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Gorakhpur News: डॉ. कुमार सतीश रवि के समर्थन में खुलकर आए दो केंद्रीय मंत्री

Tue, 24 Sep 2024 06:16 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 24 Sep 2024 06:16 AM IST
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Gorakhpur News: Two Union Ministers came openly in support of Dr. Kumar Satish Ravi
गोरखपुर। एम्स के प्रोफेसर डॉ. कुमार सतीश रवि के फर्जी डिग्री प्रकरण को लेकर अब राजनीति शुरू हो गई है। दो केंद्रीय मंत्री खुलकर सामने आ गए हैं। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री चिराग पासवान ने इस प्रकरण से स्वास्थ्य मंत्री को अवगत कराया है। वहीं, केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने भी इस मामले के नए सिरे से निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। इन सबके बीच सोमवार को डॉ. रवि एम्स गोरखपुर आए, लेकिन कुछ देर बाद ही लौट गए। वह कानूनी लड़ाई के लिए विधिक सलाह ले रहे हैं और जल्द ही कोर्ट में रिट दाखिल कर सकते हैं। इन सबको लेकर सोमवार को दिनभर एम्स में तरह-तरह की चर्चाएं चलती रहीं।
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एनाटॉमी विभाग के प्रोफेसर डॉ. कुमार सतीश रवि के खिलाफ इंटरव्यू के दौरान ही शिकायत हुई थी। तत्कालीन कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने कमेटी बनाकर जबकि प्रेसिडेंट देशदीपक वर्मा ने गवर्निंग काउंसिल के सदस्य डॉ. अशोक प्रसाद से जांच कराई थी। कार्यकारी निदेशक की तरफ से गठित कमेटी ने जहां आरोप निराधार बताए थे, वहीं डॉ. अशोक प्रसाद ने जांच में दोषी पाया था। डॉ. अशोक प्रसाद की रिपोर्ट पर कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पॉल ने दो दिन पहले डॉ. कुमार सतीश रवि को एम्स से तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया था।
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इस मामले में ओमप्रकाश नाम के एक व्यक्ति ने डॉ. अशोक प्रसाद के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की है, वहीं डॉ. सतीश रवि के एक शुभचिंतक ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री चिराग पासवान से संपर्क किया है। सूत्रों का कहना है कि चिराग पासवान ने इस प्रकरण में स्वास्थ्य मंत्री से फोन पर वार्ता की है। वह जल्द ही दिल्ली में पूरे प्रकरण की जानकारी व दस्तावेज के साथ मिलकर डॉ. रवि को न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे।
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वहीं केंद्रीय ग्राम्य विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने भी इस प्रकरण में इंट्री की है। डॉ. सतीश रवि का पूरा प्रकरण केंद्रीय मंत्री के सामने प्रस्तुत हुआ है। मंत्री ने भी इस प्रकरण में फिर से जांच कराने की बात कही है।



अपने चैंबर जाकर लौट गए डॉ. के सतीश रवि



इस प्रकरण के चर्चा में आने के दौरान डॉ. कुमार सतीश रवि शहर से बाहर थे। उन्हें कार्यमुक्त करने से संबंधित दस्तावेज उनके घर व दफ्तर में भेजे गए थे। बताया जा रहा है कि सोमवार को डॉ. रवि कुछ देर के लिए एम्स पहुंचे। अपने चैंबर गए और जरूरी कागजात सहेजने के बाद लौट गए। दोपहर में वह दिल्ली चले गए। डॉ. रवि की पत्नी भी एम्स दिल्ली में बाल रोग विशेषज्ञ हैं। वह कानूनी सलाह ले रहे हैं और इस प्रकरण में जल्द ही कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।



वर्जन



मैंने अपनी तैनाती के वक्त कोई तथ्य छिपाए नहीं हैं। डि लिट की मानद डिग्री पर किसी की नियुक्ति नहीं होती, इतना मुझे भी पता है। हमने पद के सापेक्ष विज्ञापन में प्रदर्शित जो प्रमाणपत्र लगाने थे, वे ही लगाए हैं। मेरा कोई प्रमाणपत्र फर्जी नहीं पाया गया है। केवल साजिश के तहत मेरे खिलाफ एकतरफा निर्णय लिया गया है। इन लोगों ने मेरा कॅरिअर तबाह कर दिया। मैं भी विधिक सलाह ले रहा हूं। अगर न्याय नहीं मिला तो पूरे प्रकरण को लेकर कोर्ट जाने का विकल्प खुला है।




-डॉ. कुमार सतीश रवि



वर्जन



यह प्रकरण मेरे संज्ञान में लाया गया है। अब तक जो जानकारी मुझे मिली है, उससे स्पष्ट है कि डॉ. कुमार सतीश रवि को दूसरों की लड़ाई का नुकसान उठाना पड़ा है। गोरखपुर एम्स पढ़ाई के बजाय गुटबाजी के कारण चर्चा में है। इसका नुकसान आम लोगों को हो रहा है। किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि डॉ. कुमार सतीश रवि के प्रकरण की दोबारा उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर जांच की मांग की जाएगी। साथ ही इस मामले में जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग करूंगा।



कमलेश पासवान, केंद्रीय राज्यमंत्री
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