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Gorakhpur News: डेढ़ घंटे की बारिश, महानगर में जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त...पानी-पानी हुआ शहर
Sun, 27 Sep 2026 03:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 27 Sep 2026 03:01 AM IST
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गोरखपुर। महानगर में शनिवार को पूरे दिन व शाम को तेज हवा के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। नगर निगम के अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सिस्टम के ऑटोमेटिक रेन गेज ने डेढ़ घंटे में 150 एमएम बारिश दर्ज की। इतनी तेज बारिश के बाद महानगर के लगभग सभी वार्डों की सड़कें और बाजार जलमग्न हो गए। कई जगह बारिश और नालियों का गंदा पानी घरों व दुकानों में घुस गया।
प्रमुख सड़कें, बाजार, अंडरपास, सरकारी कार्यालय और रिहायशी इलाके पानी में डूब गए। जिला अस्पताल की ओपीडी और डॉक्टरों के चेंबर तक पानी पहुंच गया। नगर निगम परिसर और मुख्य गेट भी जलभराव से नहीं बच सके। बारिश तेज होते ही नगर निगम ने सभी पंपिंग स्टेशनों को चालू करा दिया। जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पंप लगातार चलाए गए। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पंप और संसाधन भी लगाए गए।
नगर आयुक्त अजय जैन के साथ नगर निगम की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में उतर गईं। वहीं राप्तीनगर में भी घरों में पानी घुस गया। यहां के निवासी प्रमोद सिंह ने बताया कि बारिश इतनी तेज थी कि सड़क का पानी घरों में घुस गया। वहीं, माया बाजार में दुकानों में पानी घुस गया। इसके साथ ही सराफा मंडी घंटाघर के कई व्यापारियों की दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। पानी तेज होने से बंधु सिंह कॉम्प्लेक्स में भी रिसाव शुरू हो गया। सराफा मंडल के अध्यक्ष गणेश वर्मा ने बताया कि बारिश से व्यापारियों का नुकसान हुआ है। दूसरी ओर बक्शीपुर उपकेंद्र और महेवा मंडी के मंडी सचिव कार्यालय में पानी भर गया।
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जिला अस्पताल की ओपीडी तक पहुंचा पानी
जिला अस्पताल में बारिश और उफनाए नालों का पानी ओपीडी और डॉक्टरों के चेंबर तक पहुंच गया। महिला अस्पताल, जिला अस्पताल रोड और आसपास के क्षेत्रों में भी घंटों जलभराव रहा। मरीजों और तीमारदारों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। नगर निगम परिसर के मुख्य गेट और आकाशवाणी परिसर में भी पानी भर गया। कान्हा उपवन में जलभराव के कारण निराश्रित गोवंश भी परेशान हुए।
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घरों में घुसा नालियों का गंदा पानी
रुस्तमपुर के पुराने मोहल्ले की दुर्गा मंदिर गली में करीब एक फुट पानी भर गया। विवेकानंदपुरी, दाऊदपुर, लोकनायक गली और चंद्रशेखर आजाद चौक वार्ड के बुद्ध विहार में लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया। सूर्यकुंड रोड, रेती रोड, इलाहीबाग रोड, विरासत गलियारा, जुबिली रोड, धर्मशाला के निकट होटल रोड, विजय चौक, गोरखनाथ फ्लाईओवर के नीचे, धर्मशाला अंडरपास, सिविल लाइंस स्कूल रोड, स्कूल गली, दक्षिणी हुमायूंपुर और गोलघर पार्क रोड पर घंटों जलभराव रहा। सड़क और नाली का अंतर ही खत्म हो गया। कई जगह दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में बंद हो गए। लोगों को घुटनों तक पानी में होकर आवागमन करना पड़ा।
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सड़कें बनीं तालाब, निगम परिसर भी डूबा
