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गोरक्षनगरी : नया गोरखपुर और गुरूरुकुल सिटी से बनेगी सेटेलाइट सिटी की पहचान
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- जीडीए ने दी अनिवार्य भूमि अर्जन की स्वीकृति, जल्द नया गोरखपुर योजना को मिलेगी रफ्तार
- अब पिपराइच-मानीराम में भी मल्टीप्लेक्स, मॉल, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, खेल मैदान, फुटपाथ की सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गोरक्षनगरी की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। शहर के दक्षिणी छोर में नया गोरखपुर, मेडिसिटी बसाने के साथ ही अब उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हिस्से खासकर पिपराइच-मानीराम क्षेत्र में गुरुकुल सिटी बसेगा। यहां लोगों को सभी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस बसावट से पूरे इलाके की तस्वीर तो बदलेगी ही विकसित शहर की तर्ज पर सेटेलाइट सिटी की पहचान बनेगी।
जीडीए बोर्ड की बैठक में बृहस्पतिवार को गुरुकुल सिटी बसाने के लिए तैयार किए गए ले-आउट को स्वीकृति मिलने के साथ ही प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण के लिए तेज कदम बढ़ा दिए हैं। कुसम्ही क्षेत्र के तीन गांव माड़ापार, तकिया मेदिनीपुर और कोनी में अनिवार्य अर्जन की प्रक्रिया को मंजूरी मिल चुकी है। अब बालापार, रहमतनगर और मानीराम में भी अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है।
लगभग 400 एकड़ भूमि अर्जित करके मेगा प्रोजेक्ट को तेजी देने का लक्ष्य रखा गया है। जीडीए के अधिकारियों के अनुसार, नया गोरखपुर पूरी तरह आधुनिक, सुव्यवस्थित और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। इसमें मल्टीप्लेक्स, मॉल, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, खेल मैदान, फुटपाथ, बेहतर सीवरेज सिस्टम, कूड़ा प्रबंधन और सुगम सड़क संपर्क सहित सभी नागरिक सुविधाएं शामिल की जाएंगी। परियोजना पूरी होने पर न केवल उच्चस्तरीय आवासीय क्षेत्र विकसित होंगे बल्कि औद्योगिक और व्यावसायिक निवेश के भी नए अवसर तैयार होंगे, जिससे रोजगार सृजन में वृद्धि होगी।
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यह योजना लगभग 24 गांवों को कवर करती है, जिनमें आधे गांव कुशीनगर मार्ग के आसपास और शेष बालापार क्षेत्र में स्थित हैं। सरकार ने भूमि क्रय की पहली किस्त जारी कर दी है और आगे की औपचारिकताएं भी तेजी से पूरी की जा रही हैं।
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वर्जन
बालापार, मानीराम और रहमतनगर में अनिवार्य अर्जन शुरू करने की तैयारी है। यह परियोजना जनहित में है और क्षेत्र को नई विकास गति देगी। गुरुकुल सिटी का लेआउट तैयार है, बोर्ड ने इसे सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है।
- आनंद वर्द्धन, उपाध्यक्ष, जीडीए
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एक्सपर्ट
किसी भी विकसित शहर का टाउन प्लान देखा जाए तो पुरानी बसावट से हटकर आधुनिक सुविधाओं वाला नया शहर डेवलप किया जाता है। इसी तर्ज पर गोरखपुर का भी विकास हो रहा है। दक्षिण छोर पर मेडिसिटी या मेडिकल हब और उत्तरी छोर पर गुरुकुल सिटी बसने से सेटलाइट सिटी की तरह दिखने लगेगा। इसके लिए रिंग रोड बनाकर रोड कनेक्टिविटी मजबूत की जा रही है। इससे निवेश का मार्ग तो प्रशस्त होगा ही आने वाले दिनों में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी और पलायन रुकेगा।
- इंजीनियर सतीश सिंह, आर्टिटेक्ट
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- अब पिपराइच-मानीराम में भी मल्टीप्लेक्स, मॉल, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, खेल मैदान, फुटपाथ की सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गोरक्षनगरी की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। शहर के दक्षिणी छोर में नया गोरखपुर, मेडिसिटी बसाने के साथ ही अब उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हिस्से खासकर पिपराइच-मानीराम क्षेत्र में गुरुकुल सिटी बसेगा। यहां लोगों को सभी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस बसावट से पूरे इलाके की तस्वीर तो बदलेगी ही विकसित शहर की तर्ज पर सेटेलाइट सिटी की पहचान बनेगी।
जीडीए बोर्ड की बैठक में बृहस्पतिवार को गुरुकुल सिटी बसाने के लिए तैयार किए गए ले-आउट को स्वीकृति मिलने के साथ ही प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण के लिए तेज कदम बढ़ा दिए हैं। कुसम्ही क्षेत्र के तीन गांव माड़ापार, तकिया मेदिनीपुर और कोनी में अनिवार्य अर्जन की प्रक्रिया को मंजूरी मिल चुकी है। अब बालापार, रहमतनगर और मानीराम में भी अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है।
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लगभग 400 एकड़ भूमि अर्जित करके मेगा प्रोजेक्ट को तेजी देने का लक्ष्य रखा गया है। जीडीए के अधिकारियों के अनुसार, नया गोरखपुर पूरी तरह आधुनिक, सुव्यवस्थित और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। इसमें मल्टीप्लेक्स, मॉल, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, खेल मैदान, फुटपाथ, बेहतर सीवरेज सिस्टम, कूड़ा प्रबंधन और सुगम सड़क संपर्क सहित सभी नागरिक सुविधाएं शामिल की जाएंगी। परियोजना पूरी होने पर न केवल उच्चस्तरीय आवासीय क्षेत्र विकसित होंगे बल्कि औद्योगिक और व्यावसायिक निवेश के भी नए अवसर तैयार होंगे, जिससे रोजगार सृजन में वृद्धि होगी।
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यह योजना लगभग 24 गांवों को कवर करती है, जिनमें आधे गांव कुशीनगर मार्ग के आसपास और शेष बालापार क्षेत्र में स्थित हैं। सरकार ने भूमि क्रय की पहली किस्त जारी कर दी है और आगे की औपचारिकताएं भी तेजी से पूरी की जा रही हैं।
वर्जन
बालापार, मानीराम और रहमतनगर में अनिवार्य अर्जन शुरू करने की तैयारी है। यह परियोजना जनहित में है और क्षेत्र को नई विकास गति देगी। गुरुकुल सिटी का लेआउट तैयार है, बोर्ड ने इसे सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है।
- आनंद वर्द्धन, उपाध्यक्ष, जीडीए
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एक्सपर्ट
किसी भी विकसित शहर का टाउन प्लान देखा जाए तो पुरानी बसावट से हटकर आधुनिक सुविधाओं वाला नया शहर डेवलप किया जाता है। इसी तर्ज पर गोरखपुर का भी विकास हो रहा है। दक्षिण छोर पर मेडिसिटी या मेडिकल हब और उत्तरी छोर पर गुरुकुल सिटी बसने से सेटलाइट सिटी की तरह दिखने लगेगा। इसके लिए रिंग रोड बनाकर रोड कनेक्टिविटी मजबूत की जा रही है। इससे निवेश का मार्ग तो प्रशस्त होगा ही आने वाले दिनों में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी और पलायन रुकेगा।
- इंजीनियर सतीश सिंह, आर्टिटेक्ट