गोरखपुर विश्वविद्यालय: अब शोधार्थियों को मिली ऑनलाइन थीसिस की सुविधा, पूरी तरह होगा पेपरलेस
गोविवि कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में पेपरलेस कार्य पर जोर दिया जा रहा है। इसकी शुरूआत शोध कार्य से की जा रही है। विवि में शोध कार्य पेपरलेस किया जाएगा। इसके लिए आरडीसी का अलग पोर्टल विकसित किया जाएगा।
विस्तार
गोरखपुर विश्वविद्यालय पेपरलेस की तरफ पहला कदम बढ़ाने की तैयारी में है। सबसे पहले इसका लाभ पीएचडी करने वाले छात्रों को मिलेगा। विद्यार्थी अब अपना थिसिस ऑनलाइन ही फॉरवर्ड कर सकेंगे। उन्हें मोटी फाइलें नहीं बनानी पड़ेंगी।। शोधकार्य पेपरलेस होने से शोधार्थियों को शोध जीवन में पेज पर खर्च होने वाले 10-15 हजार रुपये तक की बचत होगी।
शोधार्थी विश्वविद्यालय के केंद्रीय ग्रंथालय में स्थित फ्री वाईफाई से युक्त साइबर कैफे में लगे 50 कंप्यूटर का उपयोग अपने शोध कार्य में कर सकेंगे। इसके लिए शोधार्थियों को शोध के शुरुआत में ही लाॅगिन और पासवर्ड जारी कर दिया जाएगा। इस सुविधा से शोध के दौरान शोध कार्य चोरी होने की आशंका भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
गोविवि में शोध कार्य पेपरलेस किए जाने को लेकर कई बदलाव करने होंगे, इसे लेकर योजना बनाई जा रही है। आरडीसी के लिए अलग पोर्टल विकसित किया जाएगा।
इसे भी पढ़ें: युवक की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या, लाश को 200 मीटर घसीटा... फिर बाइक पर रखकर नदी में फेंका
निर्धारित समय सीमा में पूरा करना होगा कार्य
शाेध कार्य ऑनलाइन मिलने पर संबंधित शिक्षक को निर्धारित समय सीमा में उसे निस्तारित करना होगा। समय सीमा समाप्त होते ही सह निर्देशक के पास वह शोध कार्य चला जाएगा। जिसका मैसेज उन्हें ऑनलाइन ही मिल जाएगा। शोध कार्य भेजने के बाद शोधार्थी ऑनलाइन ही अपने फाइल की मूवमेंट भी देख सकेंगे। इससे अब कार्यालयों में फाइल दबने की गुंजाइश भी खत्म हो जाएगी।
थिसिस जमा करने के छह माल में मिलेगा पीएचडी अवार्ड
शोधार्थियों की ओर से अपना थीसिस जमा करने के बाद छह महीने में पीएचडी अवार्ड हो जाएगी। इसके लिए भी जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। सुनिश्चित किया जाएगा कि हर हाल में थीसिस जमा होने के बाद की जरूरी औपचारिकताएं छह महीने के अंदर पूरी कर ली जाएं। शोधार्थियों की थीसिस के लिए जो परीक्षक नियुक्त किए जाएंगे, उन्हें दो महीने में परीक्षण कार्य पूर्ण करना होगा। यदि वे ऐसा नहीं करते तो स्वत: परीक्षक बदल दिया जाएगा।
इसे भी पढ़ें: बाइक की आमने-सामने टक्कर में पूर्व प्रधान समेत दो की मौत, एक गंभीर रूप से घायल