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Gorakhpur News: एस्कार्ट योजना से दिव्यांग बच्चों स्कूल तक पहुंचाएगी सरकार
Wed, 12 Jun 2024 04:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 12 Jun 2024 04:27 AM IST
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गोरखपुर। परिषदीय स्कूलों में दिव्यांग बच्चों की शारीरिक अक्षमता से अब उनकी शिक्षा बाधित नहीं होने पाएगी। दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को एस्कार्ट योजना के तहत भत्ता दिया जाएगा। साथ ही विशेष आवश्यकता वाली (सीडब्लूएसएन) छात्राओं को भी भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए बालिकाओं में 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता प्रमाणपत्र की आवश्यकता होगी।
एस्कार्ट योजना के तहत छात्रों को 600 रुपये प्रति माह के हिसाब से 10 माह का भत्ता खाते में भेजा जाएगा। जिले में 324 दिव्यांग बच्चों को यह राशि पहले से ही दी जा रही है। नया शासनादेश आने पर अन्य बच्चों को भी राशि मिलने का रास्ता साफ हो गया है। दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए समेकित शिक्षा अभियान चलाया जा रहा है। इस योजना के तहत ऐसे बच्चों को अभी तक ट्राइसाइकिल या अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे वे स्कूल आ जा सकें। जिले में ऐसे तमाम बच्चे हैं, जो स्वयं उपकरणों के सहारे स्कूल आ जा नहीं सकते है। इन छात्रों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए अभिभावकों को साथ आना पड़ता है। जिससे गरीब परिवारों पर बच्चों को स्कूल पहुंचाने में अतिरिक्त भार पड़ जाता है।
शासन ने अभिभावकों के इस भार को उठाने का निर्णय लिया है। इस योजना के लिए 70 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता वाले बच्चे योजना के लिए पात्र माने जाएंगे। सीएमओ से निर्गत दिव्यांगता प्रमाणपत्र होना चाहिए। वहीं सीडब्लूएसएन की छात्राओं को उनकी विशेष आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए 200 रुपये के हिसाब से 10 माह के लिए 2000 रुपये भत्ता के रूप में दिए जाएंगे। अभी तक 838 छात्राओं ने इसके लिए आवेदन किया था जिसमें से 798 छात्राओं को दिया जा चुका है।
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शासन की ओर से 6 से 14 साल तक के दिव्यांग बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए एस्कार्ट योजना चलाई जा रही है। शासन की ओर से जो लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा। उसे पूरी तरह से पूरा किया जाएगा।
- रमेंद्र कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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एस्कार्ट योजना के तहत छात्रों को 600 रुपये प्रति माह के हिसाब से 10 माह का भत्ता खाते में भेजा जाएगा। जिले में 324 दिव्यांग बच्चों को यह राशि पहले से ही दी जा रही है। नया शासनादेश आने पर अन्य बच्चों को भी राशि मिलने का रास्ता साफ हो गया है। दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए समेकित शिक्षा अभियान चलाया जा रहा है। इस योजना के तहत ऐसे बच्चों को अभी तक ट्राइसाइकिल या अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे वे स्कूल आ जा सकें। जिले में ऐसे तमाम बच्चे हैं, जो स्वयं उपकरणों के सहारे स्कूल आ जा नहीं सकते है। इन छात्रों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए अभिभावकों को साथ आना पड़ता है। जिससे गरीब परिवारों पर बच्चों को स्कूल पहुंचाने में अतिरिक्त भार पड़ जाता है।
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शासन ने अभिभावकों के इस भार को उठाने का निर्णय लिया है। इस योजना के लिए 70 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता वाले बच्चे योजना के लिए पात्र माने जाएंगे। सीएमओ से निर्गत दिव्यांगता प्रमाणपत्र होना चाहिए। वहीं सीडब्लूएसएन की छात्राओं को उनकी विशेष आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए 200 रुपये के हिसाब से 10 माह के लिए 2000 रुपये भत्ता के रूप में दिए जाएंगे। अभी तक 838 छात्राओं ने इसके लिए आवेदन किया था जिसमें से 798 छात्राओं को दिया जा चुका है।
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शासन की ओर से 6 से 14 साल तक के दिव्यांग बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए एस्कार्ट योजना चलाई जा रही है। शासन की ओर से जो लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा। उसे पूरी तरह से पूरा किया जाएगा।
- रमेंद्र कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी