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सिंदूर में भी धंधेबाजी: 'एक चुटकी सिंदूर की कीमत'...माथे पर काले दाग और गंजापन- जानिए कैसे करें बचाव

Sun, 17 Nov 2024 11:37 AM IST
रोहित सिंह वंदना तिवारी, गोरखपुर
वंदना तिवारी, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Sun, 17 Nov 2024 11:37 AM IST
सार

महिलाओं को असली और नकली सिंदूर की पहचान बहुत जरूरी है। चूना और हल्दी से असली सिंदूर तैयार किया जाता है। ज्यादा चमकदार के चक्कर में महिलाएं मिलावटी सिंदूर खरीदती हैं और फिर त्वचा से संबंधित रोगों से परेशान रहती हैं। यह कहना है पांडेयहाता के नोमीलाल का, जो सिंदूर के कारोबारी हैं। वह बताते हैं- सिंदूर में मरकरी सल्फेट, आर्टिफिशियल कलर और सिंथेटिक पाउडर खूब मिलाया जा रहा है।

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In Gorakhpur, businessmen have started adulterating vermillion, it is affecting the body.
सिंदूर - फोटो : adobe stock

विस्तार

एक चुटकी सिंदूर की कीमत, तुम क्या जानो रमेश बाबू..! यह डायलॉग आज भी लोगों के जेहन में घूमता है, लेकिन अब महिलाओं को सिंदूर की भारी कीमत भुगतनी पड़ रही है। वे माथे पर काले दाग ही नहीं, गंजेपन से भी परेशान हैं। वजह है कि मिलावटखोरों ने पवित्र सिंदूर को भी नहीं बख्शा। उसे ज्यादा चमकदार बनाने के लिए पारा और मरकरी सल्फेट जैसे केमिकल मिला रहे हैं। वहीं, अरारोट मिलाकर इसे पतला कर देते हैं।
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पति की सलामती के लिए जिस सिंदूर को महिलाएं माथे पर लगाती हैं, उससे उनके माथे पर काले धब्बे बन जा रहे हैं। एलर्जी (चर्म रोग) के साथ गंजापन भी होने लगा है। एम्स में इन बीमारियों से पीड़ित कई महिलाएं तकरीबन रोजाना पहुंच रही हैं।
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सिंदूर के व्यापारी महेंद्र सिंह ने बताया कि सिंदूर वाराणसी और हाथरस से मंगाया जाता है। 10, 20 और 40 किलो की बोरी में आती है। जक्शन, गज्जी वैरायटी ही शुद्ध सिंदूर हैं। ज्यादा चमक बनी रहे, इसके लिए सिंदूर में धंधेबाज पारा मिला देते हैं। अगर पारा की मात्रा ज्यादा हो जाए तो वह खतरनाक हो जाता है।
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उन्होंने बताया कि पारा वाले सिंदूर की कीमत छह से सात सौ रुपये किलो तक है। इसे जलाने पर पारा के कण-कण अलग दिखते हैं। यह काफी वजनदार होता है। इसमें भी अरारोट मिलाकर पतला कर दिया जाता है। एक किलो शुद्ध सिंदूर में चार किलो तक अरारोट की मिलावट होती है। यह सिंदूर बहुत हल्का होता है।

एम्स में त्वचा रोग विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. शिवांगी राणा बताती हैं-बाजार में बिकने वाला सिंदूर सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक है। इसे लगाने वाली महिलाओं को त्वचा की कई तरह की समस्याएं हो रही हैं। मिलावटी सिंदूर की एलर्जी से परेशान महिलाएं रोजाना इलाज के लिए आ रही हैं।

 

In Gorakhpur, businessmen have started adulterating vermillion, it is affecting the body.
मिलावटी सिंदूर लगाने से माथे पर पड़ जा रहे हैं ऐसे निशान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चर्म रोग की ओपीडी में प्रतिदिन चार से पांच महिलाएं सिंदूर लगाने से खुजली, बाल झड़ने, माथे पर काले और लाल निशान बनने, माथा गहरा काला पड़ने और माथे पर घाव आदि की समस्या लेकर आती हैं। उन्हें ऐसे सिंदूर का उपयोग नहीं करने की सलाह दी जा रही है। संवाद

सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है पारा
डॉक्टर शिवांगी राणा कहती हैं-सिंदूर में मिलाया जा रहा अत्यधिक पारा और मरकरी सल्फेट स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। पारा एक न्यूरोटॉक्सिन है, जो सेहत के लिए जोखिम पैदा करता है। 35 से 40 वर्ष की महिलाओं में इस समस्या के ज्यादातर केस आ रहे हैं। पारा नर्वस, डाइजेशन सिस्टम, फेफड़े, गुर्दे, त्वचा, आंखों और इम्यूनिटी पर भी असर डालता है: डॉ अमित यादव, त्वचा रोग विशेषज्ञ

केस-एक
35 वर्षीय एक महिला पांच वर्षों से बाजार में मिलने वाले सस्ते सिंदूर का उपयोग करती थी। इसके बाद महिला को धीरे-धीरे माथे पर खुजली, सूजन और लाल धब्बे की समस्या होने लगी। माथे के साथ सिर के आगे के भाग में समस्या ज्यादा होने पर वह इलाज के लिए एम्स में आईं। अब उनका इलाज चल रहा है।

केस-दो
25 वर्षीय एक महिला माथे पर काले दाग से परेशान होकर इलाज कराने के लिए दो माह पहले आई। सिर के आगे के बाल पूरी तरह से झड़ चुके थे। डॉक्टर ने इलाज के साथ महिला को सिंदूर का उपयोग नहीं करने की सलाह दी।


 

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डॉ शिवांगी राणा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

चमक पर न जाएं..चूना-हल्दी वाला असली सिंदूर ही लगाएं
महिलाओं को असली और नकली सिंदूर की पहचान बहुत जरूरी है। चूना और हल्दी से असली सिंदूर तैयार किया जाता है। ज्यादा चमकदार के चक्कर में महिलाएं मिलावटी सिंदूर खरीदती हैं और फिर त्वचा से संबंधित रोगों से परेशान रहती हैं। यह कहना है पांडेयहाता के नोमीलाल का, जो सिंदूर के कारोबारी हैं।

वह बताते हैं- सिंदूर में मरकरी सल्फेट, आर्टिफिशियल कलर और सिंथेटिक पाउडर खूब मिलाया जा रहा है। ये ज्यादा चमकदार और गहरे दिखते हैं। साथ ही सस्ते में मिल जाते हैं। असली सिंदूर के मुकाबले ये छह गुना सस्ते होते हैं।

नकली और असली सिंदूर की पहचान
- असली सिंदूर भारी होता है, जबकि नकली सिंदूर हल्का होता है।
- नकली सिंदूर जलाने पर राख हो जाता है, जबकि असली गुटखा की तरह हो जाता है।

- सिंदूर को हाथों में पानी लगाकर रखने पर असली सिंदूर बह जाता है, जबकि मिलावटी का रंग हाथों पर चिपक जाता है।
- असली सिंदूर को हथेली में रखकर फूंक मारने से पूरी तरह से उड़ जाता है, जबकि नकली सिंदूर के कण हाथों पर रह जाते हैं।
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