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Gorakhpur News: गोरखपुर पुलिस ने दी दबिश, हाथ नहीं लगा अर्पित जैन
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- एटीएस के साथ एसओजी भी आरोपी की तलाश में जुटी
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद (गोरखपुर)। गोरखपुर के थाना कैंट की पुलिस पिछले दो दिन से फरिहा थाना क्षेत्र में डेरा डाले हुए है। आरोपी की तलाश में पुलिस टीम के साथ ही एटीएस व एसओजी भी जुटी हुई है। गोरखपुर पुलिस ने आरोपी की तलाश में फरिहा क्षेत्र में दबिश दी थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका है। फरिहा पुलिस के अनुसार सिर्फ एक बार ही गोरखपुर पुलिस ने यहां आने की सूचना दी है।
फर्जी स्टांप में फंडिंग का काम करने के मामले में फरिहा क्षेत्र निवासी अर्पित जैन का नाम गोरखपुर पुलिस की जांच में सामने आ चुका है। इसके बाद गोरखपुर के थाना कैंट पुलिस ने अर्पित जैन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। अप्रैल से थाना पुलिस के साथ एटीएस और एसओजी आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी, लेकिन उसके ठिकाने का कोई सुराग नहीं लग पाया था। काफी सुरागकसी के बाद गोरखपुर पुलिस को जानकारी मिली कि अर्पित जैन फरिहा थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
दो दिन पहले गोरखपुर के थाना कैंट पुलिस ने फरिहा क्षेत्र में अर्पित की तलाश में यहां दबिश दी थी। लेकिन वह हाथ नहीं लग सका था। गोरखपुर पुलिस दो दिन से जिले में ढेरा जमाए हुए है, लेकिन अभी तक अर्पित फरार है। थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि गोरखपुर के थाना कैंट के एसएसआई अपनी टीम के साथ आए थे। आरोपी के गिरफ्तारी की जानकारी उन्होंने थाने पर नहीं दी है।
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एक सितंबर को अर्पित पर कैंट में दर्ज हुआ केस
पुलिस की जांच में सामने आया कि पश्चिम यूपी का धंधेबाज अर्पित जैन ही फर्जी स्टांप के धंधे में फंडिग कर रहा है। यूपी एटीएस ने एक सितंबर को बिहार सिवान के नवाब आरजू और उसके साथी राजू यादव को रेलवे स्टेशन के पास से फर्जी स्टांप के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में नवाब आरजू ने पुलिस को बताया कि वह पश्चिम के अर्पित जैन की बताई जगहों पर फर्जी स्टांप और टिकट पहुंचा देता हूं, इसके बदले वो पैसे देता है। इस बयान के बाद कैंट थाने में नवाब आरजू, राजू यादव के साथ ही अर्पित जैन के खिलाफ केस दर्ज किया गया। नवाब और राजू को पुलिस ने जेल भेजवा दिया। इसके बाद से ही एटीएस और गोरखपुर की कैंट पुलिस अर्पित जैन की तलाश कर रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद (गोरखपुर)। गोरखपुर के थाना कैंट की पुलिस पिछले दो दिन से फरिहा थाना क्षेत्र में डेरा डाले हुए है। आरोपी की तलाश में पुलिस टीम के साथ ही एटीएस व एसओजी भी जुटी हुई है। गोरखपुर पुलिस ने आरोपी की तलाश में फरिहा क्षेत्र में दबिश दी थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका है। फरिहा पुलिस के अनुसार सिर्फ एक बार ही गोरखपुर पुलिस ने यहां आने की सूचना दी है।
फर्जी स्टांप में फंडिंग का काम करने के मामले में फरिहा क्षेत्र निवासी अर्पित जैन का नाम गोरखपुर पुलिस की जांच में सामने आ चुका है। इसके बाद गोरखपुर के थाना कैंट पुलिस ने अर्पित जैन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। अप्रैल से थाना पुलिस के साथ एटीएस और एसओजी आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी, लेकिन उसके ठिकाने का कोई सुराग नहीं लग पाया था। काफी सुरागकसी के बाद गोरखपुर पुलिस को जानकारी मिली कि अर्पित जैन फरिहा थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
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दो दिन पहले गोरखपुर के थाना कैंट पुलिस ने फरिहा क्षेत्र में अर्पित की तलाश में यहां दबिश दी थी। लेकिन वह हाथ नहीं लग सका था। गोरखपुर पुलिस दो दिन से जिले में ढेरा जमाए हुए है, लेकिन अभी तक अर्पित फरार है। थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि गोरखपुर के थाना कैंट के एसएसआई अपनी टीम के साथ आए थे। आरोपी के गिरफ्तारी की जानकारी उन्होंने थाने पर नहीं दी है।
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एक सितंबर को अर्पित पर कैंट में दर्ज हुआ केस
पुलिस की जांच में सामने आया कि पश्चिम यूपी का धंधेबाज अर्पित जैन ही फर्जी स्टांप के धंधे में फंडिग कर रहा है। यूपी एटीएस ने एक सितंबर को बिहार सिवान के नवाब आरजू और उसके साथी राजू यादव को रेलवे स्टेशन के पास से फर्जी स्टांप के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में नवाब आरजू ने पुलिस को बताया कि वह पश्चिम के अर्पित जैन की बताई जगहों पर फर्जी स्टांप और टिकट पहुंचा देता हूं, इसके बदले वो पैसे देता है। इस बयान के बाद कैंट थाने में नवाब आरजू, राजू यादव के साथ ही अर्पित जैन के खिलाफ केस दर्ज किया गया। नवाब और राजू को पुलिस ने जेल भेजवा दिया। इसके बाद से ही एटीएस और गोरखपुर की कैंट पुलिस अर्पित जैन की तलाश कर रही है।