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Gorakhpur News: डीडीयू से पुरानी डिग्री चाहिए तो लगाते रह जाएंगे चक्कर, तीन माह से पहले भूल जाइए
Fri, 17 May 2024 04:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 17 May 2024 04:46 AM IST
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- पुरानी डिग्री लेने में लग जा रहे तीन से चार महीने
- ऑनलाइन पोर्टल से मिलेगी केवल 2023 के बाद की डिग्री
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। आप नौकरी कर रहे हैं और बरसों पुरानी डिग्री चाहिए तो भूल जाइए कि आपको यह जल्दी मिल पाएगी। कितना भी चक्कर लगाएंगे, लेकिन तीन महीने से पहले यह नहीं मिलेगी। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पिछले कुछ समय में कई चीजें सुधरीं, लेकिन डिग्री का काम अब भी सुस्त पड़ा हुआ है। तमाम कोशिशों के बावजूद आवेदकों को पुरानी डिग्री हासिल करने में काफी पापड़ बेलने पड़ रहे हैं।
आमतौर पर विश्वविद्यालय में पुरानी डिग्री आवेदन के 30 दिनों में मिल जानी चाहिए। लेकिन इस वक्त इसमें तीन से चार महीने लग जा रहे हैं। मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कर्मचारियों की डिग्री मांगी जा रही है। इसकी वजह से इस समय आवेदन भी बढ़ गए हैं। यदि डिग्री समय से छपकर आ गई है तो उसको चेक करने में समय लग जा रहा है। कई बार मिलने के बाद नाम में भी कुछ गड़बड़ी सामने आ रही है। इसकी वजह से आवेदकों को महीनों प्रशासनिक भवन के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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केस एक
ओम प्रकाश सिंह ने अपनी 1982 की बीए की डिग्री के लिए फरवरी में आवेदन किया था। उनको इसे मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना था। आवेदन के कुछ दिनों बाद से वह विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं। 15 मई को वह इसकी स्थिति पता करने पहुंचे तो उनको बताया गया कि आपकी डिग्री छपकर आ गई है, लेकिन इसको जांचने में एक हफ्ते का वक्त लगेगा। ओम प्रकाश ने बताया कि तीन महीने से दौड़ रहे हैं, लेकिन डिग्री कब मिलेगी इसका कुछ पता नहीं।
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केस दो
अनिरुद्ध कुमार मिश्र ने अपनी सन् 2000 में उत्तीर्ण की बीए की डिग्री के लिए दिसंबर 2023 में आवेदन किया था। करीब छह महीने हो गए लेकिन उनको डिग्री नहीं मिली। इसके लिए कई बार विश्वविद्यालय आए लेकिन कोई हल नहीं निकला। कर्मचारियों से एक ही जवाब मिलता है कि जल्द ही आपको डिग्री मिल जाएगी।
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मिलने के बाद नाम में गड़बड़ी
महीनों चक्कर काटने के बाद यदि आवेदक को डिग्री मिल भी जा रही है तो उसमें गलती की वजह से उनको दोबारा घूमना पड़ रहा है। भूपेंद्र ने मार्च में डिग्री के लिए आवेदन किया था। लगभग 10 बार विश्वविद्यालय के चक्कर काटने के बाद मई में उनको डिग्री मिल गई। जब मिली तो पता चला कि उसमें नाम की स्पेलिंग गलत है। इसके बाद उन्होंने इसमें सुधार के लिए आवेदन किया है।
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ऑनलाइन नहीं मिलेंगी पुरानी डिग्री
विश्वविद्यालय ने डिग्री और अन्य प्रमाण पत्रों को आसानी से उपलब्ध कराने के लिए सर्व पोर्टल लॉन्च किया है। इससे विद्यार्थी घर बैठे डिग्री मंगवा सकेंगे, लेकिन यह सुविधा 2023 के बाद पास हुए विद्यार्थियों को ही मिलेगी। पुराने विद्यार्थियों को डिग्री के लिए ऑफलाइन ही आवेदन करना होगा।
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2023 की मार्कशीट कॉलेजों में नहीं पहुंची
डिग्री के अलावा मार्कशीट को लेकर भी बहुत सारे विद्यार्थी परेशान हैं। 2023 में परास्नातक उत्तीर्ण करने वाले कॉलेज के विद्यार्थियों को अभी उनकी मार्कशीट नहीं मिली है। कॉलेज का कहना है कि अभी यह विश्वविद्यालय से नहीं आई है। इसकी वजह से विद्यार्थियों को प्रवेश की काउंसिलिंग और नौकरी के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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कोट...
