किस ब्लड ग्रुप पर कोरोना का है ज्यादा असर, इस पर शोध करेगा आईसीएमआर
- आईसीएमआर की निगरानी में पूर्वांचल में होंगे शोध
- आरएमआरसी करेगा मरीजों का ब्योरा इकट्ठा
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कोरोना वायरस का असर किस ब्लड ग्रुप पर अब तक सबसे ज्यादा रहा है। इसे लेकर आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) अब शोध करेगा। आईसीएमआर की निगरानी में आरएमआरसी (रिजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर) पूर्वांचल के मरीजों का ब्योरा तैयार करेगा। इसके बाद उनके अनुवांशिक लक्षणों के आधार पर दवा बनाने में मदद मिलेगी।
कोरोना वायरस पर विश्व के कई देश शोध करने में जुटे हैं। शोध में अब तक वायरस को लेकर कोई सटीक जानकारी नहीं मिल सकी है। यही वजह है कि लगातार वायरस पर अध्ययन करने का सिलसिला जारी है। अब तक जहां लोग दवा और वैक्सीन बनाने में जुटे हैं।
वहीं, दूसरी ओर अब शोधकर्ता यह जानने की कोशिश में जुट गए हैं कि इस वायरस का असर किस ब्लड ग्रुप के लोगों पर ज्यादा है। इस पर आईसीएमआर ने शोध करने का फैसला लिया है। पूर्वांचल के सभी जिलों के मरीजों के ब्लड सैंपल के जरिए यह पता लगाया जाएगा। जरूरत के मुताबिक उनके डीएनए की जांच भी होगी, जिससे की संक्रमण की दर और उसकी पूरी हिस्ट्री पता की जा सके।
अमेरिका में हुए हैं शोध
आईसीएमआर के प्लानिंग कोआर्डिनेटर व आरएमआरसी के निदेशक डॉ रजनीकांत ने बताया कि अमेरिका के कुछ विशेषज्ञों ने इस पर शोध शुरू किए हैं। अब तक स्पष्ट नतीजों की जानकारी नहीं मिली है। लेकिन यह बात सामने आई है कि एक विशेष ब्लड ग्रुप पर वायरस का असर ज्यादा रहा है। उसी आधार पर आईसीएमआर इसे लेकर शोध करेगा। इससे पता लगेगा कि आखिर वायरस का असर किन ब्लड ग्रुप के लोगों पर ज्यादा रहा है।
सोशल मीडिया पर घूमते रहे हैं फर्जी न्यूज
डॉ रजनीकांत ने बताया कि अब तक किस ब्लड ग्रुप पर कोरोना असर ज्यादा रहा है कि इस पर देश भर में कोई शोध नहीं हुए हैं। ऐसे में सोशल मीडिया की खबरों से सावधान रहने की हिदायत दी है। बताया कि ऐसे आकड़े किसी भी संस्थान के पास नहीं है।
आईसीएमआर के निदेशक डॉ रजनीकांत ने कहा कि किस ब्लड ग्रुप कोरोना का असर ज्यादा रहा है। इस पर आईसीएमआर शोध करेगा। पूर्वांचल में आरएमआरसी मरीजों का ब्योरा इकट्ठा करेगा।