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Gorakhpur News: चिड़िया उड़ाएंगे तो ताकते रह जाएंगे...112 डायल करेंगे तभी पहुंचेगी पुलिस

Mon, 22 May 2023 12:47 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 22 May 2023 12:47 AM IST
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In serious cases, people are complaining on Twitter for immediate help, police are unable to pay attention
- गंभीर मामलों में लोग तत्काल मदद के लिए ट्विटर पर कर रहे शिकायत, पुलिस नहीं दे पा रही ध्यान
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- पुलिस के ट्विटर पर साफ लिखा है, इमरजेंसी में न करें शिकायत, 24 घंटे नहीं होती निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। घर को मनबढ़ों ने घेर लिया या फिर डॉक्टर की लापरवाही में पुलिस की तत्काल मदद के लिए ट्वीट करके अगर बैठ जाते हैं तो पुलिस की राह ताकते रह जाएंगे। 112 डायल करेंगे तभी इमरजेंसी सेवा मिल पाएगी। ट्विटर पर पुलिस 24 घंटे निगरानी नहीं करती है। इसे पुलिस घंटों बाद देख पाती है और मदद के लिए नंबर मांगती है। तब तक देर हो जाती है। आम लोगों को अब पुलिस समझाने की कोशिश कर रही है कि ट्विटर इमरजेंसी के लिए नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, बदलते वक्त को देखते हुए पुलिस ने सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर आने वाले शिकायतों को न सिर्फ देखा जाता है, बल्कि उस पर कार्रवाई भी की जाती है। ट्विटर पर भी आने वाले प्रार्थना पत्र पर पुलिस केस दर्ज कर कार्रवाई करती है, लेकिन कई लोग इसे इमरजेंसी में इस्तेमाल करने लगे हैं, जिससे पुलिस मददगार नहीं बन पा रही है। पुलिस की नजर जब तक उनके ट्वीट पर पड़ रही है, तब तक देरी हो जा रही है। फिर लोग शिकायत दर्ज करा रहे हैं कि पुलिस ने मदद नहीं की। अब इसे लेकर पुलिस ने सोशल मीडिया पर ही अभियान छेड़ा है कि इमरजेंसी की शिकायतें न करें।
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केस एक
अर्पणा सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि दाउदपुर के एक डॉक्टर के क्लीनिक पर हैं। डॉक्टर के वहां मैंने अपनी बेटी को दिखाया, उसके पेट में और हाथ पैर में दर्द रहता था तो दवा देकर भेज दिया गया। दिक्कत फिर भी बनी रही तो 10 मिनट बाद गई तो उन्होंने नहीं देखा। कर्मचारी झगड़ा करने लगे। मदद करें। पुलिस ने अगले दिन देखा फिर जवाब दिया कि अपना नंबर दें।
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केस दो
ब्रह्मदेव सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि मैं आठ बजे तक गांव पहुंच जाऊंगा। पूरी आशंका है कि गांव के कुछ लोग मेरे ऊपर जानलेवा हमला कर सकते हैं। मुझे तत्काल पुलिस प्रशासन की मदद चाहिए। पुलिस मदद नहीं करेगी तो कुछ भी हो सकता है। पुलिस ने इसे देर रात देखा और फिर स्थानीय थाने पर प्रार्थना पत्र देने को कहा गया।

केस तीन
दीपक कुमार ने ट्वीट कर लिखा कि बीती रात उनके पड़ोसी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर मारपीट की है। फिर सभी घर को घेरकर हत्या करने की योजना बना रहे हैं। रात में आए ट्वीट को पुलिस ने अगली सुबह देखा। हालांकि, इसके बाद दीपक ने पुलिस से संपर्क कर लिया और वारदात रुक गई थी।


कोट
ट्वीट करने पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन जिन मामलों में पुलिस की तत्काल मदद चाहिए, उसके लिए डायल 112 या थाने के नंबर पर संपर्क करना चाहिए। पुलिस के ट्विटर पर साफ-साफ लिखा भी होता है कि यहां पर अपराध संबंधित सूचना न दें। इसकी मानीटरिंग 24 घंटे नहीं हो पाती है। इमरजेंसी में 112 डायल करें।
डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी
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