महानगर को जलभराव से बचाने की जिम्मेदारी संभालने वाले नगर निगम के परिसर और मुख्य गेट पर ही पानी भर गया। गोलघर मुख्य मार्ग, भरवलिया, तारामंडल, बेहरामपुर-इलाहीबाग, तिवारीपुर थाना रोड, चकसा हुसैन-पचपेड़वा, शिवाजी नगर, महुई-सुघरपुर, फुलवरिया, रामजानकी नगर हॉटस्पॉट, शक्तिनगर, बशारतपुर, प्रोफेसर कॉलोनी-बशारतपुर वेस्ट, साहेबगंज खोंखर टोला और रहमत नगर में भी काफी जलभराव हुआ। धर्मशाला बाजार, राजेंद्र प्रसाद नगर, बरगदवा, जाफरा बाजार, बड़े काजीपुर और लच्छीपुर में भगवती चौराहा, बेतियाहाता में पंचवटी अपार्टमेंट-दाऊदपुर, विश्वकर्मापुरम-बौलिया में असुरन पुलिस चौकी और भरवलिया में भगत चौराहा-तारामंडल रोड पर पानी भर गया। गोपलापुर गांव की सड़क पर भी करीब एक फुट पानी रहा। अधिकांश बड़े नाले और नालियां ओवरफ्लो होने से गंदा पानी घरों और दुकानों तक पहुंच गया।
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करीब 3,000 से ज्यादा परिवारों को हुई परेशानी
लालडिग्गी, हाल्सीगंज, घंटाघर, रायगंज, अलहदादपुर, बिलंदपुर, कालेपुर, न्यू बिलंदपुर और बासगांव कॉलोनी समेत कई इलाकों में जलभराव रहा। डीआईजी बंगला, पोस्ट ऑफिस गली, बीडीओ साहब की गली, पवन यादव गली, शिव मंदिर कालेपुर, छठ पोखरा क्षेत्र और जल निगम कार्यालय के पीछे की बस्तियों के घरों में भी पानी घुस गया। ए-वन अस्पताल और पारिजात नर्सरी के पास नाले की सफाई अधूरी होने से स्थिति और खराब हुई। इन क्षेत्रों में करीब 3000 परिवार जलभराव से जूझे।
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इंदिरा नगर पुलिया के अवरोध हटाने की मांग
वार्ड संख्या 72 सिविल लाइंस के पार्षद देवेंद्र कुमार गौड़ पिंटू ने नगर आयुक्त से इंदिरा नगर पुलिया और पैडलेगंज बुद्धद्वार स्थित सीवरेज पंपिंग स्टेशन के पास नाले पर बने अवरोधों को तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिया को संकरा किए जाने और नाले पर बीम-स्लैब बनाए जाने से जलनिकासी बाधित हो रही है।
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महेवा मंडी में दुकानों में भरा पानी
लगातार बारिश के बाद प्रमुख कारोबारी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति देखने नगर आयुक्त अजय जैन चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंघानिया के साथ महेवा गल्ला मंडी पहुंचे। यहां कई दुकानों में बारिश का पानी भर गया। इससे गल्ला कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ा। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को अतिरिक्त पंपिंग सेट तत्काल भेजने के निर्देश दिए। व्यापारियों ने बाजारों में स्थायी जलनिकासी व्यवस्था, पर्याप्त पंपिंग सेट और बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की। वहीं व्यापारी विजय कुमार सोनकर व पवन सिंहानियां ने बताया कि यहां पर व्यापारियों का करीब 50 लाख से ज्यादा के माल का नुकसान हुआ है।
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साहबगंज की दुकानों में भी घुसा पानी
साहबगंज में भी कई दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण पानी निकासी के लिए लगे पंप भी प्रभावित हुए। कुमार ट्रेडिंग कंपनी, निरंजन मद्धेशिया समेत कई दुकानों में पानी घुसने की जानकारी सामने आई। व्यापारियों के मुताबिक दुकानों में रखे सामान को कितना नुकसान हुआ, इसका आकलन अभी नहीं हो सका है। चैंबर ऑफ ट्रेडर्स के अध्यक्ष अनूप किशोर अग्रवाल ने कहा कि मौसम की गंभीर स्थिति की जानकारी पहले से थी। ऐसे में जलनिकासी वाले स्थानों पर पहले से जनरेटर और पंप की व्यवस्था होनी चाहिए थी।
राप्ती काम्प्लेक्स की दुकानों में भरा पानी
असुरन-गीता वाटिका रोड स्थित पिपराइच रोड पर राप्ती काम्प्लेक्स की निचली मंजिल की करीब 15 दुकानों में एक फुट तक पानी भर गया। कपड़ा, रेडीमेड, जूता-चप्पल, सौंदर्य प्रसाधन, हैंडलूम और होजरी कारोबारियों के लाखों रुपये के सामान के खराब होने की बात सामने आई है। पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष मणिनाथ गुप्ता ने बताया कि जलभराव से दुकानदारों को काफी क्षति हुई है।
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नगर आयुक्त ने पंपिंग स्टेशनों का किया निरीक्षण
