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गोरखपुर विश्वविद्यालय: खिलाड़ी जिस खेल के थे, उसके कोच की नहीं थी तैनाती

Mon, 09 Oct 2023 03:53 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 09 Oct 2023 03:53 PM IST
सार

गोविवि में ‘सुपर 100’ योजना को नवंबर 2020 में कार्य परिषद से मंजूरी मिली थी। सत्र 2021-22 में इसकी शुरुआत हुई थी। दो सत्रों के कुल 22 छात्रों को फेलोशिप के तहत फीस, छात्रावास, भोजन (250 रुपये प्रति दिन), किट आदि नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा था।

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Gorakhpur University coach of sport to which players belonged not posted
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोरखपुर विश्वविद्यालय में गुरु गोरखनाथ स्पोर्ट्स फेलोशिप ‘सुपर-100’ को लेकर उठे सवालों के बीच लगातार चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। हैरत की बात है कि कोच के रूप में उस खेल के विशेषज्ञ की नियुक्ति की गई थी, जिस खेल के एक भी खिलाड़ी नहीं थे। मामले की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय समिति से एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी गई है।

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गोविवि प्रशासन को शुरुआती जांच में यह पता चला है कि ‘सुपर-100’ में चयनित होने के बाद रह रहे 22 खिलाड़ियों में से आठ खो-खो के थे। इनके अलावा कुश्ती, एथलेटिक्स और फुटबाॅल के खिलाड़ी थे। फुटबाॅल में चुनिंदा खिलाड़ी ही होने के कारण इनके अभ्यास पर भी गहरा प्रभाव पड़ा। इन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए जिम्नास्टिक कोच की नियुक्ति की गई थी। जिम्नास्टिक के कोच ने दूसरे खेलों के खिलाड़ियों को दो वर्षों तक किस प्रकार का प्रशिक्षण दिया, यह भी जांच के दायरे में है।
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इसी तरह दूसरे कोच के रूप में एक योग प्रशिक्षक को क्रीड़ा परिषद से संबद्ध किया गया था। बताते हैं कि योग प्रशिक्षक की नियुक्ति दर्शन शास्त्र विभाग में स्ववित्तपोषित योग पाठ्यक्रम के रूप में हुई थी। लेकिन वहां से एक मामले को लेकर उपजी परिस्थितियों के बाद क्रीड़ा परिषद से संबद्ध कर दिया गया। वे भी इन ‘सुपर-100’ खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे थे। इन दोनों का मानदेय क्रीड़ा परिषद से ही प्रमाणित किया जाता था। पिछले जुलाई तक इन्हें 25 हजार रुपये मानदेय का भुगतान किया गया है।

 

एक-एक छात्र का होगा रिव्यू

कुलसचिव प्रो. शांतनु रस्तोगी ने बताया कि सुपर-100 में शामिल एक-एक छात्र का रिव्यू होगा। यह भी देखा जाएगा कि उन्होंने खेल गतिविधियों में सभी क्राइटेरिया पूरी की है या नहीं। सभी खिलाड़ियों का ट्रायल वार्षिक आधार पर किए जाने का प्रावधान है।

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यह है मामला
गोविवि में ‘सुपर 100’ योजना को नवंबर 2020 में कार्य परिषद से मंजूरी मिली थी। सत्र 2021-22 में इसकी शुरुआत हुई थी। दो सत्रों के कुल 22 छात्रों को फेलोशिप के तहत फीस, छात्रावास, भोजन (250 रुपये प्रति दिन), किट आदि नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा था। इस पूरी योजना में अब तक करीब एक करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। जबकि एक मात्र कांस्य पदक खो-खो टीम ने जीता है। मामला संज्ञान में आने के बाद कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने जांच का आदेश दिया है।
 
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