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Parag Dairy Close: पराग डेयरी को एक बड़ी कंपनी को लीज पर देने की है तैयारी, पशुपालक परेशान

Fri, 23 Jun 2023 02:11 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 23 Jun 2023 02:11 PM IST
सार

गोरखपुर जिले में पराग डेयरी के 115 कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं। इन सेंटरों पर पहले सात से आठ हजार लीटर दूध इकट्ठा होता था, लेकिन अब यह सेंटर केवल नाममात्र के रह गए हैं। इस सेंटर की स्थिति ऐसी है कि 100 लीटर दूध भी इकट्ठे नहीं हो पा रहे हैं।

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Preparing to lease Parag Dairy to a big company in Gorakhpur
गोरखपुर पराग डेयरी - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पराग डेयरी को एक बड़ी कंपनी को लीज पर देने की तैयारी है। इसे देखते हुए पराग डेयरी को बंद करने की साजिश रची जा रही है। यह खेल दिसंबर माह से शुरू हो गया है। इसके तहत धीरे-धीरे कलेक्शन प्वाइंट से दूध कम खरीदे जा रहे हैं।

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इसके अलावा कई सेंटर पर दूध यह कहकर वापस कर दिया जा रहा है कि वह गुणवत्ता पूर्ण नहीं है। इसकी वजह से दूध उत्पादन 25 हजार लीटर से घटकर 600 से 700 लीटर पर पहुंच गया है।
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जानकार बताते हैं कि पराग डेयरी की दूध की क्षमता करीब एक लाख लीटर है। लेकिन, डेयरी की ओर से गोरखपुर-बस्ती मंडल के देवरिया, बस्ती, गोरखपुर से केवल 25 से 30 हजार लीटर ही दूध खरीदा जाता है। इन सबके बीच दिसंबर में खेल शुरू हुआ कि दूध खरीदने में डेयरी के अधिकारियों ने दिलचस्पी नहीं ली।
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इसे भी पढ़ें: दुग्ध उत्पादकों ने किया प्रदर्शन: पराग डेयरी पर हंगामा, अफसरों को बनाया बंधक

इसके बाद धीरे-धीरे दूध की खरीदारी हजार लीटर तक पहुंच गई। अब स्थिति यह है कि पराग डेयरी बंद होने के कगार पर पहुंच गई है। इसकी वजह से करीब दो करोड़ रुपये, किसानों के बकाए भी हो गए हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इसे बंद नहीं होने दिया जाएगा।

जिले में 115 कलेक्शन सेंटर
गोरखपुर जिले में पराग डेयरी के 115 कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं। इन सेंटरों पर पहले सात से आठ हजार लीटर दूध इकट्ठा होता था, लेकिन अब यह सेंटर केवल नाममात्र के रह गए हैं। इस सेंटर की स्थिति ऐसी है कि 100 लीटर दूध भी इकट्ठे नहीं हो पा रहे हैं।

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