ग्राम पंचायत अधिकारी परीक्षा: गोरखपुर में दो दिनों के अंदर पकड़े गए 12 सॉल्वर, एक फरार
एसपी सिटी ने बताया कि एसटीएफ व शाहपुर पुलिस ने अंबेडकरनगर के अलीगंज निवासी रितेश त्रिपाठी व जलालपुर निवासी दीपांशु वर्मा उर्फ लक्की को गिरफ्तार किया। दोनों कान में ब्लूटूथ लगाकर परीक्षा में बैठे थे। एसटीएफ ने इनके साथियों को बस्ती व अन्य जगहों से पकड़ा।
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उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की ओर से आयोजित ग्राम पंचायत अधिकारी की परीक्षा में दो दिनों में (सोमवार और मंगलवार) पुलिस ने 12 सॉल्वर को पकड़ा है, जबकि एक फरार हो गया। पुलिस फरार सॉल्वर व 10 अभ्यर्थियों की तलाश में जुटी है।
ये 10 अभ्यर्थी वे हैं, जिनकी जगह पर परीक्षा देने सॉल्वर बैठे थे। वहीं, दो युवक ब्लूटूथ डिवाइस लगाकर परीक्षा देते पकड़े गए। इन सभी को कोतवाली, कैंट व शाहपुर पुलिस ने पकड़ा है। मंगलवार को पुलिस ने पकड़े गए छह सॉल्वर को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। शेष आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी-2018 की निरस्त परीक्षा सोमवार व मंगलवार को 49 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। कोतवाली पुलिस ने सोमवार को भगवती कन्या महाविद्यालय में मऊ के जगदंबा की जगह परीक्षा दे रहे बिहार के चुन्नू कुमार, सरस्वती शिशु मंदिर से विशाल पांडेय की जगह बैठे बिहार नालंदा निवासी दीपक कुमार व एमएसआई से सचिन की जगह बैठे बलिया के विपिन सिंह को गिरफ्तार किया। वहीं, एमएसआई से ही एक अन्य सॉल्वर पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गया।
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कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को सरस्वती शिशु मंदिर से एक और सॉल्वर को गिरफ्तार किया। एसपी सिटी ने बताया कि सॉल्वर चुन्नू, अभ्यर्थी जगदंबा के साथ पटना में क्रिकेट खेलता था। चुन्नू को बहन की शादी के लिए दो लाख की जरूरत थी। इसलिए वह जगदंबा की जगह परीक्षा दे रहा था। इसी प्रकार दीपक को विशाल ने 30 हजार में परीक्षा देने के लिए तैयार किया था। विपिन कुमार सिंह दोस्ती निभाने के फेर में सचिन की जगह बैठा था। विपिन को खुद मंगलवार को परीक्षा देनी थी।
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कैंट पुलिस ने एड़ी कन्या इंटर कॉलेज से मऊ के जय बहादुर निषाद की जगह परीक्षा दे रहे नालंदा बिहार के नंदन कुमार को गिरफ्तार किया है। नंदन ने 20 हजार एडवांस लिए थे। बाकी के 80 हजार जयबहादुर के पास होने के बाद मिलना था।
परीक्षा के अंतिम दिन मंगलवार को छह और सॉल्वर पुलिस के हत्थे चढ़े। इनमें सरस्वती शिशु मंदिर ब्लॉक बी से प्रदीप कुमार, दयानंद इंटर कॉलेज से सौरभ कुमार सिंह, धर्मेंद्र कुमार शर्मा, सरस्वती बालिका विद्यालय से विनोद कुमार, राहुल कुमार यादव और नेहरू इंटर कॉलेज से प्रवीन कुमार चौहान शामिल हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
ब्लूटूथ लगाकर दे रहे थे परीक्षा, एसटीएफ की मदद से दबोचा
एसपी ने बताया कि ब्लूटूथ गैंग का सरगना जौनपुर के अमित व कमलेश हैं। दोनों एक-एक लाख में अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ देते हैं। पकड़े गए दोनों अभ्यर्थियों ने भी एक-एक लाख में इसे खरीदा था। अमित अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग देता था। लेकिन गैंग के बारे में एसटीएफ को पहले ही पता चल गया। इसलिए गोरखपुर, बस्ती व अन्य जगहों से कई आरोपी पकड़े गए।
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खास तरह की बनियान में छिपा रखा था ब्लूटूथ
पुलिस के अनुसार, ब्लूटूथ डिवाइस को छिपाने के लिए दीपांशु व रितेश ने तीन-तीन अंडवियर और खास तरह की बनियान पहनी थी। बनियान में अलग से जेब सिला रखा था। पुलिस ने सभी को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
आधार कार्ड से फिंगर प्रिंट जांच में पकड़े गए सॉल्वर
एसपी सिटी ने बताया कि इस बार परीक्षा केंद्रों पर विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। आधार कार्ड व पैन कार्ड पर फोटो बदलने के बाद भी फिंगर प्रिंट व आई स्कैनर की जांच में सॉल्वर पकड़ में आ जा रहे हैं।