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Gorakhpur News: टूटी हड्डी जोड़ने में होम्योपथ दवाओं का भी होगा प्रयोग

Sun, 20 Aug 2023 12:38 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 20 Aug 2023 12:38 AM IST
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health facility
गोरखपुर। सोचिए! अगर हड्डी टूटने के असहनीय दर्द को प्लास्टर व ऑपरेशन की बजाय होम्योपैथ की मीठी गोली कम कर दे तो कितना बेहतर होगा। यह संभव करने के प्रयास में आयुष मंत्रालय की नैदानिक परीक्षण इकाई और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग की टीम जुटी है। जल्द ही इसके लिए नैदानिक परीक्षण इकाई, मेडिकल कॉलेज के साथ एमओयू साइन करेगी। दो साल के इस प्रोजेक्ट के दौरान टूटी हड्डी का उपचार कराने आए मरीजों पर एलोपैथ के साथ होम्योपैथ की दवाओं का भी प्रयोग होगा।
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आयुष मंत्रालय के केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद की नैदानिक परीक्षण इकाई, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में संचालित है। इस इकाई के प्रभारी व एस-3 वैज्ञानिक डॉ. रमेश प्रसाद ने बताया कि अमेरिका समेत कई देशों में शोध हो चुका है कि होम्योपैथ की दवाइयों से भी टूटी हड्डियां जोड़ी जा सकती हैं। अपने देश में भी इस पर आयुष मंत्रालय के अधीन शोध किया जा चुका है। शोध के अगले चरण में एलोपैथिक डॉक्टरों के साथ एक प्रोजेक्ट बनाया गया है, जिसका नाम कान्फिडेंशियल दिया गया है।
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दो साल में पूरा होगा परीक्षण
इस परीक्षण की तैयारी तो वर्ष 2019 में शुरू हुई थी, लेकिन बीच में कोविड के कारण रोक लग गई थी। अब स्थिति सामान्य होने के बाद इसमें फिर से तेजी आ गई है। आयुष मंत्रालय ने नए सिरे से प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया है। इसके तहत मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग के एक डॉक्टर को इसके लिए नामित किया जाएगा। हड्डी रोग विभाग में भर्ती मरीज को होम्योपैथ की दवा भी दी जाएगी। दो साल में आए मरीजों, उनके उपचार में अपनाई गई दवा और उसके प्रभाव के आधार पर नतीजे तय किए जाएंगे।
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---------होम्योपैथ में सभी गंभीर बीमारियों का इलाज है। हमारी नैदानिक परीक्षण इकाई ने जेई पर प्रभावी दवा की खोज की थी। हड्डी जोड़ने की होम्योपैथिक दवा भी कारगर है। एलोपैथिक डॉक्टर के साथ शोध कार्य पूरा होने पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा। इसीलिए इस प्रोजेक्ट को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के साथ किया जा रहा है।

-डॉ. रमेश प्रसाद, अनुसंधान अधिकारी/वैज्ञानिक
नैदानिक परीक्षण इकाई, गोरखपुर
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आयुष चिकित्सक भी विभिन्न बीमारियों का उपचार करते हैं। नैदानिक परीक्षण इकाई की तरफ से अगर एमओयू का कोई प्रस्ताव मिलता है तो उस पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। इस परीक्षण को समय से पूरा कराने में हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
-डॉ. गणेश कुमार, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज
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