लंबित पड़ी पुरानी डिग्री को काफी तेजी से जारी किया जा रहा है। इधर एक साथ पुरानी डिग्री की मांग बहुत बढ़ गई है। अब डिग्री के लिए ऑनलाइन व्यवस्था भी कर दी गई है तो आगे से लोगों को डिग्री के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति
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- ऑनलाइन पोर्टल से मिलेगी केवल 2023 के बाद की डिग्री
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। आप नौकरी कर रहे हैं और बरसों पुरानी डिग्री चाहिए तो भूल जाइए कि आपको यह जल्दी मिल पाएगी। कितना भी चक्कर लगाएंगे, लेकिन तीन महीने से पहले यह नहीं मिलेगी। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पिछले कुछ समय में कई चीजें सुधरीं, लेकिन डिग्री का काम अब भी सुस्त पड़ा हुआ है। तमाम कोशिशों के बावजूद आवेदकों को पुरानी डिग्री हासिल करने में काफी पापड़ बेलने पड़ रहे हैं।
आमतौर पर विश्वविद्यालय में पुरानी डिग्री आवेदन के 30 दिनों में मिल जानी चाहिए। लेकिन इस वक्त इसमें तीन से चार महीने लग जा रहे हैं। मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कर्मचारियों की डिग्री मांगी जा रही है। इसकी वजह से इस समय आवेदन भी बढ़ गए हैं। यदि डिग्री समय से छपकर आ गई है तो उसको चेक करने में समय लग जा रहा है। कई बार मिलने के बाद नाम में भी कुछ गड़बड़ी सामने आ रही है। इसकी वजह से आवेदकों को महीनों प्रशासनिक भवन के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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केस एक
ओम प्रकाश सिंह ने अपनी 1982 की बीए की डिग्री के लिए फरवरी में आवेदन किया था। उनको इसे मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना था। आवेदन के कुछ दिनों बाद से वह विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं। 15 मई को वह इसकी स्थिति पता करने पहुंचे तो उनको बताया गया कि आपकी डिग्री छपकर आ गई है, लेकिन इसको जांचने में एक हफ्ते का वक्त लगेगा। ओम प्रकाश ने बताया कि तीन महीने से दौड़ रहे हैं, लेकिन डिग्री कब मिलेगी इसका कुछ पता नहीं।
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केस दो
अनिरुद्ध कुमार मिश्र ने अपनी सन् 2000 में उत्तीर्ण की बीए की डिग्री के लिए दिसंबर 2023 में आवेदन किया था। करीब छह महीने हो गए लेकिन उनको डिग्री नहीं मिली। इसके लिए कई बार विश्वविद्यालय आए लेकिन कोई हल नहीं निकला। कर्मचारियों से एक ही जवाब मिलता है कि जल्द ही आपको डिग्री मिल जाएगी।
मिलने के बाद नाम में गड़बड़ी
महीनों चक्कर काटने के बाद यदि आवेदक को डिग्री मिल भी जा रही है तो उसमें गलती की वजह से उनको दोबारा घूमना पड़ रहा है। भूपेंद्र ने मार्च में डिग्री के लिए आवेदन किया था। लगभग 10 बार विश्वविद्यालय के चक्कर काटने के बाद मई में उनको डिग्री मिल गई। जब मिली तो पता चला कि उसमें नाम की स्पेलिंग गलत है। इसके बाद उन्होंने इसमें सुधार के लिए आवेदन किया है।
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ऑनलाइन नहीं मिलेंगी पुरानी डिग्री
विश्वविद्यालय ने डिग्री और अन्य प्रमाण पत्रों को आसानी से उपलब्ध कराने के लिए सर्व पोर्टल लॉन्च किया है। इससे विद्यार्थी घर बैठे डिग्री मंगवा सकेंगे, लेकिन यह सुविधा 2023 के बाद पास हुए विद्यार्थियों को ही मिलेगी। पुराने विद्यार्थियों को डिग्री के लिए ऑफलाइन ही आवेदन करना होगा।
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2023 की मार्कशीट कॉलेजों में नहीं पहुंची
डिग्री के अलावा मार्कशीट को लेकर भी बहुत सारे विद्यार्थी परेशान हैं। 2023 में परास्नातक उत्तीर्ण करने वाले कॉलेज के विद्यार्थियों को अभी उनकी मार्कशीट नहीं मिली है। कॉलेज का कहना है कि अभी यह विश्वविद्यालय से नहीं आई है। इसकी वजह से विद्यार्थियों को प्रवेश की काउंसिलिंग और नौकरी के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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कोट...
लंबित पड़ी पुरानी डिग्री को काफी तेजी से जारी किया जा रहा है। इधर एक साथ पुरानी डिग्री की मांग बहुत बढ़ गई है। अब डिग्री के लिए ऑनलाइन व्यवस्था भी कर दी गई है तो आगे से लोगों को डिग्री के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति