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गोरखपुर विश्वविद्यालय: कृषि की पढ़ाई में दिखी रोजगार की संभावनाएं, एक हजार से ज्यादा आए आवेदन
Sun, 20 Jun 2021 01:28 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 20 Jun 2021 01:28 PM IST
सार
बिहार, दिल्ली व मध्यप्रदेश से भी विद्यार्थियों ने जमा किए ऑनलाइन शुल्क। गोविवि में पहली बार शुरू हो रहा है सेल्फ फाइनेंस कोर्स, सीटें हैं 150।
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DDU Gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कृषि क्षेत्र में तेजी से रोजगार की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए अब विद्यार्थियों का रूझान कृषि की पढ़ाई की तरफ बढ़ा है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पहली बार बीएससी कृषि का कोर्स इस सत्र से शुरू किया गया है। प्रवेश के लिए अब तक 1050 आवेदन आ चुके हैं जबकि अभी 30 जून तक आवेदन करने की अंतिम तिथि है।खास बात यह है कि आवेदन करने वालों में ज्यादातर विद्यार्थी दूसरे राज्यों बिहार, दिल्ली, मध्यप्रदेश के हैं।
गोरखपुर मंडल में अभी तक विश्वविद्यालय से संबद्ध दो महाविद्यालयों नेशनल पीजी कॉलेज बड़हलंग, गोरखपुर और बीआरडी पीजी कॉलेज देवरिया में पढ़ाई होती रही है। दोनों ही कॉलेजों में 150-150 सीटें हैं। दोनों कॉलेजों में विद्यार्थयों का आवंटन विश्वविद्यालय ही करेगा। वहीं इस वर्ष विश्वविद्यालय में भी 150 सीटों पर प्रवेश लिए जाएंगे। यह कोर्स सेल्फ फाइनेंस के तहत शुरू किया गया है।
विश्वविद्यालय के आंकड़ों के मुताबिक बीएससी कृषि की पढ़ाई के लिए गोरखपुर के आसपास ही नहीं दूसरे राज्यों के 200 से ज्यादा विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन के साथ प्रवेश शुल्क भी जमा कर दिए हैं। बीएससी कृषि में 12 हजार व दो हजार लैब शुल्क तथा स्नातक का शुल्क भी देना होगा।
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गोरखपुर मंडल में अभी तक विश्वविद्यालय से संबद्ध दो महाविद्यालयों नेशनल पीजी कॉलेज बड़हलंग, गोरखपुर और बीआरडी पीजी कॉलेज देवरिया में पढ़ाई होती रही है। दोनों ही कॉलेजों में 150-150 सीटें हैं। दोनों कॉलेजों में विद्यार्थयों का आवंटन विश्वविद्यालय ही करेगा। वहीं इस वर्ष विश्वविद्यालय में भी 150 सीटों पर प्रवेश लिए जाएंगे। यह कोर्स सेल्फ फाइनेंस के तहत शुरू किया गया है।
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विश्वविद्यालय के आंकड़ों के मुताबिक बीएससी कृषि की पढ़ाई के लिए गोरखपुर के आसपास ही नहीं दूसरे राज्यों के 200 से ज्यादा विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन के साथ प्रवेश शुल्क भी जमा कर दिए हैं। बीएससी कृषि में 12 हजार व दो हजार लैब शुल्क तथा स्नातक का शुल्क भी देना होगा।
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बीएससी व एमएससी कृषि की निर्धारित सीटें
पाठ्यक्रम सीटें
बीएसी कृषि 150
एमएससी एग्रोनॉमी 18
एमएसएसी जेनटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग 18
एमएससी एग्रीकल्चर एक्सटेंशन 18
एमएससी एग्रीकल्चर इकोनामिक्स 18
एमएससी एग्रीकल्चर इन्टोमोलॉजी एंड जूलोजी 18
एमएमएसी हार्टीकल्चर 18
बीएससी कृषि में कैंपस सलेक्शन की तैयारी
