{"_id":"6a84c9079a604cce780d3fe9","slug":"illegal-plotting-on-570-acres-of-land-demolished-gorakhpur-news-c-7-gkp1062-1421942-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: 5.70 एकड़ जमीन पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: 5.70 एकड़ जमीन पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
विज्ञापन
गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग के खिलाफ मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने थाना बेलीपार क्षेत्र के दो गांवों में अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर करीब 5.70 एकड़ जमीन को मुक्त कराया।
जीडीए अधिकारियों के अनुसार, ग्राम पिछौरा में उमेश शुक्ला, रामू शुक्ला व अन्य की ओर से करीब 3000 वर्गमीटर भूमि में की गई अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। इसके अलावा ग्राम बेतुआ उर्फ चनऊ में करीब 20 हजार वर्गमीटर भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई। अभियान के दौरान सहायक अभियंता धर्मेश, अवर अभियंता प्रभात कुमार, राकेश कुमार, संदीप सोनी समेत प्रवर्तन स्टाफ और क्षेत्रीय पुलिस बल मौजूद रहा। टीम ने अवैध रूप से विकसित किए जा रहे प्लॉट और निर्माण से जुड़े ढांचों को हटाया।
उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि बिना स्वीकृत मानचित्र या ले-आउट के किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग पूरी तरह गैरकानूनी है। ऐसी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि जमीन खरीदने से पहले संबंधित कॉलोनी और ले-आउट की वैधता की जांच जरूर कर लें ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
जीडीए अधिकारियों के अनुसार, ग्राम पिछौरा में उमेश शुक्ला, रामू शुक्ला व अन्य की ओर से करीब 3000 वर्गमीटर भूमि में की गई अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। इसके अलावा ग्राम बेतुआ उर्फ चनऊ में करीब 20 हजार वर्गमीटर भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई। अभियान के दौरान सहायक अभियंता धर्मेश, अवर अभियंता प्रभात कुमार, राकेश कुमार, संदीप सोनी समेत प्रवर्तन स्टाफ और क्षेत्रीय पुलिस बल मौजूद रहा। टीम ने अवैध रूप से विकसित किए जा रहे प्लॉट और निर्माण से जुड़े ढांचों को हटाया।
विज्ञापन
उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि बिना स्वीकृत मानचित्र या ले-आउट के किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग पूरी तरह गैरकानूनी है। ऐसी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि जमीन खरीदने से पहले संबंधित कॉलोनी और ले-आउट की वैधता की जांच जरूर कर लें ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।
विज्ञापन