St John's Church: कल 200 साल का हो जाएगा सेंट जॉन चर्च, रंग बिरंगी रोशनी से सजाया गया चर्च
चर्च से जुड़े आकाश ने बताया कि चर्च की भव्यता को और बढ़ाने के लिए नौ वर्ष पूर्व यहां पांच सौ किलो का घंटा लगाया गया। इसका उपयोग चर्च में प्रार्थना व अन्य सूचनाओं को देने के साथ ही श्रद्धालुओं को आमंत्रित करने के लिए किया जाता है। इससे निकलने वाली आवाज करीब तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई देती है।
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गोरखपुर शहर का सबसे बड़ा चर्च, सेंट जॉन चर्च बशारतपुर 24 जून को 200 साल का हो जाएगा। चर्च का 200वां स्थापना दिवस दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। इसके लिए बृहस्पतिवार से ही तैयारियां शुरू हो गईं है। चर्च को रंग बिरंगी रोशनी से सजा दिया गया है। 23 और 24 जून को दो दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
चर्च के पुरोहित रेव्ह रोशन लाल ने बताया कि महोत्सव में प्रख्यात वक्ता डॉ. पॉल दिनाकरन व उनके परिवार और जीसस कॉल की टीम प्रवचन करेगी। इसके साथ ही अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। महोत्सव में आसपास के सभी चर्चों के पादरी व हजारों सदस्यों के शामिल होने की संभावना है।
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मिशनरी एसोसिएशन के माइकल विलकिंसन ने 1823 में कराया था निर्माण
सेंट जॉन चर्च के पुरोहित रेव्ह रोशन लाल ने बताया कि इस चर्च का निर्माण मिशनरी एसोसिएशन के माइकल विलकिंसन ने 24 जून 1823 में कराया। तत्कालीन कलेक्टर राबर्ट मार्टिनस बर्ड ने इसके लिए आर्थिक सहायता दी। गवर्नर जनरल लार्ड विलियम वेंटिक ने मिशनरी एसोसिएशन के सामाजिक कार्यों को देखते हुए वर्ष 1931 में चर्च के निर्माण के लिए 1500 एकड़ जमीन इस शर्त पर दी कि जमीन को उपजाऊ बनाकर खेती की जाए।
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मिशनरी एसोसिएशन और आसपास के लोगों ने 1500 एकड़ में फैले जंगल की करीब 600 एकड़ जमीन की साफ-सफाई कर इसे खेती योग्य बनाया। यहां पर स्थित पोखरे के चारों ओर समाज के लोगों ने झोपड़ी डाल ली और रहने लगे। वर्तमान में यह पूरा क्षेत्र बशारतपुर के नाम से जाना जाता है।
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