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Gorakhpur News: महिला चिकित्सक के बेटे से नौकरी दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये हड़पे
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पीड़ित ने रुपये मांंगे तो जालसाज करने लगे आनाकानी
विरोध करने पर जालसाज ने करा लिया स्थानांतरण
पीड़ित के पिता की तहरीर पर पुलिस आरोपी के विरुद्ध केस
कैंपियरगंज। सिद्धार्थनगर जिले के सीएचसी धानी में तैनात महिला चिकित्सक के बेटे को एक कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर स्वास्थ्य विभाग के ही एक कर्मचारी ने दो लाख रुपये हड़प लिए। नौकरी नहीं मिलने पर जब पीड़ित ने रुपये की मांग की तो कर्मचारी ने अपना ट्रांसफर करा लिया। पीड़ित के पिता ने तहरीर देकर आरोपी के विरुद्ध कैंपियरगंज पुलिस ने केस दर्ज किया है।
कैंपियरगंज फाॅरेस्ट रोड निवासी जितेंद्र नाथ मिश्र प्राइवेट चिकित्सक है। उनकी पत्नी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धानी में महिला चिकित्सक हैं। डुमरियागंज के बस्ती कचहरी निवासी रविप्रकाश चौधरी भी वहां स्वास्थ्यकर्मी के रूप में कार्यरत था। चिकित्सक दंपती का बेटा स्वर्णिम वशिष्ठ अक्सर ही मां को छोड़ने अस्पताल जाता था। वहां उसकी रवि प्रकाश से अच्छी जान पहचान हो गई। रविप्रकाश चौधरी ने भी स्वर्णिम वशिष्ठ के एमबीए पास होने के बाद भी बेरोजगार होने का फायदा उठाते हुए झांसे में ले लिया।
उसने 102 एंबुलेंस का संचालन कार्य देखने वाली कंपनी में संविदा पर प्रोजेक्ट मैनेजर का दो -तीन पद खाली होने की बात बताई। इसके बाद चिकित्सक दंपती को इसकी जानकारी दी तो वह नौकरी लगवाने के लिए राजी हो गए। आवेदन देने के बाद मोबाइल पर ही इंटरव्यू हो गया। इंटरव्यू के बाद रविप्रकाश चौधरी ने सभी को झांसे लेकर 50 हजार नकद व डेढ़ लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करा लिया। कुछ दिन बीतने के बाद नौकरी नहीं मिली तो पीड़ित ने रविप्रकाश को फोन किया तो वह आनाकानी करने लगा। आरोपी ने धानी से अपना स्थानांतरण पहले गोरखपुर फिर खोराबार करा लिया था। कैंपियरगंज पुलिस तहरीर मिलने के बाद केस दर्ज कर मामले की जांच में जुटी है।
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विरोध करने पर जालसाज ने करा लिया स्थानांतरण
पीड़ित के पिता की तहरीर पर पुलिस आरोपी के विरुद्ध केस
कैंपियरगंज। सिद्धार्थनगर जिले के सीएचसी धानी में तैनात महिला चिकित्सक के बेटे को एक कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर स्वास्थ्य विभाग के ही एक कर्मचारी ने दो लाख रुपये हड़प लिए। नौकरी नहीं मिलने पर जब पीड़ित ने रुपये की मांग की तो कर्मचारी ने अपना ट्रांसफर करा लिया। पीड़ित के पिता ने तहरीर देकर आरोपी के विरुद्ध कैंपियरगंज पुलिस ने केस दर्ज किया है।
कैंपियरगंज फाॅरेस्ट रोड निवासी जितेंद्र नाथ मिश्र प्राइवेट चिकित्सक है। उनकी पत्नी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धानी में महिला चिकित्सक हैं। डुमरियागंज के बस्ती कचहरी निवासी रविप्रकाश चौधरी भी वहां स्वास्थ्यकर्मी के रूप में कार्यरत था। चिकित्सक दंपती का बेटा स्वर्णिम वशिष्ठ अक्सर ही मां को छोड़ने अस्पताल जाता था। वहां उसकी रवि प्रकाश से अच्छी जान पहचान हो गई। रविप्रकाश चौधरी ने भी स्वर्णिम वशिष्ठ के एमबीए पास होने के बाद भी बेरोजगार होने का फायदा उठाते हुए झांसे में ले लिया।
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उसने 102 एंबुलेंस का संचालन कार्य देखने वाली कंपनी में संविदा पर प्रोजेक्ट मैनेजर का दो -तीन पद खाली होने की बात बताई। इसके बाद चिकित्सक दंपती को इसकी जानकारी दी तो वह नौकरी लगवाने के लिए राजी हो गए। आवेदन देने के बाद मोबाइल पर ही इंटरव्यू हो गया। इंटरव्यू के बाद रविप्रकाश चौधरी ने सभी को झांसे लेकर 50 हजार नकद व डेढ़ लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करा लिया। कुछ दिन बीतने के बाद नौकरी नहीं मिली तो पीड़ित ने रविप्रकाश को फोन किया तो वह आनाकानी करने लगा। आरोपी ने धानी से अपना स्थानांतरण पहले गोरखपुर फिर खोराबार करा लिया था। कैंपियरगंज पुलिस तहरीर मिलने के बाद केस दर्ज कर मामले की जांच में जुटी है।
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