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Gorakhpur News: अवैध सोना: सख्ती बढ़ी तो घरेलू हवाई सेवा के जरिए हो रही तस्करी
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धंधेबाजों के लिए मुफीद बनीं घरेलू उड़ानें, बच कर निकल जा रहे कस्टम जांच से
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अवैध सोने के धंधे के खिलाफ एजेंसियों ने सख्ती बरती तो धंधेबाजों ने घरेलू हवाई उड़ानों को तस्करी का जरिया बना लिया है। इससे वे आसानी से कस्टम जांच से बचकर निकल जा रहे हैं। कस्टम और अन्य एजेंसियों की तरफ से पिछले दिनों हुई कार्रवाई के दौरान मामला खुला तो अब घरेलू उड़ान सेवाओं का इस्तेमाल करने वालों की भी कस्टम जांच की तैयारी है। एजेंसियां इसका अनुमोदन कर सकती हैं।
जांच एजेंसी के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि इन दिनों इन दिनों म्यांमार से गुवाहाटी के रास्ते बड़े पैमाने पर सोने की तस्करी की जा रही है। म्यांमार के तस्कर भारतीय तस्करों को गुवाहाटी या डिब्रूगढ़ में सोने की खेप आसानी से पहुंचा देते हैं। इसमें माध्यम बनता है नागालैंड का दीमापुर रेलवे स्टेशन। सूत्रों का कहना है कि देश में सिर्फ ये इकलौता स्टेशन है, जहां से तीन राज्यों में एक ही रेलवे लाइन से सीधे प्रवेश हो जाता है। दीमापुर के स्टेशन लुमडिंग-डिब्रूगढ़ स्टेशन से ट्रेन के रास्ते असम, मणिपुर और नागालैंड तक ये खेप पहुंच रही।
धंधेबाज यहां से आस-पास के राज्यों तक सड़क मार्ग से पहुंच जाते हैं। इसके बाद घरेलू उड़ान के सहारे दिल्ली, लखनऊ और पटना तक पहुंचते हैं। दीमापुर के आस-पास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ नहीं बन पाती। इसके अलावा इन इलाकों में पुलिसिया कार्रवाई करने में भी काफी दिक्कतें उठानी पड़ती है, इसी का फायदा धंधेबाज उठाते हैं। सूत्रों ने दावा किया कि अब सोने की तस्करी में इसी मॉड्यूल का इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है।
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धंधेबाजी में कई सफेदपोश भी शामिल
जांच एजेंसी के पास सफेदपोशों के भी अवैध सोने के नेटवर्क से जुड़े होने की सूचना है। तारामंडल इलाके के एक बड़ा नाम, जो कोलकाता से बैंकॉक तक सक्रिय है, इसकी पहुंच भी इन सफेदपोशों के पास गहरी है। इसके अलावा चौरीचौरा और देवरिया में भी कुछ सफेदपोश हैं, जो इस धंधे में सक्रिय हैं।
हिंदी बाजार जांच करने चार-पांच अफसर पहुंचे थे
सूत्रों ने बताया कि साढ़े चार बजे की फ्लाइट से कोलकाता और गुवाहाटी से जांच एजेंसी के चार से पांच अधिकारी भी गोरखपुर आए थे। करीब ढाई बजे उन्होंने कोलकाता से फ्लाइट ली थी और साढ़े चार बजे करीब गोरखपुर एयरपोर्ट पर उतरे। एयरपोर्ट पर ही जांच एजेंसी की टीम के अधिकारी उन्हें लेने पहुंचे थे। इसी के बाद ये अधिकारी हिंदी बाजार के धंधेबाज के घर और दुकान की जांच करने भी गए थे।
धंधेबाज को गिरफ्तार कर भिजवाया जेल
हिंदी बाजार के धंधेबाज को डीआरआई ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। सूत्रों ने बताया कि पूछताछ में सोने का सीधा कनेक्शन जिससे था, वह एजेंसी के सामने आ गया। सूत्रों ने बताया कि जांच टीम के लिए मेटल और उसका स्वामित्व, सिर्फ इसी से संबंध होता है। ऐसे में दोनों एजेंसी के हत्थे चढ़ गए। इसी आधार पर इनके खिलाफ केस पंजीकृत कर धंधेबाज को बुधवार की शाम पांच बजे जेल भिजवा दिया गया था। सूत्रों ने बताया कि डीआरआई की ओर से की गई गिरफ्तारी में 58 दिन तक किसी तरह की कोई पैरवी या जमानत की अपील नहीं की जा सकती। 