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Gorakhpur News: दुर्गंध कम हुआ तो लोगों ने आमी नदी के किनारे बनाई छठ वेदी

Thu, 07 Nov 2024 01:42 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2024 01:42 AM IST
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Gorakhpur News: When the foul smell reduced, people built Chhath altar on the banks of Aami river
उनवल। आमी नदी से मरी मछलियां निकाल लिए जाने और दूषित पानी गिरना बंद होने से पानी साफ होने लगा है। दुर्गंध भी लगभग खत्म हो गया है। इससे नदी के किनारे छठ घाटों पर पूजा करने वाली व्रती महिलाओं ने राहत की सांस ली है। बुधवार को जगह-जगह लोगों ने छठ घाटों की सफाई की और चूने का छिड़काव कराया।
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बीते 30 अक्तूबर की रात आमी नदी में छोड़े गए प्रदूषित पानी से मछलियां और अन्य जलीय जीव तो मरे ही, इससे उठ रही बदबू के चलते छठ पूजा पर भी संकट आ गया था। आमी नदी के पानी से दुर्गंध उठने की वजह से उनवल नगर पंचायत के अलावा खजनी तहसील क्षेत्र के गांव छताई, पांडेपुरा, मंझरिया, सोहरा, बेलडॉड़, ढढौना, भलुआन, कुड़ाभरत, भरवलिया, मखानी, लमती, जरलही, जमौली, भुसउल, गोरसैरा, सरसोपार आदि के लोग परेशान थे।
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उनवल में ही पुल के पास दो जगह सैकड़ों की संख्या में महिलाएं नदी के किनारे डूबते व उगते सूर्य को अर्घ्य देती हैं। यहां लोग तीन से चार घंटे का वक्त बिताते हैं, लेकिन जो स्थिति थी उसमें वहां खड़े होना भी मुश्किल था। गंदगी और बदबू के बीच छठ माता की पूजा कैसे होगी? इसकी चिंता से लोग परेशान थे। वहीं मछुआरों ने भी नदी से निकाली गई मरी मछलियाें को जगह-जगह सुखाने के लिए फैला दिया था। मंगलवार को ही नदी का पानी साफ होने लगा था। बुधवार को लोगों ने नदी के किनारे छठ वेदी बनाकर उसकी सफाई की।
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पानी आर्गेनिक मैटर ज्यादा, केमिकल भी घुला : प्रो. सत्यनारायण
एमएमएमयूटी के पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. सत्यनारायण ने आम नदी में उठती दुर्गंध और मछलियां मरने की जानकारी होने पर नदी के किनारे जाकर वस्तुस्थिति देखी। इनका कहना है कि नदी के पानी में कार्बनिक मैटर अधिक है। इसके अलावा केमिकल वाला पानी भी है। इससे नदी में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा कम हुई है। सामान्यत: जलीव जीव तभी मरते हैं, जब पानी में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा 4 मिलीग्राम से कम हो जाए। ऐसा तभी होगा जब नदी में बिना शोधित किए जल छोड़ा गया होगा।
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