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Gorakhpur News: अस्पतालों के पास मेडिकल स्टोर की भरमार, लाइसेंस की नहीं होती जांच
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जिला अस्पताल के पास खुला मेडिकल स्टोर।
जिला अस्पताल के पास एक साल से बिना लाइसेंस संचालित हो रहा था अंकित मेडिकल स्टोर
बीआरडी मेडिकल कॉलेज और एम्स के पास भी बड़ी संख्या में हैं दवा की दुकानें
गोरखपुर। जिले में अस्पतालों के आसपास मेडिकल स्टोर की भरमार है, लेकिन लाइसेंस और नियमानुसार संचालन की जांच न होने से अनियमितताएं खुलकर सामने आ रही हैं। हाल ही में जिला अस्पताल के पास बिना लाइसेंस संचालित हो रहे अंकित मेडिकल स्टोर का मामला सामने आया, जो एक साल से बगैर लाइसेंस के खुलेआम चल रहा था।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर इस पर कार्रवाई की तो पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर दूसरी जगहों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, केवल जिला अस्पताल ही नहीं, बल्कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज और एम्स गोरखपुर के आसपास भी बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं। यहां भी दवा माफिया मरीजों को बहकाकर महंगी दवाएं खरीदवाते हैं। इससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ता है। जिले में एक हजार से अधिक मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं।
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हाल ही में जिला अस्पताल के पास ड्रग विभाग ने चार दुकानों का संचालन बंद कराया था। इसमें अंकित मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया है। जांच में सामने आया है कि यह दुकान पिछले एक साल से बगैर लाइसेंस के संचालित हो रही थी। वहीं, ड्रग विभाग ने चारों दुकानों को नोटिस जारी कर सोमवार तक पक्ष रखने का मौका दिया है। ड्रग विभाग की जांच में सामने आया कि अंकित मेडिकल स्टोर का लाइसेंस एक साल पहले ही समाप्त हो गया था। वहीं, न्यू किशन मेडिकल स्टोर, विक्की मेडिकल स्टोर और रवि मेडिकल स्टोर को भी नोटिस जारी किया है। इन दुकानों का संचालन मानक के अनुरूप नहीं हो रहा था। सभी को पक्ष रखने के लिए सोमवार तक का समय दिया गया है।
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वर्जन...
जिला अस्पताल के पास चार दुकानों को बंद कराया गया है। इसमें एक को सील कर दिया गया है। सभी को नोटिस जारी कर सोमवार तक पक्ष रखने का मौका दिया गया है। यदि किसी दूसरी जगह से भी शिकायत आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-पूरण चंद, सहायक औषधि आयुक्त, गोरखपुर मंडल
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज और एम्स के पास भी बड़ी संख्या में हैं दवा की दुकानें
गोरखपुर। जिले में अस्पतालों के आसपास मेडिकल स्टोर की भरमार है, लेकिन लाइसेंस और नियमानुसार संचालन की जांच न होने से अनियमितताएं खुलकर सामने आ रही हैं। हाल ही में जिला अस्पताल के पास बिना लाइसेंस संचालित हो रहे अंकित मेडिकल स्टोर का मामला सामने आया, जो एक साल से बगैर लाइसेंस के खुलेआम चल रहा था।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर इस पर कार्रवाई की तो पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर दूसरी जगहों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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सूत्रों के अनुसार, केवल जिला अस्पताल ही नहीं, बल्कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज और एम्स गोरखपुर के आसपास भी बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं। यहां भी दवा माफिया मरीजों को बहकाकर महंगी दवाएं खरीदवाते हैं। इससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ता है। जिले में एक हजार से अधिक मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं।
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हाल ही में जिला अस्पताल के पास ड्रग विभाग ने चार दुकानों का संचालन बंद कराया था। इसमें अंकित मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया है। जांच में सामने आया है कि यह दुकान पिछले एक साल से बगैर लाइसेंस के संचालित हो रही थी। वहीं, ड्रग विभाग ने चारों दुकानों को नोटिस जारी कर सोमवार तक पक्ष रखने का मौका दिया है। ड्रग विभाग की जांच में सामने आया कि अंकित मेडिकल स्टोर का लाइसेंस एक साल पहले ही समाप्त हो गया था। वहीं, न्यू किशन मेडिकल स्टोर, विक्की मेडिकल स्टोर और रवि मेडिकल स्टोर को भी नोटिस जारी किया है। इन दुकानों का संचालन मानक के अनुरूप नहीं हो रहा था। सभी को पक्ष रखने के लिए सोमवार तक का समय दिया गया है।
वर्जन...
जिला अस्पताल के पास चार दुकानों को बंद कराया गया है। इसमें एक को सील कर दिया गया है। सभी को नोटिस जारी कर सोमवार तक पक्ष रखने का मौका दिया गया है। यदि किसी दूसरी जगह से भी शिकायत आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-पूरण चंद, सहायक औषधि आयुक्त, गोरखपुर मंडल