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Gorakhpur News: बवाल की असली जड़...अध्यक्ष पद पर एक साल से खींचतान

Mon, 21 Jul 2025 01:07 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 21 Jul 2025 01:07 AM IST
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Gorakhpur News: The real root of the ruckus... tussle for the post of president for one year
कांग्रेस: संगठन के पदाधिकारी खुलकर नेतृत्व के खिलाफ उठा रहे झंडा
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महानगर अध्यक्ष के खिलाफ तो कार्यकर्ता लखनऊ जाकर कर चुके हैं प्रदर्शन
गोरखपुर। जिला कांग्रेस में बवाल की असली जड़ जिलाध्यक्ष पद पर खींचतान है। यूपी में वापसी का दावा कर रही कांग्रेस अपने पदाधिकारियों को जनहित के मुद्दे पर सत्तापक्ष से संघर्ष का मंत्र सिखा रही है तो वहीं कार्यकर्ता आपस में ही लड़कर इसमें पलीता लगा रहे हैं। बीते एक साल से शायद ही कोई मौका हो जब पदाधिकारियों ने अपने नेतृत्व के खिलाफ बगावत न की हो।
बीते मार्च में जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष का चयन होने पर कार्यकर्ताओं ने लखनऊ तक जाकर धरना दिया था। अब स्लीपर सेल के बहाने फिर सब एक दूसरे की लानत-मलानत कर रहे हैं। अध्यक्ष पद को लेकर चल रही इसी खींचतान का नतीजा अब मारपीट के रूप में सामने आ रहा है।
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पिछले साल जिलाध्यक्ष रहीं निर्मला पासवान के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोला था। सोशल मीडिया ग्रुप में जमकर एक दूसरे के खिलाफ भड़ास निकाली गई। साल की शुरूआत में जब संगठन स्तर पर जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष की तलाश शुरू हुई तब यह गुटबाजी खुलकर सामने आई। लखनऊ में वरिष्ठ पदाधिकारियों के सामने ही एक दूसरे की पोल खोली गई।
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पदाधिकारियों ने यह तक बता दिया कि रक्तदान शिविर और पौधरोपण अभियान में किसने सहयोग नहीं दिया। इस बीच पुराने कांग्रेसी राजेश तिवारी को जिलाध्यक्ष और युवा रवि प्रकाश निषाद को महानगर अध्यक्ष बनाए जाने पर फिर विरोध शुरू हो गया। महानगर अध्यक्ष के खिलाफ तो गोरखपुर से लेकर लखनऊ तक प्रदर्शन हुए। जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी के खिलाफ भी एक गुट सक्रिय हो गया।
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पूर्व जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान ने खुलकर जताया था विरोध
बीते अप्रैल में केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर टाउनहाल के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को विरोध प्रदर्शन करना था। जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी की अगुवाई में विरोध-प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान ने प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर दिया। वहां मौजूद पुलिस फोर्स और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच इसे लेकर धक्का मुक्की हुई। पूर्व जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान समेत कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में निर्मला पासवान ने जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी पर आरोप लगाया कि वह कार्यकर्ताओं के साथ खड़े नहीं हुए। वहीं जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी का कहना था कि निर्मला पासवान ने पार्टी की गाइडलाइन से अलग हटकर प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया जो विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं था। दोनों ने सोशल मीडिया पर भी जमकर एक दूसरे के खिलाफ भड़ास निकाली थी।

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उरुवा ब्लॉक अध्यक्ष को हटाने के बाद और बिगड़ा मामला
जिलाध्यक्ष बनाए जाने के बाद राजेश तिवारी ने क्षेत्र में जाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक शुरू की। इसके साथ ही संगठन को नई धारा देने की बात कहने के साथ आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया। इसी बीच उन्होंने उरुवा के ब्लॉक अध्यक्ष रहे सच्चिदानंद तिवारी को पद से हटा दिया। इसको लेकर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। बीते 10 जुलाई को कांग्रेस के नए बने कार्यालय में संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक थी। उस बैठक में भी सच्चिदानंद तिवारी और मनीष गौतम के बीच मारपीट हुई थी। सच्चिदानंद का आरोप था कि कई ऐसे लोग जो कुछ दिन पहले तक भाजपा के कार्यक्रमों में दिखते थे, अब वे कांग्रेसी हो गए हैं। बंद कमरे में हुई उस मारपीट का मामला भी रामगढ़ताल थाने पहुंचा था। दोनों पक्ष ने अपनी-अपनी तहरीर सोशल मीडिया पर डाल दी थी, जिसको लेकर कई दिन से कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा चल रही थी।
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