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Gorakhpur News: डॉ. सरकारी पर हमले का आरोपी सिपाही रिहा हुआ तो जेल पर जुटी भीड़
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सिपाही पंकज कुमार को न्याय दिलाने के लिए नौका विहार पर आम नागरिकों से जन संवाद करते विधान परिषद
गोखपुर। डॉ. अनुज सरकारी पर हमला करने का आरोपी सिपाही पंकज रविवार को जेल से रिहा हो गया। कोर्ट ने 16 अक्तूबर को ही सिपाही को जमानत दे दी थी। रविवार को सुबह पंकज के परिवारीजन और बड़ी संख्या में शुभचिंतक जेल के बाहर मौजूद रहे। पंकज के पिता ने बेटे की रिहाई में मदद करने वालों का धन्यवाद दिया और कहा कि न्याय की जीत हुई। जमानतदारों की जांच के बाद शनिवार रात में जेल में रिहाई का परवाना पहुंचा गया था। लिहाजा रविवार सुबह पौने आठ बजे जेल से रिहा कर दिया गया।
संतकबीरनगर जिले के रहने वाला पकंज कुमार यूपी पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात है। उनकी वर्तमान पोस्टिंग बलिया जिले में है। ड्यूटी से ज्यादा गैरहाजिर होने से सिपाही को निलंबित किया गया है। पंकज पत्नी की पेट की बीमारी से परेशान होकर गोरखपुर शहर के डॉ. अनुज सरकारी के छात्रसंघ चौराहे पर स्थित क्लीनिक पर दिखाने आया था। अल्ट्रासाउंड का 300 ज्यादा लेने पर डॉक्टर से कहासुनी हुई।
आरोप है कि सिपाही पंकज ने डॉक्टर को धक्का दे दिया। बाद में डॉक्टर के कर्मचारियों ने सिपाही की पिटाई कर कैंट पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। अगले दिन सिपाही दोबारा डॉक्टर के क्लीनिक पर पहुंचा। डॉक्टर पर हमले का आरोप लगाकर पीआरवी के दो अन्य सिपाहियों को बुला लिया। आरोप है कि अंदर जाने के बाद पास मौजूद झोले से हथौड़ा निकालकर डॉक्टर के सिर पर पंकज ने ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
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डॉक्टर के स्टाफ ने सिपाही पंकज की पिटाई कर पुलिस को सौंप दिया। कैंट पुलिस ने तहरीर के आधार पर हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था।
सिपाही के साथ आए सामाजिक संगठन
सिपाही के जेल जाने के बाद अधिवक्ताओं के साथ ही विभिन्न संगठन के लोगों ने डॉक्टर पर भी केस दर्ज करने की मांग की। हालांकि, अभी डॉक्टर पर केस दर्ज नहीं हुआ है। बार एसोसिएशन के मंत्री और अध्यक्ष ने कोर्ट में जमानत की पैरवी भी शुरू कर दी। इसी क्रम में बुधवार को कोर्ट से सिपाही को जमानत मिल गई और रविवार को रिहा कर दिया गया।
एमएलसी ने नौका विहार पर किया जन संवाद
गोरखपुर। एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने रविवार सुबह नौका विहार पर मॉर्निंग वॉकर्स और आम नागरिकों संग सिपाही पंकज कुमार को न्याय दिलाने के लिए जन संवाद किया। उन्होंने पैडलेगंज चौक पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आह्वान किया कि वे संगठित होकर इस क्रूरता का विरोध करें। उन्होंने पीड़ित की पत्नी की ओर से दी तहरीर पर डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। कहा कि डॉक्टर के जेल जाने तक यह आंदोलन चलता रहेगा। आंदोलन के संयोजक पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने कहा कि इस घोर अपराध से आहत होकर जनता सड़क पर उतर गई है। इस दौरान चंद्रवली यादव, डॉ. अन्नू प्रसाद, तारकेश्वर शाही, धर्मेंद्र कुमार त्रिपाठी, सत्यपाल सिंह, जगदीश पांडेय आदि मौजूद रहे। संवाद
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संतकबीरनगर जिले के रहने वाला पकंज कुमार यूपी पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात है। उनकी वर्तमान पोस्टिंग बलिया जिले में है। ड्यूटी से ज्यादा गैरहाजिर होने से सिपाही को निलंबित किया गया है। पंकज पत्नी की पेट की बीमारी से परेशान होकर गोरखपुर शहर के डॉ. अनुज सरकारी के छात्रसंघ चौराहे पर स्थित क्लीनिक पर दिखाने आया था। अल्ट्रासाउंड का 300 ज्यादा लेने पर डॉक्टर से कहासुनी हुई।
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आरोप है कि सिपाही पंकज ने डॉक्टर को धक्का दे दिया। बाद में डॉक्टर के कर्मचारियों ने सिपाही की पिटाई कर कैंट पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। अगले दिन सिपाही दोबारा डॉक्टर के क्लीनिक पर पहुंचा। डॉक्टर पर हमले का आरोप लगाकर पीआरवी के दो अन्य सिपाहियों को बुला लिया। आरोप है कि अंदर जाने के बाद पास मौजूद झोले से हथौड़ा निकालकर डॉक्टर के सिर पर पंकज ने ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
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डॉक्टर के स्टाफ ने सिपाही पंकज की पिटाई कर पुलिस को सौंप दिया। कैंट पुलिस ने तहरीर के आधार पर हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था।
सिपाही के साथ आए सामाजिक संगठन
सिपाही के जेल जाने के बाद अधिवक्ताओं के साथ ही विभिन्न संगठन के लोगों ने डॉक्टर पर भी केस दर्ज करने की मांग की। हालांकि, अभी डॉक्टर पर केस दर्ज नहीं हुआ है। बार एसोसिएशन के मंत्री और अध्यक्ष ने कोर्ट में जमानत की पैरवी भी शुरू कर दी। इसी क्रम में बुधवार को कोर्ट से सिपाही को जमानत मिल गई और रविवार को रिहा कर दिया गया।
एमएलसी ने नौका विहार पर किया जन संवाद
गोरखपुर। एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने रविवार सुबह नौका विहार पर मॉर्निंग वॉकर्स और आम नागरिकों संग सिपाही पंकज कुमार को न्याय दिलाने के लिए जन संवाद किया। उन्होंने पैडलेगंज चौक पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आह्वान किया कि वे संगठित होकर इस क्रूरता का विरोध करें। उन्होंने पीड़ित की पत्नी की ओर से दी तहरीर पर डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। कहा कि डॉक्टर के जेल जाने तक यह आंदोलन चलता रहेगा। आंदोलन के संयोजक पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने कहा कि इस घोर अपराध से आहत होकर जनता सड़क पर उतर गई है। इस दौरान चंद्रवली यादव, डॉ. अन्नू प्रसाद, तारकेश्वर शाही, धर्मेंद्र कुमार त्रिपाठी, सत्यपाल सिंह, जगदीश पांडेय आदि मौजूद रहे। संवाद