{"_id":"65336c1bd4c7250cb80de0b9","slug":"hawala-money-sent-from-gorakhpur-to-nepal-2023-10-21","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: गोरखपुर से हवाला की रकम पहुंचाई जाती है नेपाल, पकड़े गए दो बदमाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: गोरखपुर से हवाला की रकम पहुंचाई जाती है नेपाल, पकड़े गए दो बदमाश
Sat, 21 Oct 2023 11:45 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 21 Oct 2023 11:45 AM IST
सार
गोरखपुर रेंज आईजी जे रविंद्र ने कहा कि पीड़ित ने पुलिस को दो लाख रुपये लूट की सूचना दी थी। लेकिन, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद 56 लाख रुपये नकद, 275 ग्राम सोना, 1150 ग्राम चांदी बरामद किया गया है। इसका हिसाब पीड़ित नहीं दे पा रहा है।
विज्ञापन
मुठभेड़ में घायल बदमाश
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
महराजगंज में मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए गोरखपुर के दो शातिर बदमाश प्रवीण और रामप्रवेश राजभर लूट और चोरी जैसी वारदात में पहले भी गोरखपुर से जेल जा चुके हैं। दरअसल, ये दोनों हवाला के धंधेबाजों को ही निशाना बनाते हैं, ताकि शिकायत करने कोई आगे न आए और फिर आसानी से बच जाएं। खबर है कि गोरखपुर के रास्ते से ही नेपाल तक हवाला की रकम पहुंचाई जाती है। इसके बदले कॅरिअर को महज पांच हजार रुपये ही मिलते हैं।
विज्ञापन
बताया गया कि प्रवीण इसके पहले चिलुआताल में सात लाख रुपये लूट में भी जेल गया था। उस समय भी हवाला की रकम होने की बात सामने आई थी, लेकिन जिस व्यापारी के साथ घटना हुई थी, उसने सात लाख का हिसाब दे दिया था। एक बार फिर हवाला का मामला सामने आने पर आईजी जे रविंद्र ने पूरे प्रकरण की जांच का आदेश दे दिया है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, यह मामला नया नहीं है। ऐसी ही रकम की लूट गोरखपुर में 2021 में पुलिस वालों ने भी की थी। तब बस्ती में तैनात दो दरोगा समेत चार लोगों को जेल भेजा गया था। सामने आया था कि 31 दिसंबर 2021 को शाहपुर के खजांची चौक के पास महराजगंज के व्यापारी सुशील वर्मा के साथ कस्टम अफसर बनकर लूट की गई थी। सुशील की घंटाघर में सोने चांदी की दुकान है।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में सीलिंग की जमीन: तहसील से चल रहा था खरीद-बिक्री का नेटवर्क, सब रजिस्टार पर केस
सुशील की तहरीर पर केस दर्ज किया गया था। इस घटना में भी दरोगा धर्मेंद्र यादव व तीन अन्य शामिल थे। आरोपी दरोगा ने कबूल किया कि शैलेश यादव और दुर्गेश अग्रहरि मुखबिरी करते थे और फिर वह वारदात को अंजाम देता था। इसी तरह से महराजगंज से व्यापारी के आने की सूचना मिली थी।
पता चला था कि व्यापारी के पास कोई कागजात नहीं है। चांदी तस्कर का है। इसके बाद ही कस्टम अफसर बनकर रोका और फिर चेकिंग के नाम पर चांदी लूटकर फरार हो गए थे। लेकिन, इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के पकड़े जाने के बाद तहरीर ली थी।
इसे भी पढ़ें: छात्रा से युवक ने की छेड़खानी, फोटो एडिट कर किया वायरल
पता चला था कि व्यापारी के पास कोई कागजात नहीं है। चांदी तस्कर का है। इसके बाद ही कस्टम अफसर बनकर रोका और फिर चेकिंग के नाम पर चांदी लूटकर फरार हो गए थे। लेकिन, इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के पकड़े जाने के बाद तहरीर ली थी।
इसे भी पढ़ें: छात्रा से युवक ने की छेड़खानी, फोटो एडिट कर किया वायरल
गोरखपुर रेंज आईजी जे रविंद्र ने कहा कि पीड़ित ने पुलिस को दो लाख रुपये लूट की सूचना दी थी। लेकिन, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद 56 लाख रुपये नकद, 275 ग्राम सोना, 1150 ग्राम चांदी बरामद किया गया है। इसका हिसाब पीड़ित नहीं दे पा रहा है। इस वजह से संदेह है कि हवाला की रकम है। महराजगंज एसपी को पूरे प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित करने का आदेश दिया गया है। गोरखपुर पुलिस भी मदद करेगी और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।