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गोरखपुर: क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन की मांग, आईएमए के पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर सौंपा ज्ञापन
Wed, 08 Dec 2021 01:26 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 08 Dec 2021 01:26 PM IST
सार
पदाधिकारियों ने कहा कि नोटिफाई किया गया क्लीनिकल एक्ट पूरी तरह से अव्यवहारिक है। यह एक्ट जनता और डॉक्टरों के हित में नहीं है। ऐसे में इस पर दोबारा विचार करते हुए संशोधन किया जाए।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह से मुलाकात कर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पदाधिकारियों ने मंगलवार को पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा। आईएमए अध्यक्ष डॉ. शिवशंकर शाही के तारामंडल स्थित आवास पर स्वास्थ्य मंत्री से आईएमए पदाधिकारियों की मुलाकात हुई।
ज्ञापन सौंप कर पदाधिकारियों ने कहा कि नोटिफाई किया गया क्लीनिकल एक्ट पूरी तरह से अव्यवहारिक है। यह एक्ट जनता और डॉक्टरों के हित में नहीं है। ऐसे में इस पर दोबारा विचार करते हुए संशोधन किया जाए। 50 बेड तक सभी क्लीनिकों को इससे बाहर रखा जाए। सभी नैदानिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण के लिए सीएमओ की अध्यक्षता में कमेटी का गठन हो। इसमें आईएमए के दो पदाधिकारियों को शामिल किए जाए। एक्ट को चुनाव तक पूरी तरह से स्थगित रखा जाए और भविष्य में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए। रजिस्ट्रेशन प्रतिवर्ष की जगह पांच साल के पार किया जाए।
स्वास्थ्य मंत्री ने मांगों पर विचार का आश्वासन दिया। इस दौरान डॉ. शिवशंकर शाही के अलावा डॉ. डीके सिंह, डॉ. यादवेंद्र सिंह, आईएमए उपाध्यक्ष डॉ. अमित मिश्रा, कोषाध्यक्ष डॉ. अजय शुक्ला, मीडिया प्रभारी डॉ. इमरान अख्तर, डॉ. शांतनु अग्रवाल, डॉ. प्रकाश चंद शाही मौजूद रहे।
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ज्ञापन सौंप कर पदाधिकारियों ने कहा कि नोटिफाई किया गया क्लीनिकल एक्ट पूरी तरह से अव्यवहारिक है। यह एक्ट जनता और डॉक्टरों के हित में नहीं है। ऐसे में इस पर दोबारा विचार करते हुए संशोधन किया जाए। 50 बेड तक सभी क्लीनिकों को इससे बाहर रखा जाए। सभी नैदानिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण के लिए सीएमओ की अध्यक्षता में कमेटी का गठन हो। इसमें आईएमए के दो पदाधिकारियों को शामिल किए जाए। एक्ट को चुनाव तक पूरी तरह से स्थगित रखा जाए और भविष्य में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए। रजिस्ट्रेशन प्रतिवर्ष की जगह पांच साल के पार किया जाए।
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स्वास्थ्य मंत्री ने मांगों पर विचार का आश्वासन दिया। इस दौरान डॉ. शिवशंकर शाही के अलावा डॉ. डीके सिंह, डॉ. यादवेंद्र सिंह, आईएमए उपाध्यक्ष डॉ. अमित मिश्रा, कोषाध्यक्ष डॉ. अजय शुक्ला, मीडिया प्रभारी डॉ. इमरान अख्तर, डॉ. शांतनु अग्रवाल, डॉ. प्रकाश चंद शाही मौजूद रहे।
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