विकास की खुशी अधूरी: गोरखपुर-वाराणसी प्रोजेक्ट का काम अधूरा, महराज की सख्ती पर दौड़ा और फिर हो गया सुस्त
गोरखपुर वाराणसी फोरलेन का शिलान्यास 16 अक्तूबर 2016 को हुआ था। तीन साल यानी 2019 में इसे पूरा होना था। बावजूद इसके अब भी कई जगहों पर काम अधूरा है। हाइवे के साइड लेन पर गिट्टियां गिराकर छोड़ दी गई हैं।
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गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन के निर्माण की खराब गुणवत्ता के साथ ही इसमें इतनी देरी हो चुकी है कि काम पूरा होने के पहले ही यह सड़क टूटने भी लगी है। पूरी सड़क पर इतने हिचकोले हैं कि गांव की सड़क भी इसके सामने अच्छी लगे। पिछले तीन साल से गोरखपुर के हर दौरे में मुख्यमंत्री इसकी प्रगति पूछते हैं और नाराजगी जताते हैं।
इसके बाद कुछ दिनों तक काम की रफ्तार को गति मिलती है लेकिन फिर सुस्ती छा जाती है। जिले की सीमा में बड़हलगंज तक अभी भी जगह-जगह सड़क पर डायवर्जन का चेतावनी बोर्ड लगाकर काम कराया जा रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि 15 जून तक काम पूरा हो जाएगा। मगर, मौके पर काम की गति को देखकर यह दावा भी हवा-हवाई ही लग रहा है।
गोरखपुर वाराणसी फोरलेन का शिलान्यास 16 अक्तूबर 2016 को हुआ था। तीन साल यानी 2019 में इसे पूरा होना था। बावजूद इसके अब भी कई जगहों पर काम अधूरा है। हाइवे के साइड लेन पर गिट्टियां गिराकर छोड़ दी गई हैं। वहीं, जहां पर सड़क पहले बन गई है, उसकी भी गिट्टियां उखड़ने लगी हैं। इससे आवाजाही में काफी परेशानी हो रही है। गोरखपुर से कौड़ीराम के बीच में जगह-जगह धंस चुकी सड़क को दोबारा बनवाया जा रहा है।
महोब कलानी गांव के सामने चल रहा काम
बाघागाड़ा से सौ मीटर आगे सड़क धंसने से खराब हो गई थी इसलिए इस लेन को बंद करके दोबारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। शनिवार की दोपहर महोब कलानी गांव के सामने सड़क का काम चल रहा था। सेवई के पास बाईं तरफ लेन को बंद करके डायवर्जन किया गया है। इस लेन पर भी काम चल रहा है। यहां से आगे महावीर छपरा में बने अंडरपास के दोनों तरफ साइड लेन की हालत खराब है। आधा अधूरा ही काम हुआ है। दोनों तरफ से सड़क पर ही गिट्टियां गिराकर छोड़ दी गई हैं। सड़क के कुछ हिस्से को पिच किया गया था, जो जगह-जगह गिट्टी उखड़ने से खराब हो चुकी हैं। इसमें बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
बेलीपार में साइल लेन और नाली के अधूरे काम से परेशानी
बेलीपार बाजार में अंडरपास और उससे लगे दोनों तरफ की साइड लेन व नाली का काम अधूरा है। बेलीपार में बने ओवरब्रिज से भीटी, बिस्टौली , कटयां , बेला, करजही,कतरारी समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग आते जाते हैं। नाली और साइड लेन का काम अधूरा होने से राहगीर परेशान हाे रहे हैं। तीन मई को हुई बारिश से अंडरपास के दोनों ओर सड़क पर चलने में लोगों को मुश्किल हो रही है।
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पुल न बनने से बड़हलगंज में जाम की समस्या बरकरार
गोरखपुर वाराणसी फोरलेन के बड़हलगंज, पटना चौराहे पर जाम की समस्या बरकरार है। फोरलेन सरयू पुल निर्माण में देरी के कारण यह नौबत आ रही है। कर्मचारियों का कहना है कि अक्तूबर-नवंबर में एक लेन चालू करने की योजना है। फोरलेन पर बड़हलगंज में कुराव से दोहरीघाट के नई बाजार तक 12 किलोमीटर लंबा बाईपास बनाया गया है, जिसमें 1250 मीटर लंबे सरयू पुल का निर्माण चल रहा है।
ओझौली के आगे सरयू पुल के लिए 36 पिलर का काम हो चुका है और उसके ऊपर सड़क बन गई है। बड़हलगंज की तरफ अभी 20 पिलर का काम बाकी है। काफी तेजी के साथ इसका काम कराने का दावा अधिकारी कर रहे हैं, लेकिन अभी इसमें लंबा वक्त लगने का अनुमान है। पुल का निर्माण नहीं होने से पटना चौराहे पर जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
अब 15 जून तक फोरलेन का कार्य पूरा करने का दावा
गोरखपुर -वाराणसी फोरलेन के निर्माण कार्य को पूरा होने की एनएचएआई ने नई डेड लाइन 15 जून तय की है। इसके पहले विभाग कई बार डेड लाइन निर्धारित कर चुका था। लेकिन, हर बार उसकी समय सीमा बढ़ती गई।
केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी ने अपने गोरखपुर दौरे के दौरान कहा था कि मई में फोरलेन का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। जो फर्म निर्माण करा रही है, उसके घटिया काम को उखाड़ कर फिर से बनाया जा रहा है। एनएचएआई के गोरखपुर डिवीजन के पास गोरखपुर से गाजीपुर तक 130 किलो मीटर फोरलेन का निर्माण कार्य है। इस डिवीजन के पास यह कार्य दो हिस्साें में है।
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गोरखपुर से अमिलता तक 65 किलोमीटर पहला भाग है। इसमें सरयू नदी में बड़हलगंज के पास पुल का निर्माण भी है। पुल सहित इसकी लागत 1000 करोड़ है। जबकि, दूसरा हिस्सा अमिला से लेकर गाजीपुर तक 65 किलोमीटर है। उसकी लागत 840 करोड़ है। यह लागत केवल सड़क की है। इसमें अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा नहीं शामिल है।
एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक का दावा है कि पार्ट 2 जो अमिला से गाजीपुर तक है। उसका कार्य पूरा हो गया है। गोरखपुर से अमिलातक का कार्य कराया जा रहा है। उसे 15 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। समय से काम नहीं होने पर बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान ने शासन में शिकायत की तो इसकी निगरानी पीएमओ से होने लगी। काम कराने वाली फर्म जेपी इंफ्राइंस्ट्रक्चर ने सेवईं बाजार के पास इतना घटिया काम कराया कि लोगों की शिकायत पर उसे दोबारा बनाना पड़ रहा है।
लोगों ने बताई तकलीफ
लगता नहीं जल्दी काम पूरा होगा
राहगीर आस मोहम्मद ने कहा कि इस सड़क का काम काफी दिनों से चल रहा है। बताया जा रहा है कि इस साल पूरा हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं लगता है कि जल्दी काम हो सकेगा। क्योंकि पूर्व में बनी सड़क भी अच्छी नहीं बनी है। उसे फिर से बनाया जा रहा है।
जो काम हुआ वह भी ठीक नहीं
महावीर छपरा सिपाही प्रसाद चौधरी ने कहा कि फोरलेन का काम 2022 में पूरा होना था। इसका दावा जनप्रतिनिधि कर रहे थे। लेकिन अभी लग रहा है कि अभी इस साल भी कोई उम्मीद नहीं है। सड़क बनाने के नाम पर मजाक चल रहा है। जो काम हुआ है, उसकी भी हालत ठीक नहीं।
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पूरी हुई नहीं, टूटने लगी सड़क
दुकानदार शाहिद ने कहा कि साइड लेन पर गड्ढे हो गए हैं। इस तरह की सड़क बनाने का क्या फायदा है। यदि काम ठीक से नहीं हुआ तो आगे चलकर भी परेशानी आएगी। सड़क का काम पूरा होने के पहले ही टूटने लग रही है।
चौपट हो चुकी है दुकानदारी
दुकानदार प्रवेश यादव ने कहा कि सड़क का काम जबसे शुरू हुआ है। तबसे हम लोग परेशान हैं। पूरी दुकानदारी चौपट हो चुकी है। यदि सड़क जल्दी बन जाती है तो कुछ राहत मिलती। लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है। देखिए कितने दिनों में काम पूरा होता है।
लापरवाही देखकर आता है गुस्सा
देवकली निवासी धनश्याम विश्वकर्मा ने कहा कि सात वर्ष से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी काम अधूरा है। लापरवाही देखकर गुस्सा आता है। शीघ्र ही अंडरपास और दोनों तरफ की साइड लेन का निर्माण पूरा करवाया जाए। तभी राहत मिल पाएगी।
नाली का पानी सड़क पर
बिस्टौली खुर्द राम प्रसाद यादव ने कहा कि एनएचएआई और कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। न तो सर्विस लेन बनी,, न ही नाली का निर्माण पूरा हुआ। इससे नाली का पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर आ जाता है।
एनएचएआई परियोजना प्रबंधक भवेश अग्रवाल ने कहा कि गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन का निर्माण कार्य 15 जून तक पूरा होगा। यह फोरलेन दो पार्ट में बन रही है। अमिला से गाजीपुर तक 65 किमी कार्य पूरा हो गया हे। सरयू नदी पर बन रहा पुल टू लेन दिसंबर में तथा पूरा काम मार्च तक पूरा हो जाएगा।