इस मामले में गोरखपुर को मिला प्रदेश में चौथा स्थान, लोगों ने पीएम मोदी को कहा- धन्यवाद
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पटरी व्यवसायियों के लिए प्रधानमंत्री पथ विक्रेता आत्मनिर्भर निधि योजना का मंगलवार को शुभारंभ हो गया। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना की शुरुआत की। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का एनेक्सी भवन में वर्चुअल प्रसारण किया गया। शहर के पथ विक्रेताओं को मेयर सीताराम जायसवाल, राज्यसभा सदस्य जयप्रकाश निषाद और विधायक ग्रामीण विपिन सिंह ने 10 हजार रुपये ऋण उपलब्ध कराने का प्रमाण पत्र दिया।
सुबह 10:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगरा, वाराणसी और लखनऊ के लाभार्थियों से बात की। उन्होंने लॉकडाउन में पैदा हुई विपरीत परिस्थितियों और उससे निपटने के इंतजामों की जानकारी ली। प्रधानमंत्री का संबोधन समाप्त होने के बाद प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम शुरू हुआ।
मेयर सीताराम जायसवाल ने कहा कि सरकार अब गरीबों के द्वार पहुंच रही है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने मिलकर गरीबों के लाभ के लिए योजना बनाई। वह ऋण बांटने के मामले में गोरखपुर न सिर्फ प्रदेश में बल्कि देश में चौथे स्थान पर है। यह हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसलिए लोग पीएम मोदी का धन्यवाद दे रहे हैं।
यह है पीएम स्वनिधि योजना
राज्यसभा सदस्य जयप्रकाश निषाद ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबकी चिंता करते हैं। इससे पूर्व राज्यसभा सदस्य शिवप्रताप शुक्ल भी कार्यक्रम में पहुंचे थे। संचालन नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने किया। इस दौरान उपसभापति अजय राय, डीएम के. विजयेंद्र पाण्डियन, अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा, संयुक्त नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, उप नगर आयुक्त संजय शुक्ल, सहायक नगर आयुक्त वैभव त्रिपाठी, डूडा के परियोजना अधिकारी विकास सिंह, डॉ. मुकेश रस्तोगी आदि मौजूद रहे।
लॉकडाउन में पटरी व्यवसायियों का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था। इन्हें फिर से व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऋण योजना शुरू की है। 10 हजार रुपये ऋण लेने वालों को एक साल में यह रकम वापस करनी है। डिजिटल विधि से रुपये वापस करने वालों को ऋण में छूट भी दी जा रही है।
चौथे स्थान पर है अपना गोरखपुर
प्रधानमंत्री स्व निधि योजना के तहत ऋण देने के मामले में गोरखपुर देश और प्रदेश में चौथे स्थान पर है। पहले स्थान पर वाराणसी दूसरे पर लखनऊ तीसरे पर आगरा है। इसी प्रकार क्रम से इलाहाबाद कानपुर इंदौर भोपाल गाजियाबाद और जबलपुर क्रमशः 5 से 10 वें स्थान पर हैं। गोरखपुर में अब तक 9567 लोगों को इस योजना के अंतर्गत ऋण दिया जा चुका है।