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चिड़ियाघर : केवल गैंडा, दरियाई घोड़ा और हिरन ही छोड़े जा रहे बाड़े में
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बाघिन मैलानी, तेंदुआ में संक्रमण की पुष्टि के बाद सभी बाड़ों का हुआ सैनिटाइजेशन
गोरखपुर। चिड़ियाघर में रह रहे पांच वन्यजीवों की रिपोर्ट बर्ड फ्लू पॉजिटिव आने के बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है। संक्रमित वन्यजीवों को आईसोलेशन में रखकर इलाज किया जा रहा है। वहीं, शनिवार को सभी बाड़ों को सैनिटाइज किया गया। केवल गैंडा, दरियाई घोड़ा और हिरन को ही बाड़े में छोड़ा जा रहा है।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में बाघिन शक्ति की मौत बर्ड फ्लू से हुई थी। इसके बाद परिसर और वेटलैंड में कई कौए मृत मिले थे। कौओं के साथ ही चिड़ियाघर के वन्यजीवों का सैंपल भी जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान, भोपाल भेजा गया था। शुक्रवार को भोपाल से आई रिपोर्ट में बाघिन मैलानी, तेंदुए के दो शावक, एक हिमालयन गिद्ध, काॅकाटील में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। वहीं, तीन कौओं की मौत का कारण भी बर्ड फ्लू संक्रमण ही था। वन्यजीवों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इन्हें आईसोलेट कर दिया गया है।
चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि आईसोलेट कर वन्यजीवों का इलाज किया जा रहा है। कौओं को इनसे दूर रखने के लिए उपाय किए जा रहे हैं। वहीं, शनिवार को सभी बाड़ों को फिर से सैनिटाइज किया गया। क्रॉल के ऊपर पर्दा लगाया गया है ताकि कौओं के बैठने से संक्रमण न फैले।
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गोरखपुर। चिड़ियाघर में रह रहे पांच वन्यजीवों की रिपोर्ट बर्ड फ्लू पॉजिटिव आने के बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है। संक्रमित वन्यजीवों को आईसोलेशन में रखकर इलाज किया जा रहा है। वहीं, शनिवार को सभी बाड़ों को सैनिटाइज किया गया। केवल गैंडा, दरियाई घोड़ा और हिरन को ही बाड़े में छोड़ा जा रहा है।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में बाघिन शक्ति की मौत बर्ड फ्लू से हुई थी। इसके बाद परिसर और वेटलैंड में कई कौए मृत मिले थे। कौओं के साथ ही चिड़ियाघर के वन्यजीवों का सैंपल भी जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान, भोपाल भेजा गया था। शुक्रवार को भोपाल से आई रिपोर्ट में बाघिन मैलानी, तेंदुए के दो शावक, एक हिमालयन गिद्ध, काॅकाटील में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। वहीं, तीन कौओं की मौत का कारण भी बर्ड फ्लू संक्रमण ही था। वन्यजीवों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इन्हें आईसोलेट कर दिया गया है।
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चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि आईसोलेट कर वन्यजीवों का इलाज किया जा रहा है। कौओं को इनसे दूर रखने के लिए उपाय किए जा रहे हैं। वहीं, शनिवार को सभी बाड़ों को फिर से सैनिटाइज किया गया। क्रॉल के ऊपर पर्दा लगाया गया है ताकि कौओं के बैठने से संक्रमण न फैले।
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