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Gorakhpur News: एमए के वाइवा में नहीं होगी बाह्य परीक्षक की जरूरत
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अप्रायोगिक विषयों से बाह्य परीक्षक की भूमिका खत्म करने के प्रस्ताव पर परीक्षा समिति की मुहर
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) ने परास्नातक (एमए) कला संकाय के अप्रायोगिक विषयों की शोध परियोजना और मौखिक परीक्षा से बाह्य परीक्षकों की भूमिका समाप्त कर दी है। बृहस्पतिवार को एकल एजेंडे पर आयोजित परीक्षा समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह निर्णय वर्तमान सत्र से लागू होगा।
डीडीयू के अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. राजवंत राव ने बाह्य परीक्षकों की भूमिका खत्म करने का प्रस्ताव विश्वविद्यालय प्रशासन को दिया था। प्रशासन ने विचार-विमर्श के बाद इसे परीक्षा समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति ने निर्णय लिया कि अब राजकीय, एडेड और स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों के शिक्षक स्वयं शोध परियोजना और मौखिक परीक्षाएं आयोजित करेंगे और अंक विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपलोड करेंगे। स्नातक कला संकाय में मौखिक परीक्षाएं पहले ही समाप्त की जा चुकी हैं।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि परीक्षा समिति के निर्णय को वर्तमान सत्र से लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। जल्द ही इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) ने परास्नातक (एमए) कला संकाय के अप्रायोगिक विषयों की शोध परियोजना और मौखिक परीक्षा से बाह्य परीक्षकों की भूमिका समाप्त कर दी है। बृहस्पतिवार को एकल एजेंडे पर आयोजित परीक्षा समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह निर्णय वर्तमान सत्र से लागू होगा।
डीडीयू के अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. राजवंत राव ने बाह्य परीक्षकों की भूमिका खत्म करने का प्रस्ताव विश्वविद्यालय प्रशासन को दिया था। प्रशासन ने विचार-विमर्श के बाद इसे परीक्षा समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति ने निर्णय लिया कि अब राजकीय, एडेड और स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों के शिक्षक स्वयं शोध परियोजना और मौखिक परीक्षाएं आयोजित करेंगे और अंक विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपलोड करेंगे। स्नातक कला संकाय में मौखिक परीक्षाएं पहले ही समाप्त की जा चुकी हैं।
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कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि परीक्षा समिति के निर्णय को वर्तमान सत्र से लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। जल्द ही इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
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