खुशखबर: बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं में गोरखपुर को मिला पहला स्थान, यूपी हेल्थ डैशबोर्ड ने जारी की रैंकिंग
21 अगस्त से 20 सितम्बर तक की यूपी हेल्थ डैशबोर्ड की रैंकिंग, सीएमओ ने दी बधाई और इसे बनाए रखने की अपील की।
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गर्भवती पंजीकरण, गृह आधारित नवजात देखभाल, गर्भवती जांच, टीबी नोटिफिकेशन समेत 15 संकेतकों पर अच्छा काम करने के लिए सितंबर माह में गोरखपुर को प्रदेश में पहली रैंक हासिल हुई है। इस उपलब्धि पर सीएमओ डॉ.सुधाकर पांडेय ने जिले के सभी संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को बधाई दी है और सेवाओं की गुणवत्ता बरकरार रखने की अपील की।
इस बार की रैकिंग 20 अगस्त से 21 सितंबर तक की है।सीएमओ ने बताया कि एसीएमओ डॉ नंद कुमार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज आनंद के सहयोगात्मक पर्यवेक्षण में टीम ने सितंबर में अच्छा प्रदर्शन किया है। इससे पहले फरवरी महीने में भी अच्छे संकेतकों के कारण गोरखपुर को पहला स्थान प्राप्त हुआ था।
सभी संकेतकों में सुधार के लिए आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम की अहम भूमिका है। आशा कार्यकर्ता समुदाय से लाभार्थियों को प्रेरित कर चिकित्सा ईकाइयों तक लाती हैं। गोरखपुर की यह रैकिंग अंग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं का सम्मान है। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों से कहा कि मातृ स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य, नवजात स्वास्थ्य और पोषण संबंधित गतिविधियों की गुणवत्ता बरकरार रखी जाए ।
इन संकेतकों का विशेष योगदान
जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज आनंद ने बताया कि डीएम विजय किरन आनंद और सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय की देखरेख में 21 अगस्त से 20 सितम्बर के बीच लक्ष्य के सापेक्ष 100 फीसदी गृह आधारित शिशु देखभाल, 100 फीसदी गर्भवती की एचआईवी जांच, 96 फीसदी संपूर्ण नियमित टीकाकरण, 96 फीसदी प्रसव पूर्व जांच, 82 फीसदी संस्थागत प्रसव जिसमें से 38 फीसदी सी-सेक्शन प्रसव और 88 फीसदी टीबी नोटिफिकेशन की सेवा दी गई।
रैकिंग को सुधारने में इन घटकों का विशेष योगदान रहा है। रैकिंग में स्टिल बर्थ रेशियो, पेंटावैलेट व बीसीजी रेशियो, हीमोग्लोबिन जांच, आशा भुगतान, परिवार नियोजन जैसे कुल मिलाकर 15 घटक शामिल हैं।