मूसलाधार बारिश के बीच नगर आयुक्त अजय जैन ने धर्मशाला बाजार से विरासत गलियारा होते हुए डोमिनगढ़ पंपिंग स्टेशन, इलाहीबाग पंपिंग स्टेशन, लालडिग्गी पंपिंग स्टेशन और ट्रांसपोर्ट नगर का निरीक्षण किया। इसके बाद नवीन फल मंडी स्थित गल्ला मंडी में जलभराव की स्थिति देखी। उन्होंने जलभराव वाले स्थानों से तत्काल पानी निकालने के लिए आपात पंप लगाने के निर्देश दिए। सभी पंपिंग स्टेशनों को लगातार संचालित रखने की हिदायत दी। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पंप व संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। नगर निगम की टीमें देर तक जलनिकासी में जुटी रहीं।
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प्रमुख सड़कें, बाजार, अंडरपास, सरकारी कार्यालय और रिहायशी इलाके पानी में डूब गए। जिला अस्पताल की ओपीडी और डॉक्टरों के चेंबर तक पानी पहुंच गया। नगर निगम परिसर और मुख्य गेट भी जलभराव से नहीं बच सके। बारिश तेज होते ही नगर निगम ने सभी पंपिंग स्टेशनों को चालू करा दिया। जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पंप लगातार चलाए गए। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पंप और संसाधन भी लगाए गए।
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नगर आयुक्त अजय जैन के साथ नगर निगम की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में उतर गईं। वहीं राप्तीनगर में भी घरों में पानी घुस गया। यहां के निवासी प्रमोद सिंह ने बताया कि बारिश इतनी तेज थी कि सड़क का पानी घरों में घुस गया। वहीं, माया बाजार में दुकानों में पानी घुस गया। इसके साथ ही सराफा मंडी घंटाघर के कई व्यापारियों की दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। पानी तेज होने से बंधु सिंह कॉम्प्लेक्स में भी रिसाव शुरू हो गया। सराफा मंडल के अध्यक्ष गणेश वर्मा ने बताया कि बारिश से व्यापारियों का नुकसान हुआ है। दूसरी ओर बक्शीपुर उपकेंद्र और महेवा मंडी के मंडी सचिव कार्यालय में पानी भर गया।
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जिला अस्पताल की ओपीडी तक पहुंचा पानी
जिला अस्पताल में बारिश और उफनाए नालों का पानी ओपीडी और डॉक्टरों के चेंबर तक पहुंच गया। महिला अस्पताल, जिला अस्पताल रोड और आसपास के क्षेत्रों में भी घंटों जलभराव रहा। मरीजों और तीमारदारों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। नगर निगम परिसर के मुख्य गेट और आकाशवाणी परिसर में भी पानी भर गया। कान्हा उपवन में जलभराव के कारण निराश्रित गोवंश भी परेशान हुए।
घरों में घुसा नालियों का गंदा पानी
रुस्तमपुर के पुराने मोहल्ले की दुर्गा मंदिर गली में करीब एक फुट पानी भर गया। विवेकानंदपुरी, दाऊदपुर, लोकनायक गली और चंद्रशेखर आजाद चौक वार्ड के बुद्ध विहार में लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया। सूर्यकुंड रोड, रेती रोड, इलाहीबाग रोड, विरासत गलियारा, जुबिली रोड, धर्मशाला के निकट होटल रोड, विजय चौक, गोरखनाथ फ्लाईओवर के नीचे, धर्मशाला अंडरपास, सिविल लाइंस स्कूल रोड, स्कूल गली, दक्षिणी हुमायूंपुर और गोलघर पार्क रोड पर घंटों जलभराव रहा। सड़क और नाली का अंतर ही खत्म हो गया। कई जगह दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में बंद हो गए। लोगों को घुटनों तक पानी में होकर आवागमन करना पड़ा।
सड़कें बनीं तालाब, निगम परिसर भी डूबा
महानगर को जलभराव से बचाने की जिम्मेदारी संभालने वाले नगर निगम के परिसर और मुख्य गेट पर ही पानी भर गया। गोलघर मुख्य मार्ग, भरवलिया, तारामंडल, बेहरामपुर-इलाहीबाग, तिवारीपुर थाना रोड, चकसा हुसैन-पचपेड़वा, शिवाजी नगर, महुई-सुघरपुर, फुलवरिया, रामजानकी नगर हॉटस्पॉट, शक्तिनगर, बशारतपुर, प्रोफेसर कॉलोनी-बशारतपुर वेस्ट, साहेबगंज खोंखर टोला और रहमत नगर में भी काफी जलभराव हुआ। धर्मशाला बाजार, राजेंद्र प्रसाद नगर, बरगदवा, जाफरा बाजार, बड़े काजीपुर और लच्छीपुर में भगवती चौराहा, बेतियाहाता में पंचवटी अपार्टमेंट-दाऊदपुर, विश्वकर्मापुरम-बौलिया में असुरन पुलिस चौकी और भरवलिया में भगत चौराहा-तारामंडल रोड पर पानी भर गया। गोपलापुर गांव की सड़क पर भी करीब एक फुट पानी रहा। अधिकांश बड़े नाले और नालियां ओवरफ्लो होने से गंदा पानी घरों और दुकानों तक पहुंच गया।
