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Gorakhpur News: कलम और तलवार दोनों से चलती है व्यवस्था..कायस्थ समाज ने दोनों को पूजा

Wed, 10 Sep 2025 01:40 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Sep 2025 01:40 AM IST
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Gorakhpur News: The system runs with both pen and sword..Kayastha society worships both
गोरखपुर क्लब में श्री चित्रगुप्त मंदिर सभा गोरखपुर के शपथ ग्रहण समारोह में नवनिर्वाचित पदाधिकार
सीएम योगी बोले-जब भी समाज को जरूरत पड़ी, कायस्थ समाज ने दिया बड़ा योगदान, जब लोकतंत्र खतरे में पड़ा, तब जयप्रकाश नारायण ने जताई क्रांति की मशाल
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श्रीचित्रगुप्त मंदिर सभा की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री



गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब भी देश और समाज को जरूरत पड़ी, तब कायस्थ समाज के महापुरुषों ने अपना विशिष्ट योगदान दिया। स्वामी विवेकानंद ने संस्कृति की अलख जगाई तो मुंशी प्रेमचंद ने साहित्य से समाज को दिशा दी। आजादी के बाद जब लोकतंत्र खतरे में पड़ा, तब जयप्रकाश नारायण ने क्रांति की मशाल जलाई। समाज यह जानता है कि कलम और तलवार दोनों के समन्वय से ही समाज व राष्ट्र की व्यवस्था चलती है। इसीलिए कायस्थ समाज ने सिर्फ कलम ही नहीं, तलवार की भी पूजा की है।



सीएम योगी मंगलवार को गोरखपुर क्लब में श्रीचित्रगुप्त मंदिर सभा गोरखपुर की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माना गया है कि सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा की विशिष्ट काया से कायस्थ का प्रादुर्भाव हुआ है। भगवान श्रीचित्रगुप्त को कर्म की साधना के अनुसार सृष्टि का लेखा-जोखा रखने वाले और श्रेष्ठ कार्य करने की प्रेरणा देने वाले भगवान की प्रतिष्ठा प्राप्त है।
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उन्होंने कहा कि कायस्थ समाज को प्रबुद्ध समाज माना जाता है। धर्म, अर्थ, प्रशासन, व्यवसाय, विधि, कला, चिकित्सा, शिक्षा समेत हरेक क्षेत्र में इस समाज ने विशिष्ट योगदान दिया है। गुलामी के कालखंड में देश जब भारतीयता की विस्मृति के दौर से गुजर रहा था तब शिकागो में गर्व से कहो हम हिन्दू हैं का उद्घोष कर भारतीयता के मानव कल्याण का मंत्र का स्मरण कराने वाले स्वामी विवेकानंद कायस्थ कुल परंपरा से ही थे।
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सीएम ने कहा कि स्वाधीनता आंदोलन में, तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा, का उद्घोष करने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस इसी परंपरा के थे। जब सभी मत, मजहब, क्षेत्र, भाषा को एकसूत्र में पिरोने वाले संविधान के निर्माण की बात आई तो जो नाम सामने आया, वह डॉ. राजेंद्र प्रसाद जो देश के पहले राष्ट्रपति बने, इसी परंपरा के थे। स्वतंत्र भारत में देश के दुश्मनों को जवाब देने वाले, 1965 की लड़ाई में पाकिस्तान को नाको चने चबवाने वाले लाल बहादुर शास्त्री जी भी इसी परंपरा के थे।



उन्होंने कहा कि 1975 में जब देश में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा था तब उसे बचाने के लिए सामने आए जयप्रकाश जी इसी समाज के थे। यही नहीं जब अयोध्या में राम मंदिर बनने की बात दुरूह लग रही थी तब इसी समाज के महर्षि महेश योगी ने हॉलैंड में भगवान राम के नाम का सिक्का जारी कर दिया था। हिंदी साहित्य में उपन्यास की विशिष्ट शैली देने वाले मुंशी प्रेमचंद जी भी इसी समाज के महापुरुष थे।



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डॉ. राजेंद्र प्रसाद की याद में प्रयागराज में लॉ यूनिवर्सिटी



मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद देश के ऐसे पहले राष्ट्रपति हैं जो माघ मेले के दौरान एक माह प्रयागराज में प्रवास कर सनातन संस्कृति को मजबूती देने का कार्य करते थे। उनकी साधना जाति नहीं बल्कि देश के लिए थी। उनके योगदान के सम्मान में प्रदेश सरकार प्रयागराज में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी बना रही है। उन्होंने कहा कि देश की पुरातन संस्थाओं में कायस्थ पाठशाला प्रयागराज का नाम आता है। शिक्षा के क्षेत्र में कायस्थ समाज के लोगों द्वारा स्थापित महात्मा गांधी इंटर और डिग्री कॉलेज सहित कई संस्थाएं भी उल्लेखनीय हैं।



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अमिताभ बच्चन के योगदान की सीएम ने की सराहना



कार्यक्रम के दौरान कायस्थ समाज के उल्लेखनीय लोगों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन का भी जिक्र किया। कहा-कला के क्षेत्र में अमिताभ बच्चन का मुकाबला है क्या। उनमें काफी सहजता है। आज भी लोग उन्हें छोरा गंगा किनारे वाला कहकर याद करते हैं। अमिताभ खुद भी कहते हैं कि वह प्रयागराज को कभी नहीं भूल सकते। उनके मन में अपनी धरती के प्रति अत्यंत आत्मीयता का भाव है। मुख्यमंत्री ने इसी क्रम में शत्रुघ्न के कई बार गोरखपुर आने का भी उल्लेख किया।




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दिव्यांगजन में होते हैं कई ईश्वरीय गुण



गोरखपुर। गोकुल अतिथि भवन में मारवाड़ी युवा मंच की तरफ से आयोजित तीन दिवसीय निशुल्क कृत्रिम पैर प्रत्यारोपण शिविर के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिव्यांगजन में कई प्रतिभाएं छिपी होती हैं। बस जरूरत होती है एक योजक की जो उनकी प्रतिभा को निखार सके। किसी कारणवश दिव्यांगता को प्राप्त दिव्यांगजन में ईश्वर द्वारा अनेक गुण प्रदान किए जाते हैं। यदि इन दिव्यांगजन को समाज का संबल प्राप्त हो जाए तो वह समाज के लिए उपयोगी हो जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मारवाड़ी युवा मंच गोरखपुर द्वारा दिव्यांगजन के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कृत्रिम उपकरण वितरण का कार्य अत्यंत सराहनीय है। यह कार्य ईश्वर के प्रति सर्वश्रेष्ठ सेवा है तथा पितृपक्ष में अपने पूर्वजों को दी गई सबसे बड़ी श्रद्धाजंलि है।
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