{"_id":"65e631be3a8e974fe20edb74","slug":"hepatitis-has-greater-impact-on-people-with-weak-abilities-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-486645-2024-03-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: कमजोर क्षमता वाले लोगों पर हेपेटाइटिस का अधिक असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: कमजोर क्षमता वाले लोगों पर हेपेटाइटिस का अधिक असर
विज्ञापन
एम्स में गोरखपुर-बस्ती मंडल समेत प्रदेश के 17 जिलों के फार्मासिस्टों का हुआ प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सोमवार को एम्स में गोरखपुर-बस्ती मंडल के जिलों समेत प्रदेश के 17 जिलों के फार्मासिस्टों को प्रशिक्षण दिया गया। 10 सत्रों में हुए इस प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन एम्स के कार्यकारी निदेशक प्रो. जीके पाल ने किया। उन्होंने कहा कि बीमार व कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों पर हेपेटाइटिस का असर अधिक होता है।
कहा कि पूर्वांचल में इस बीमारी का कहर अधिक है। भले ही हेपेटाइटिस बी और सी के नियंत्रण पर जोर अधिक है, लेकिन हेपेटाइटिस ए और हेपेटाइटिस ई को भी हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। हेपेटाइटिस कमजोर लोगों में गंभीर बीमारी का कारण बनता है। इसके अलावा पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे और गर्भवती भी इसकी चपेट में आती हैं। शिविर में एम्स के वे विभिन्न विभाग जो हेपेटाइटिस उपचार में योगदान देते हैं, उनके फार्मासिस्ट भी शामिल थे।
डॉ. एचएस जोशी ने सभी का स्वागत किया। राज्य निगरानी अधिकारी, आईडीएसपी डॉ. विकासेंदु अग्रवाल भी वर्चुअल रूप से इससे जुड़े रहे। डॉ. आनंद मोहन दीक्षित, डॉ. अनिल कोपरकर, डॉ. प्रदीप खरया, डॉ. रमाशंकर रथ, डॉ. विवेक हाडा, डॉ. अरूप मोहंती आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सोमवार को एम्स में गोरखपुर-बस्ती मंडल के जिलों समेत प्रदेश के 17 जिलों के फार्मासिस्टों को प्रशिक्षण दिया गया। 10 सत्रों में हुए इस प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन एम्स के कार्यकारी निदेशक प्रो. जीके पाल ने किया। उन्होंने कहा कि बीमार व कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों पर हेपेटाइटिस का असर अधिक होता है।
कहा कि पूर्वांचल में इस बीमारी का कहर अधिक है। भले ही हेपेटाइटिस बी और सी के नियंत्रण पर जोर अधिक है, लेकिन हेपेटाइटिस ए और हेपेटाइटिस ई को भी हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। हेपेटाइटिस कमजोर लोगों में गंभीर बीमारी का कारण बनता है। इसके अलावा पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे और गर्भवती भी इसकी चपेट में आती हैं। शिविर में एम्स के वे विभिन्न विभाग जो हेपेटाइटिस उपचार में योगदान देते हैं, उनके फार्मासिस्ट भी शामिल थे।
विज्ञापन
डॉ. एचएस जोशी ने सभी का स्वागत किया। राज्य निगरानी अधिकारी, आईडीएसपी डॉ. विकासेंदु अग्रवाल भी वर्चुअल रूप से इससे जुड़े रहे। डॉ. आनंद मोहन दीक्षित, डॉ. अनिल कोपरकर, डॉ. प्रदीप खरया, डॉ. रमाशंकर रथ, डॉ. विवेक हाडा, डॉ. अरूप मोहंती आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन