गोरखपुर विश्वविद्यालय: स्नातक का केंद्रीय और परास्नातक की कॉपियों का होगा विभागवार मूल्यांकन
गोरखपुर विश्वविद्यालय में वर्तमान में स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रम के कॉपियों का मूल्यांकन विभागवार कराया जा रहा है। स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम में छात्रों की संख्या अधिक होने पर विभागों में बड़ी संख्या में कॉपियां पहुंच जा रहीं हैं जिसे रखने के साथ सुचिता पर भी खतरा बना रहता है।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्र हित को देखते हुए त्रुटि रहित परीक्षा परिणाम जल्द घोषित करने के लिए नई पहल शुरू करने जा रहा है। स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों की कॉपियों का केंद्रीय मूल्यांकन कराया जाएगा जबकि परास्नातक पाठ्यक्रम की कॉपियों का मूल्यांकन विभागवार कराने का निर्णय लिया है। कुलपति के निर्देश पर विश्वविद्यालय के अधिकारी इसकी तैयारी में जुट गए हैं।
गोरखपुर विश्वविद्यालय में वर्तमान में स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रम के कॉपियों का मूल्यांकन विभागवार कराया जा रहा है। स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम में छात्रों की संख्या अधिक होने पर विभागों में बड़ी संख्या में कॉपियां पहुंच जा रहीं हैं जिसे रखने के साथ सुचिता पर भी खतरा बना रहता है। इसके अलावा कॉपियों का मूल्यांकन भी समय से नहीं हो पाता है।
मूल्यांकन और नंबरों को चार्ट में चढ़ाने में विलंब होने से परीक्षा परिणाम घोषित होने पर विलंब हो रहा है। परीक्षा परिणाम समय से नहीं घोषित होने पर छात्र परेशान हैं। इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने मूल्यांकन में बदलाव का निर्णय लिया है।
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केंद्रीय मूल्यांकन के लिए चिह्नित की जा रही जगह
केंद्रीय मूल्यांकन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन स्थान चयन करने में जुट गया है। इसके लिए मोहन सिंह भवन के प्रथम व द्वितीय तल का हाल, परीक्षा गोपनीय का हाल और प्रशासनिक भवन के समीप और पुलिस चौकी के पीछे नवनिर्मित भवन को देखा गया है। इसमें से किसी एक स्थान पर मूल्यांकन कराने का निर्णय जल्द लिया जाएगा।
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कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि स्नातक पाठ्यक्रम की कॉपियों का केंद्रीय और परास्नातक पाठ्यक्रम की कॉपियों का विभागवार मूल्यांकन कराने का निर्णय लिया गया है। इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। केंद्रीय मूल्यांकन के लिए जगह की तलाश की जा रही है।