करीब 3,000 से ज्यादा परिवारों को हुई परेशानी
लालडिग्गी, हाल्सीगंज, घंटाघर, रायगंज, अलहदादपुर, बिलंदपुर, कालेपुर, न्यू बिलंदपुर और बासगांव कॉलोनी समेत कई इलाकों में जलभराव रहा। डीआईजी बंगला, पोस्ट ऑफिस गली, बीडीओ साहब की गली, पवन यादव गली, शिव मंदिर कालेपुर, छठ पोखरा क्षेत्र और जल निगम कार्यालय के पीछे की बस्तियों के घरों में भी पानी घुस गया। ए-वन अस्पताल और पारिजात नर्सरी के पास नाले की सफाई अधूरी होने से स्थिति और खराब हुई। इन क्षेत्रों में करीब 3000 परिवार जलभराव से जूझे।
इंदिरा नगर पुलिया के अवरोध हटाने की मांग
वार्ड संख्या 72 सिविल लाइंस के पार्षद देवेंद्र कुमार गौड़ पिंटू ने नगर आयुक्त से इंदिरा नगर पुलिया और पैडलेगंज बुद्धद्वार स्थित सीवरेज पंपिंग स्टेशन के पास नाले पर बने अवरोधों को तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिया को संकरा किए जाने और नाले पर बीम-स्लैब बनाए जाने से जलनिकासी बाधित हो रही है।
महेवा मंडी में दुकानों में भरा पानी
लगातार बारिश के बाद प्रमुख कारोबारी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति देखने नगर आयुक्त अजय जैन चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंघानिया के साथ महेवा गल्ला मंडी पहुंचे। यहां कई दुकानों में बारिश का पानी भर गया। इससे गल्ला कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ा। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को अतिरिक्त पंपिंग सेट तत्काल भेजने के निर्देश दिए। व्यापारियों ने बाजारों में स्थायी जलनिकासी व्यवस्था, पर्याप्त पंपिंग सेट और बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की। वहीं व्यापारी विजय कुमार सोनकर व पवन सिंहानियां ने बताया कि यहां पर व्यापारियों का करीब 50 लाख से ज्यादा के माल का नुकसान हुआ है।
साहबगंज की दुकानों में भी घुसा पानी
साहबगंज में भी कई दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण पानी निकासी के लिए लगे पंप भी प्रभावित हुए। कुमार ट्रेडिंग कंपनी, निरंजन मद्धेशिया समेत कई दुकानों में पानी घुसने की जानकारी सामने आई। व्यापारियों के मुताबिक दुकानों में रखे सामान को कितना नुकसान हुआ, इसका आकलन अभी नहीं हो सका है। चैंबर ऑफ ट्रेडर्स के अध्यक्ष अनूप किशोर अग्रवाल ने कहा कि मौसम की गंभीर स्थिति की जानकारी पहले से थी। ऐसे में जलनिकासी वाले स्थानों पर पहले से जनरेटर और पंप की व्यवस्था होनी चाहिए थी।
राप्ती काम्प्लेक्स की दुकानों में भरा पानी
असुरन-गीता वाटिका रोड स्थित पिपराइच रोड पर राप्ती काम्प्लेक्स की निचली मंजिल की करीब 15 दुकानों में एक फुट तक पानी भर गया। कपड़ा, रेडीमेड, जूता-चप्पल, सौंदर्य प्रसाधन, हैंडलूम और होजरी कारोबारियों के लाखों रुपये के सामान के खराब होने की बात सामने आई है। पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष मणिनाथ गुप्ता ने बताया कि जलभराव से दुकानदारों को काफी क्षति हुई है।
नगर आयुक्त ने पंपिंग स्टेशनों का किया निरीक्षण
मूसलाधार बारिश के बीच नगर आयुक्त अजय जैन ने धर्मशाला बाजार से विरासत गलियारा होते हुए डोमिनगढ़ पंपिंग स्टेशन, इलाहीबाग पंपिंग स्टेशन, लालडिग्गी पंपिंग स्टेशन और ट्रांसपोर्ट नगर का निरीक्षण किया। इसके बाद नवीन फल मंडी स्थित गल्ला मंडी में जलभराव की स्थिति देखी। उन्होंने जलभराव वाले स्थानों से तत्काल पानी निकालने के लिए आपात पंप लगाने के निर्देश दिए। सभी पंपिंग स्टेशनों को लगातार संचालित रखने की हिदायत दी। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पंप व संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। नगर निगम की टीमें देर तक जलनिकासी में जुटी रहीं।