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शैलेश यादव हत्याकांड : तीसरे हत्यारोपी पर 50 हजार का इनाम
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- पकड़े जाने के डर से साथियों ने कर दी थी शैलेश की हत्या
गोरखपुर। बेलीपार के जूडापुर गांव से दो महीने पहले पेंट-पॉलिश का काम करने बंगलूरू गए शैलेश यादव की हत्या में शामिल तीसरे आरोपी पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया है। दो आरोपियों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
बेलीपार के जूडापुर गांव निवासी शैलेश यादव की बीते 18 जून को बंगलूरू के बंदेपल्या थाना क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में सिकरीगंज के सतीश व बेलीपार के अरुण को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि, तीसरा आरोपी सिकरीगंज के अभौली निवासी वीरेंद्र यादव अभी पुलिस गिरफ्त से दूर है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि शैलेश यादव का अपने ही गांव के युवक अरुण से एक साल पहले किसी बात पर विवाद हो गया था। अरुण की दोस्ती सिकरीगंज के अभौली गांव में रहने वाले वीरेंद्र यादव और सतीश से थी। बंगलूरू में सभी लोग एक साथ रहते थे।
घटना से एक सप्ताह पहले शैलेंद्र ने वीरेंद्र को एक महिला के साथ देख लिया। उसे इस बात का डर था कि शैलेश गांव में यह बात सार्वजनिक न कर दे, इसीलिए तीनों ने मिलकर 18 जून को उसके सिर पर वार कर हत्या कर दी और पूरे मामले को हादसे का रूप देने का प्रयास किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सिर पर धारदार हथियार से वार की पुष्टि हुई, जिसके बाद शैलेश के भाई शशिभूषण यादव ने वीरेंद्र, अरुण और सतीश पर केस दर्ज कराया था। मामले की जानकारी होने पर आरोपी चंपत हो गए। बंगलूरू पुलिस ने अरुण को महाराष्ट्र से और सतीश को बेंगलुरु रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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गोरखपुर। बेलीपार के जूडापुर गांव से दो महीने पहले पेंट-पॉलिश का काम करने बंगलूरू गए शैलेश यादव की हत्या में शामिल तीसरे आरोपी पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया है। दो आरोपियों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
बेलीपार के जूडापुर गांव निवासी शैलेश यादव की बीते 18 जून को बंगलूरू के बंदेपल्या थाना क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में सिकरीगंज के सतीश व बेलीपार के अरुण को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि, तीसरा आरोपी सिकरीगंज के अभौली निवासी वीरेंद्र यादव अभी पुलिस गिरफ्त से दूर है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि शैलेश यादव का अपने ही गांव के युवक अरुण से एक साल पहले किसी बात पर विवाद हो गया था। अरुण की दोस्ती सिकरीगंज के अभौली गांव में रहने वाले वीरेंद्र यादव और सतीश से थी। बंगलूरू में सभी लोग एक साथ रहते थे।
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घटना से एक सप्ताह पहले शैलेंद्र ने वीरेंद्र को एक महिला के साथ देख लिया। उसे इस बात का डर था कि शैलेश गांव में यह बात सार्वजनिक न कर दे, इसीलिए तीनों ने मिलकर 18 जून को उसके सिर पर वार कर हत्या कर दी और पूरे मामले को हादसे का रूप देने का प्रयास किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सिर पर धारदार हथियार से वार की पुष्टि हुई, जिसके बाद शैलेश के भाई शशिभूषण यादव ने वीरेंद्र, अरुण और सतीश पर केस दर्ज कराया था। मामले की जानकारी होने पर आरोपी चंपत हो गए। बंगलूरू पुलिस ने अरुण को महाराष्ट्र से और सतीश को बेंगलुरु रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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