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Gorakhpur News: एजेंट धमकाते हैं- कर्ज नहीं चुकाया तो निरस्त होगा आधार-राशन कार्ड...तबाह हो जाओगे

Tue, 22 Oct 2024 06:04 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Oct 2024 06:04 AM IST
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Gorkhpur News: Course lane ready for rowing championship.. Teams from 20 states reached
कैंपियरगंज। माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के एजेंट अब कर्ज लेने वाली महिलाओं को सरकारी सुविधाएं बंद होने की धमकी दे रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि एजेंट अब कह रहे हैं कि अगर लोन चुकता नहीं किया तो सारी सरकारी सुविधाएं बंद हो जाएंगी। आधार कार्ड और राशन कार्ड निरस्त हो जाएगा। तबाह हो जाओगे। कहीं के नहीं रह जाओगे। अब गहने भी बिक गए हैं, लेकिन कर्ज खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है।
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रिगौली गांव में सोमवार को कर्ज लेने वाली महिलाएं एक घर में जुटी थीं। कुशमावती ने बताया-मेरे और बहू के गहने तक बिक गए। कहां से लोन चुकाएं। इतना ज्यादा ब्याज लगा रहे हैं कि खत्म ही नहीं होता। अब तो फाइनेंस कंपनी के लोग धमकी दे रहे हैं कि अगर लोन नहीं चुकाए तो कहीं के नहीं रह जाओगे। आधार कार्ड और राशन कार्ड निरस्त हो जाएगा। सरकार की कोई सुविधाएं नहीं पाओगी।
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जमीरा ने कहा-जेवर तो बिक गए अब मकान बेचने की नौबत आ गई है। आए दिन फाइनेंस कंपनी वाले धमकी दे रहे हैं, कह रहे हैं ब्याज सहित कर्ज तो चुकाना पड़ेगा, वरना घर ही कुर्क हो जाएगा।
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अवसरी खातून का कहना है कि पहले दो माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से लोन लिया था। ब्याज इतना ज्यादा है कि चुका नहीं पा रहे। उसे चुकाने के लिए कुछ और फाइनेंस कंपनियों से लोन लिया। दो लाख रुपये का कर्ज अब बढ़कर सात लाख हो गया है। कुछ जमीन और जेवर बेचने पड़े। इसके बाद बकरियां भी बेच दीं पर अभी बता रहे हैं कि दो लाख रुपये बकाया हैं।



असगरी ने बताया कि दो दिन पहले ही आए थे। ब्याज कम देने पर धमकाने लगे। बोले, तुम्हारा तो घर ही कुर्क करवा देंगे। समझ में नहीं आ रहा है कि कर्ज कैसे चुकाएं।



इसी गांव की मंजू, नजीबुल, आरती, पूनम, संगीता, दुर्गावती, कुसुम और नीलम ने भी 24 प्रतिशत ब्याज पर कर्ज लिया है। एक ब्याज भरने के लिए दूसरे और फिर तीसरे फाइनेंस कंपनी से लोन लिए। बिना कागजात पूरा कराए आसानी से लोन मिल गया। अब घर का सामान बेचकर चुका रहे हैं।




कर्मचारियों ने दबाव बनाया तो घर छोड़ना पड़ा इंद्रावती को



गोला। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से माइक्रो फाइनेंस कंपनी से लोन लेने वाली देवकली गांव की इंद्रावती कुछ दिनों से गांव छोड़कर पति राजमंगल के साथ कहीं चली गई है। गांव के लोग बताते हैं कि उन्होंने करीब डेढ़ लाख रुपये कर्ज लिए थे। ब्याज बढ़ता गया और वे चुका नहीं पा रहे थे। ब्याज वसूलने के लिए माइक्रो फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी घर पहुंचकर परेशान लगे तो वे घर छोड़कर कहीं चले गए।
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