेडिकल स्टोर की दुकानों पर नेपाली नागरिकों को देखा जा सकता है।
भाजपा सोनौली मंडल अध्यक्ष प्रेम जायसवाल ने नाराजगी जताते हुए बताया कि नेपाल में अब स्थिति ठीक नहीं है। अगर ऐसे ही नेपाली नागरिक आते रहे तो कोरोना का खतरा बढ़ सकता है। उन्होनें तहा कि एजेंट और ट्रांसपोर्ट के परिचय पत्र को देख कर ही उन्हें भारत में प्रवेश दिया जाए।
क्षेत्राधिकारी नौतनवां राजू कुमार साव ने बताया कि एसोसिएशन की मांग के अनुसार वाहनों को पास कराने के लिए एजेंट और ट्रांसपोर्ट के कर्मचारी को परिचय पत्र दिखाने पर प्रवेश में छूट मिली है। इसके विपरीत अगर कोई पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वैसे भी सीमा सील है। सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। किसी को आने जाने नहीं दिया जा रहा है।