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Gorakhpur News: रजिस्टर्ड एग्रीमेंट होंगे ज्यादा तो कम होंगे जमीन विवाद

Mon, 24 Jun 2024 04:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Mon, 24 Jun 2024 04:40 AM IST
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If there are more registered agreements, there will be less land disputes.
प्रदेश सरकार ने आवासीय, गैर आवासीय एवं व्यवसायिक संपत्ति के किरायानामा नियम बदलने का निर्णय लिया है इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। शुल्क कम होने से अधिक संख्या में लोग रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट करेंगे तो सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। वहीं, जमीन और मकान के विवाद भी इससे कम हो जाएंगे। हालांकि, अधिवक्ताओं एवं व्यापारियों सहित अन्य लोगों को शासनादेश का इंतजार है ताकि स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सके।
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फिलहाल शहरी क्षेत्र में आवासीय रेंट एग्रीमेंट करने पर किराए का 9 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में किराए का 7 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करना पड़ता है। इस शुल्क से बचने के लिए लोग 100 रुपये के स्टांप पर 11 माह के लिए एग्रीमेंट करते हैं। शुल्क अधिक होने के कारण शहर में किराए पर मकान देने वाले लोग भी रजिस्टर्ड एग्रीमेंट नहीं करते हैं। इस कारण किराएदारों का सत्यापन भी नहीं हो पाता है। कुछ मामलों में विवाद होने किराएदार का भी अहित होता है।
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स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की बैठक में रेंट एग्रीमेंट का रजिस्ट्रेशन शुल्क कम करने की पहल अच्छी है। हालांकि शासनादेश जारी होने के बाद विस्तृत जानकारी मिलेगी।
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रवि प्रकाश श्रीवास्तव, अधिवक्ता
रेंट एग्रीमेंट शुल्क कम होने से अधिक संख्या में लोग एग्रीमेंट कराएंगे। फिलहाल कुछ लोग जीएसटी में एक बार रेंट एग्रीमेंट दस्तावेज जमा करने के बाद रिनुअल नहीं कराते हैं, नियम बदलेगा तो डाटा भी सही होगा।
एजाज रिजवी,
अधिवक्ता

जीडीए से अब नक्शा पास कराना होगा आसान, लागू होगा फास्टपास



गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) में भवनों का नक्शा पास कराने की प्रक्रिया जल्द सरल होने जा रही है। इसके लिए ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (ओबीपीएएस) के स्थान पर फास्ट एंड सिम्पलीफाईड ट्रस्ट बेस्ड प्लान अप्रूवल सिस्टल (फास्टपास) यानी तेज और सरलीकृत ट्रस्ट आधारित योजना लागू करने जा रहा है। इसके लिए जीडीए में एक नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। योजना के लिए उसे प्रशिक्षित होते ही इसे लागू कर दिया जाएगा।

शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को जीडीए से मकान का नक्शा पास कराने के लिए काफी भागदौड़ करनी पड़ती है। इसको लेकर शासन स्तर पर ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (ओबीपीएएस) के स्थान पर फास्ट एंड सिम्पलीफाईड ट्रस्ट बेस्ड प्लान अप्रूवल सिस्टल (फास्टपास) यानी तेज और सरलीकृत ट्रस्ट आधारित योजना लागू करने जा रहा है। इस प्रणाली के लागू होने से नागरिकों को नक्शा पास कराने के लिए विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के लिए भाग-दौड़ करने से मुक्ति मिल जाएगी। नक्शे पास कराने के लिए ऑनलाइन एनओसी देने के लिए सभी विभागों में नोडल अफसर तैनात किए जा रहे हैं। जो ऑनलाइन नक्शा का आवेदन होने पर अपनी संस्तुति प्रदान कर देंगे।

फास्ट पास से एनओसी सिंगल विंडो से मिल जाएगा। यह प्रणाली सुविधाजनक है। इसके लिए एक नोडल अधिकारी नामित किया जा रहा है। उसे नई प्रणाली की जानकारी के लिए प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होते ही इस प्रणाली को लागू कर दिया जाएगा।

आनंद वर्द्धन, जीडीए उपाध्यक्ष

गीडा में निवेशकों को मिलेगी सहूलियत
रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट का नया नियम लागू होने से गीडा में निवेशकों को भी लाभ होगा। बैंक गारंटी, टाइम ड्यूटी शुल्क आदि में कमी आएगी तो जमीनें भी निवेशकों को सस्ती मिलेंगी। गीडा की सीईओ अनुज मलिक ने बताया कि गीडा में निवेशकों को जमीन लेने के लिए बैंक गारंटी जमा होती है। ड्यूटी शुल्क में कमी का सीधा फायदा निवेशकों को मिलेगा। गीडा की जमीन भी अन्य जगहों से सस्ती हो जाएगी, इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
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