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Gorakhpur News: एक ही वर्ष में बीएड की दो मार्कशीट...यूनिवर्सिटी में दोनों का रिकॉर्ड नहीं

Fri, 24 Oct 2025 01:11 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Oct 2025 01:11 AM IST
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Gorakhpur News: Two B.Ed mark sheets in the same year...no record of both in the university
फर्जी मार्कशीट प्रकरण: बेसिक शिक्षा अधिकारी आजमगढ़ कार्यालय से सत्यापन आने के बाद खुला मामला
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डीडीयू से संबद्ध दो कॉलेजों की है मार्कशीट, दोनों रोल नंबर रिकॉर्ड में ही नहीं
मामला संज्ञान में आने के बाद डीडीयू ने बनाई जांच कमेटी
गोरखपुर। फर्जी मार्कशीट के जरिये बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल करने के प्रकरण में एक और बड़ा मामला सामने आया है। एक वर्ष में एक ही महिला अभ्यर्थी की बीएड की दो मार्कशीट जारी हो गई। दोनों अलग-अलग कॉलेजों की है। बेसिक शिक्षा अधिकारी आजमगढ़ कार्यालय से सत्यापन का मामला गोरखपुर विश्वविद्यालय में आया तो पता चला कि दोनों की मार्कशीट फर्जी है। कोई भी रोल नंबर विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में नहीं मिला। मामले में विश्वविद्यालय ने जांच कमेटी बनाई है जो जल्द कुलपति को रिपोर्ट सौंपेगी।
करीब एक माह पहले बीएसए कार्यालय आजमगढ़ से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में एक मार्कशीट के सत्यापन का पत्र आया। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत महिला की एक ही वर्ष में बीएड की दो मार्कशीट जारी हुई थी। दोनों मार्कशीट वर्ष 1992 की हैं। इसमें एक देवरिया और एक कुशीनगर के संबद्ध कॉलेज की है। मामला संज्ञान में आने के बाद जब विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड खंगाले गए तो सब हैरान रह गए। दोनों ही मार्कशीट फर्जी निकलीं।
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जिस छात्रा का नाम और रोल नंबर उसमें अंकित था, उसका कोई रिकॉर्ड ही नहीं मिला। मामला कुलपति के संज्ञान में आया तो उन्होंने इसकी जांच के लिए एक कमेटी बना दी। यह कमेटी जांच कर जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
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कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका
एक ही वर्ष की दो फर्जी मार्कशीट कैसे बन गई, इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। उस समय के कई कर्मचारी अब नहीं रहे। इसी के आधार पर वह महिला बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी भी करने लगी। बताया जा रहा है कि यह एक मामला है जो सामने आ गया। इस तरह के फर्जीवाड़े के और भी मामले हो सकते हैं, जिसके बारे में किसी को भनक भी नहीं है। कई कर्मचारियों की इसमें मिलीभगत होने की आशंका है। जांच कमेटी इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।



2021 में 100 शिक्षकों पर शुरू हुई थी जांच

एसटीएफ ने 2021 में गोरखपुर मंडल के करीब 100 शिक्षकों के खिलाफ जांच शुरू की थी। ये सभी फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी कर रहे थे। इसमें गोरखपुर जनपद के करीब 30 शिक्षक शामिल थे। इसके पहले 2019 में बेसिक शिक्षा विभाग ने दो फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त किया था। साथ ही संदिग्ध 15 शिक्षकों को निलंबित कर उनपर जांच बैठा दी थी। अब एक-एक कर सभी मामले खुल रहे हैं।
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