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धर्म कर्म: किस ग्रह को अर्घ्य देने से सभी ग्रह होते हैं मजबूत, जानिए क्या है विधि
Sat, 12 Jun 2021 05:12 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 12 Jun 2021 05:12 PM IST
सार
जिनका सूर्य कमजोर होते हैं उन्हें नियमित रुप से भगवान भाष्कर को अर्घ्य देना चाहिए। सूर्य को देखते हुए अर्घ्य देने से सूर्य के साथ नौ के नौ ग्रह भी मजबूत हो जाते हैं।
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सूर्य देव।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ग्रहों में सूर्य का विशेष महत्व है। इन्हें ग्रहों का राजा भी कहा जाता है। सूर्य सृष्टि के अंधकार को दूर कर उजाला फैलाते हैं। सूर्य स्वास्थ्य, राज्य, औषधि, पिता और खाद्य पदार्थों के कारक माने जाते हैं। जिनके कुंडली में सूर्य मजबूत होते हैं उन्हें सभी समस्याओं से निजात मिल जाती है। जिनका सूर्य कमजोर होते हैं उन्हें नियमित रूप से भगवान भाष्कर को अर्घ्य देना चाहिए। सूर्य को देखते हुए अर्घ्य देने से सूर्य के साथ नौ के नौ ग्रह भी मजबूत हो जाते हैं। ज्योतिषाचार्य राकेश उपाध्याय के अनुसार, आइए जानते हैं सूर्य को अर्घ्य कैसे दिया जाता है...
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ऐसे दें सूर्य का अर्घ्य
सबसे पहले सूर्य को जल अर्पित किए जाने वाले जल को लाल चंदन, सिंदूर और लाल फूल के साथ मिश्रित करें। अर्घ्य देते समय सूर्य की किरणों पर भी ध्यान देना चाहिए कि किरणें हल्की हो न कि बहुत तेज। अर्घ्य देते समय सूर्य मंत्र ‘ओम सूर्याय नमः’ का 11 बार जप करना चाहिए, इसके बाद सूर्य की ओर मुंह करते हुए तीन बार परिक्रमा करनी चाहिए।
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सूर्य को अर्घ्य देने के लिए केवल तांबे के बर्तन या ग्लास का ही इस्तेमाल करना चाहिए। इस दौरान गायत्री मंत्र का भी जाप करना भी शुभ माना जाता है। सूर्य पूर्व दिशा में निकलता है इसलिए अर्घ्य भी उसी दिशा में अर्पित करना फलदायी है।
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