गोरखपुर में जाम से हाल बेहाल: रश्मो-रिवाज निभाना था...घंटों जाम में फंसे तो स्टीमर बुक कर पहुंचे बहन के घर
बड़हलगंज क्षेत्र के चौतीसा गांव के रजत शाही की बरात शनिवार को आजमगढ़ जिले में गई थी। बरात जाम में न फंसे इसके लिए दोपहर में ही निकल गई। बरात में शामिल गांव के संजीव शाही उर्फ गब्बर ने बताया कि वह बरात कर रात में करीब एक बजे दोहरीघाट से पहले पेट्रोल पंप के पास से जाम में फंस गए।
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बड़हलगंज-दोहरीघाट पुल पर लगे भीषण जाम में फंसे कई ऐसे लोग भी थे जिन्हें शादी में समय से पहुंचकर रस्मो-रिवाज भी निभाना था। जब दो से तीन घंटे तक गाड़ियां हिली नहीं तो उन लोगों ने गाड़ियां छोड़ दी और पैदल सरयू घाट पर पहुंचे। पुल के दूसरी ओर रिश्तेदारों की गाड़ी मंगवा ली। फिर स्टीमर बुक किया और नदी पारकर शादी में पहुंचे। वहीं, कुछ दूल्हा भी स्टीमर से रवाना हुए।
बड़हलगंज क्षेत्र के सिधुआपार (कुरांव) निवासी राम गोविंद यादव की बहन की शादी आजमगढ़ जिले के मोहम्मदागंज, गोहना में हुई है। नौ दिसंबर को उनकी भांजी की शादी थी। वह अपनी कार से बड़े भाई अरविंद और श्रीगोविंद के साथ बहन के घर जाने के लिए निकले। भांजी की शादी में उनको मामा के रस्म अदायगी (इमली घोटाना) निभानी थी।
शाम करीब सात बजे बड़हलगंज-दोहरीघाट पुल से पहले पटनाघाट चाैक पर लगे जाम में फंस गए। दो घंटे बाद भी रात नौ बजे तक भी वह पुल तक नहीं पहुंच सके। परेशान होकर वह कार को पास एक हॉस्पिटल के सामने खड़ी कर दिए।
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फिर सरयू नदी के घाट पर पहुंच कर नदी उस पार जाने के लिए स्टीमर बुक किया। स्टीमर वाले ने प्रति व्यक्ति डेढ़ सौ रुपये लेकर नदी पार कराया। दोहरीघाट पहुंच कर वह दूसरे वाहन से बहन के घर पहुंचे और रश्मो-रिवाज को निभाया।
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पांच किमी की दूरी तय करने में लग गए पांच घंटे
बड़हलगंज क्षेत्र के चौतीसा गांव के रजत शाही की बरात शनिवार को आजमगढ़ जिले में गई थी। बरात जाम में न फंसे इसके लिए दोपहर में ही निकल गई। बरात में शामिल गांव के संजीव शाही उर्फ गब्बर ने बताया कि वह बरात कर रात में करीब एक बजे दोहरीघाट से पहले पेट्रोल पंप के पास से जाम में फंस गए। जाम इतना भीषण था की सुबह पांच बजे पुल तक पहुंचे। एक घंटे में पुल पार करने के बाद गाड़ी छोड़ कर पैदल ही गांव के लिए निकल पड़े।