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हजरत अबू बकर मुसलमानों के पहले खलीफा : मुफ्ती अख्तर
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सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार में हजरत अबू बकर सिद्दीक के उर्स-ए-पाक पर आयोजित हुआ कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार में शुक्रवार को हजरत अबू बकर सिद्दीक के उर्स-ए-पाक के मौके पर विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई। कुरआन-ए-पाक की तिलावत और नात-ए-पाक हाफिज रहमत अली निजामी ने पेश की। मुख्य वक्ता मुफ्ती अख्तर हुसैन मन्नानी ने कहा कि हजरत अबू बकर मुसलमानों के पहले खलीफा व पहले इमाम हैं। अरब के मशहूर और अमीर दौलतमंद लोगों में शुमार किए जाते थे। उन्होंने अपनी सारी दौलत अल्लाह के रास्ते में लगा दी।
शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि हजरत अबू बकर को अल्लाह ने पाकीजा व उम्दा अखलाक से नवाजा था। आपने पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद साहब की जिंदगी में उनके हुक्म से 17 वक्तों की नमाजें पढ़ाईं। इंतकाल के दिन पैगंबर-ए-इस्लाम ने आपके साथ मिलकर नमाजे फज्र की इमामत की। आपका 13 हिजरी में 63 साल की उम्र में इंतकाल हुआ। संगोष्ठी में कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी, मुजफ्फर हसनैन रूमी, हाजी बदरूल, एसएफ अहमद नक्शबंदी, आसिफ महमूद, मुहम्मद आसिफ आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार में शुक्रवार को हजरत अबू बकर सिद्दीक के उर्स-ए-पाक के मौके पर विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई। कुरआन-ए-पाक की तिलावत और नात-ए-पाक हाफिज रहमत अली निजामी ने पेश की। मुख्य वक्ता मुफ्ती अख्तर हुसैन मन्नानी ने कहा कि हजरत अबू बकर मुसलमानों के पहले खलीफा व पहले इमाम हैं। अरब के मशहूर और अमीर दौलतमंद लोगों में शुमार किए जाते थे। उन्होंने अपनी सारी दौलत अल्लाह के रास्ते में लगा दी।
शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि हजरत अबू बकर को अल्लाह ने पाकीजा व उम्दा अखलाक से नवाजा था। आपने पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद साहब की जिंदगी में उनके हुक्म से 17 वक्तों की नमाजें पढ़ाईं। इंतकाल के दिन पैगंबर-ए-इस्लाम ने आपके साथ मिलकर नमाजे फज्र की इमामत की। आपका 13 हिजरी में 63 साल की उम्र में इंतकाल हुआ। संगोष्ठी में कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी, मुजफ्फर हसनैन रूमी, हाजी बदरूल, एसएफ अहमद नक्शबंदी, आसिफ महमूद, मुहम्मद आसिफ आदि मौजूद रहे।
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