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Gorakhpur News: बच्चों से चोरी कराते थे चाचा-भतीजा, बांग्लादेश भेज देते थे मोबाइल
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150 मोबाइल चोरी कर चाचा-भतीजा बेच चुके हैं पश्चिम बंगाल और झारखंड में
गिरोहबंद अपराध करने वाले चाचा-भतीजा पर होगी गैंगस्टर की कार्रवाई
गोरखपुर। रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार सुरेश कुमार महतो व प्रिंस कुमार (चाचा-भतीजा) बच्चों से मोबाइल चोरी कराते थे। बिहार व झारखंड के गांव में जाकर अभिभावकों को 15-20 हजार रुपये देकर उनके बच्चों को एक माह के लिए साथ लेकर निकल पड़ते थे। उन्हीं बच्चों को प्रशिक्षण देकर विभिन्न रेलवे स्टेशन व बाजारों में मोबाइल चोरी कराते थे। चोरी के मोबाइल को पश्चिम बंगाल में बेचकर बांग्लादेश भिजवा देते थे। पकड़े जाने के बाद आरोपियों ने जीआरपी को कई यह जानकारियां दीं।
जीआरपी प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों ने बताया कि चोरी के मोबाइल को वह पश्चिम बंगाल व झारखंड में ले जाकर बेच देते थे। वहां से चोरी के मोबाइल को बांग्लादेश भिजवा दिया जाता था। दोनों ने बताया कि यहां से चोरी मोबाइल की बांग्लादेश में अच्छी खासी कीमत मिल जाती है। पूर्व में बेचे गए 150 मोबाइल बांग्लादेश भिजवाया गया था। चाचा-भतीजा पर गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई की जाएगी।
मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह के सरगना सुरेश कुमार महतो व भतीजा प्रिंस कुमार ने बताया कि झारखंड व बिहार से बच्चों को अच्छा काम कराने के लिए झांसे में लेकर आते हैं। यहां लाकर मोबाइल चोरी व लूट की घटना में संलिप्त कर देते हैं। मोबाइल की संख्या अधिक होने के बाद उसे पश्चिम बंगाल व झारखंड ले जाकर बेच देते थे। इस बार भी चोरी के मोबाइल अच्छी संख्या में एकत्रित हो चुके थे। शनिवार को कुछ और मोबाइल चोरी की योजना बना रहे थे कि तभी पुलिस ने पकड़ लिया।
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गिरोहबंद अपराध करने वाले चाचा-भतीजा पर होगी गैंगस्टर की कार्रवाई
गोरखपुर। रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार सुरेश कुमार महतो व प्रिंस कुमार (चाचा-भतीजा) बच्चों से मोबाइल चोरी कराते थे। बिहार व झारखंड के गांव में जाकर अभिभावकों को 15-20 हजार रुपये देकर उनके बच्चों को एक माह के लिए साथ लेकर निकल पड़ते थे। उन्हीं बच्चों को प्रशिक्षण देकर विभिन्न रेलवे स्टेशन व बाजारों में मोबाइल चोरी कराते थे। चोरी के मोबाइल को पश्चिम बंगाल में बेचकर बांग्लादेश भिजवा देते थे। पकड़े जाने के बाद आरोपियों ने जीआरपी को कई यह जानकारियां दीं।
जीआरपी प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों ने बताया कि चोरी के मोबाइल को वह पश्चिम बंगाल व झारखंड में ले जाकर बेच देते थे। वहां से चोरी के मोबाइल को बांग्लादेश भिजवा दिया जाता था। दोनों ने बताया कि यहां से चोरी मोबाइल की बांग्लादेश में अच्छी खासी कीमत मिल जाती है। पूर्व में बेचे गए 150 मोबाइल बांग्लादेश भिजवाया गया था। चाचा-भतीजा पर गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई की जाएगी।
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मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह के सरगना सुरेश कुमार महतो व भतीजा प्रिंस कुमार ने बताया कि झारखंड व बिहार से बच्चों को अच्छा काम कराने के लिए झांसे में लेकर आते हैं। यहां लाकर मोबाइल चोरी व लूट की घटना में संलिप्त कर देते हैं। मोबाइल की संख्या अधिक होने के बाद उसे पश्चिम बंगाल व झारखंड ले जाकर बेच देते थे। इस बार भी चोरी के मोबाइल अच्छी संख्या में एकत्रित हो चुके थे। शनिवार को कुछ और मोबाइल चोरी की योजना बना रहे थे कि तभी पुलिस ने पकड़ लिया।
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