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Gorakhpur News: उमर फारुख था ठेकेदार, ढाई माह पहले रिश्तेदारों को बुलाकर लाया था काम पर

Sun, 27 Apr 2025 01:23 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 27 Apr 2025 01:23 AM IST
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Gorakhpur News: Umar Farooq was a contractor, he had called his relatives two and a half months ago to work
बिहार के अररिया जिला निवासी उमर फारुख छह महीने से गीडा इलाके की किसी फैक्टरी में करता था काम
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गोरखपुर। गीडा सेक्टर 13 में नूडल्स फैक्टरी में हुए विस्फोट में झुलसे मजदूर महज ढाई माह पहले ही यहां करने पहुंचे थे। उमर फारुख इनका ठेकेदार था। उसने सबसे पहले बेलाल से संपर्क किया। इसके बाद दोनों ने अपने रिश्तेदारों को भी इस फैक्टरी में कार्य करने के लिए तैयार करवाया।
टोटल फूड प्रोडक्ट के संचालक हिमांशु मणि त्रिपाठी ने बिहार प्रांत के अररिया के जोकिहट थाने के शेरलंगा निवासी उमर फारुख पुत्र मो. शोएब से वार्ता की थी। वह छह माह से गीडा में किसी कंपनी में कार्य कर रहा था। मेडिकल कॉलेज में बेलाल की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद जोकिहट थाने के तारन गांव निवासी बड़े भाई बेचन ने बताया कि उमर फारुख के कहने पर भाई बेलाल खुद आया और अपने रिश्तेदारों से बातचीत कर उनको भी यहां ले आया। उमर के गांव शेरलंगा से मुबारक पुत्र तौहिद, सलमान पुत्र तौहिद, तारन गांव के अहाद पुत्र रिस्तम, बागडारा के मो. माजिद पुत्र मजलूम व ईशा पुत्र कमरुल ढाई माह पहले ही नूडल्स बनाने के कार्य में लगे थे।
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60 घंटे तक तक लड़े जिंदगी के लिए मौत से जंग
नूडल्स फैक्टरी में हुए विस्फोट में झुलसे उमर व बेलाल करीब 60 घंटे तक जिंदगी के लिए मौत से जंग लड़ते रहे। शनिवार दोपहर में आधे घंटे के भीतर दोनों ही जंग हार गए। बुधवार की शाम विस्फोट से गंभीर रूप से झुलसे दोनों को बीआरडी मेडिकल कालेज की इमरजेंसी लाया गया।
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उमर के हैं चार बच्चे, बेलाल की नहीं हुई थी शादी
उमर की तीन पुत्रियां व एक पुत्र है। इलाज कराने पहुंचे भाई मजहर, मनउर और पत्नी जैनब को मौत की खबर मिली तो चीख कुमार मच गई। भाईयों की आंख से बह रहे आंसू रुक नहीं रहा था। बच्चों खुशनुमा (13), सुहाना (11), फरहान (7) व जोआ (3) का भरण-पोषण कैसे होगा, इसकी चिंता भी थी। वहीं बेलाल की अभी शादी नहीं हुई थी।
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