प्रदेश सरकार ने कृषि क्षेत्र में तकनीकी रूप से पारंगत युवाओं को रोगजार देने की पहल शुरू की है। इसके तहत बीएससी व एमएससी (कृषि) वाले युवक युवतियों को कैंपस सलेक्शन से ही सौगात देने की तैयारी है। इसी क्रम में उप्र राज्य चीनी निगम ने बेरोजगार युवाओं को रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ने की सकारात्मक पहल की है। तकनीकी रूप से पारंगत युवाओं को अधिकारी व कर्मचारी स्तर तक संविदा पर तैनात किया जाएगा। ऐसा पहली मर्तबा है कि अभियंत्रण, लेखा, शर्करा तकनीक आदि से संबंधित पदों पर बिना किसी अनुभव के मैनेजमेंट प्रशिक्षु के लिए तैनाती दी जा रही हो। कृषि की पढ़ाई में रोजगार की संभावनाएं देखते ही विद्यार्थियों की रुचि भी इस ओर बढ़ी है।
बीएसी कृषि 150
एमएससी एग्रोनॉमी 18
एमएसएसी जेनटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग 18
एमएससी एग्रीकल्चर एक्सटेंशन 18
एमएससी एग्रीकल्चर इकोनामिक्स 18
एमएससी एग्रीकल्चर इन्टोमोलॉजी एंड जूलोजी 18
एमएमएसी हार्टीकल्चर 18
बीएससी कृषि में कैंपस सलेक्शन की तैयारी
प्रदेश सरकार ने कृषि क्षेत्र में तकनीकी रूप से पारंगत युवाओं को रोगजार देने की पहल शुरू की है। इसके तहत बीएससी व एमएससी (कृषि) वाले युवक युवतियों को कैंपस सलेक्शन से ही सौगात देने की तैयारी है। इसी क्रम में उप्र राज्य चीनी निगम ने बेरोजगार युवाओं को रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ने की सकारात्मक पहल की है। तकनीकी रूप से पारंगत युवाओं को अधिकारी व कर्मचारी स्तर तक संविदा पर तैनात किया जाएगा। ऐसा पहली मर्तबा है कि अभियंत्रण, लेखा, शर्करा तकनीक आदि से संबंधित पदों पर बिना किसी अनुभव के मैनेजमेंट प्रशिक्षु के लिए तैनाती दी जा रही हो। कृषि की पढ़ाई में रोजगार की संभावनाएं देखते ही विद्यार्थियों की रुचि भी इस ओर बढ़ी है।
बीटेक में 600 अभ्यर्थियों ने किए आवेदन
पहली बार शुरू हो रहे बीटेक कोर्स में दाखिले के लिए भी 600 आवेदन आ चुके हैं। बीटेक में चार ब्रांच कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इंफारमेशन टेक्नालाजी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन में प्रवेश लिए जाएंगे। प्रत्येक कोर्स में 60-60 सीटों पर प्रवेश होगा। दो सेमेस्टर का एक वर्ष होगा और शुल्क एक लाख रुपये लगेंगे।
बीटेक कोर्स और सीटें
कोर्स सीटें
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग 60
इंफारमेशन टेक्नालाजी 60
मैकेनिकल इंजीनियरिंग 60
इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन 60
गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश सिंह ने बताया कि रोजगारपरक शिक्षा समय की मांग है। बीएससी कृषि और बीटेक दोनों सेल्फ फाइनेंस कोर्स विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। पहली बार विश्वविद्यालय में भी बीएससी कृषि की पढ़ाई शुरू होने जा रही है और विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए अपनी रुचि दिखाई है।
बीटेक कोर्स और सीटें
कोर्स सीटें
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग 60
इंफारमेशन टेक्नालाजी 60
मैकेनिकल इंजीनियरिंग 60
इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन 60
गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश सिंह ने बताया कि रोजगारपरक शिक्षा समय की मांग है। बीएससी कृषि और बीटेक दोनों सेल्फ फाइनेंस कोर्स विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। पहली बार विश्वविद्यालय में भी बीएससी कृषि की पढ़ाई शुरू होने जा रही है और विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए अपनी रुचि दिखाई है।