59वें दिन से जमानत के लिए आवेदन किया जाता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अवैध सोने के धंधे के खिलाफ एजेंसियों ने सख्ती बरती तो धंधेबाजों ने घरेलू हवाई उड़ानों को तस्करी का जरिया बना लिया है। इससे वे आसानी से कस्टम जांच से बचकर निकल जा रहे हैं। कस्टम और अन्य एजेंसियों की तरफ से पिछले दिनों हुई कार्रवाई के दौरान मामला खुला तो अब घरेलू उड़ान सेवाओं का इस्तेमाल करने वालों की भी कस्टम जांच की तैयारी है। एजेंसियां इसका अनुमोदन कर सकती हैं।
जांच एजेंसी के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि इन दिनों इन दिनों म्यांमार से गुवाहाटी के रास्ते बड़े पैमाने पर सोने की तस्करी की जा रही है। म्यांमार के तस्कर भारतीय तस्करों को गुवाहाटी या डिब्रूगढ़ में सोने की खेप आसानी से पहुंचा देते हैं। इसमें माध्यम बनता है नागालैंड का दीमापुर रेलवे स्टेशन। सूत्रों का कहना है कि देश में सिर्फ ये इकलौता स्टेशन है, जहां से तीन राज्यों में एक ही रेलवे लाइन से सीधे प्रवेश हो जाता है। दीमापुर के स्टेशन लुमडिंग-डिब्रूगढ़ स्टेशन से ट्रेन के रास्ते असम, मणिपुर और नागालैंड तक ये खेप पहुंच रही।
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धंधेबाज यहां से आस-पास के राज्यों तक सड़क मार्ग से पहुंच जाते हैं। इसके बाद घरेलू उड़ान के सहारे दिल्ली, लखनऊ और पटना तक पहुंचते हैं। दीमापुर के आस-पास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ नहीं बन पाती। इसके अलावा इन इलाकों में पुलिसिया कार्रवाई करने में भी काफी दिक्कतें उठानी पड़ती है, इसी का फायदा धंधेबाज उठाते हैं। सूत्रों ने दावा किया कि अब सोने की तस्करी में इसी मॉड्यूल का इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है।
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धंधेबाजी में कई सफेदपोश भी शामिल
जांच एजेंसी के पास सफेदपोशों के भी अवैध सोने के नेटवर्क से जुड़े होने की सूचना है। तारामंडल इलाके के एक बड़ा नाम, जो कोलकाता से बैंकॉक तक सक्रिय है, इसकी पहुंच भी इन सफेदपोशों के पास गहरी है। इसके अलावा चौरीचौरा और देवरिया में भी कुछ सफेदपोश हैं, जो इस धंधे में सक्रिय हैं।
हिंदी बाजार जांच करने चार-पांच अफसर पहुंचे थे
सूत्रों ने बताया कि साढ़े चार बजे की फ्लाइट से कोलकाता और गुवाहाटी से जांच एजेंसी के चार से पांच अधिकारी भी गोरखपुर आए थे। करीब ढाई बजे उन्होंने कोलकाता से फ्लाइट ली थी और साढ़े चार बजे करीब गोरखपुर एयरपोर्ट पर उतरे। एयरपोर्ट पर ही जांच एजेंसी की टीम के अधिकारी उन्हें लेने पहुंचे थे। इसी के बाद ये अधिकारी हिंदी बाजार के धंधेबाज के घर और दुकान की जांच करने भी गए थे।
धंधेबाज को गिरफ्तार कर भिजवाया जेल
हिंदी बाजार के धंधेबाज को डीआरआई ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। सूत्रों ने बताया कि पूछताछ में सोने का सीधा कनेक्शन जिससे था, वह एजेंसी के सामने आ गया। सूत्रों ने बताया कि जांच टीम के लिए मेटल और उसका स्वामित्व, सिर्फ इसी से संबंध होता है। ऐसे में दोनों एजेंसी के हत्थे चढ़ गए। इसी आधार पर इनके खिलाफ केस पंजीकृत कर धंधेबाज को बुधवार की शाम पांच बजे जेल भिजवा दिया गया था। सूत्रों ने बताया कि डीआरआई की ओर से की गई गिरफ्तारी में 58 दिन तक किसी तरह की कोई पैरवी या जमानत की अपील नहीं की जा सकती। 59वें दिन से जमानत के लिए आवेदन किया जाता है।