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Gorakhpur News: कानून के रखवाले ही लगा रहे खाकी के दामन पर दाग..टूट रहा भरोसा

Mon, 11 Aug 2025 01:16 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 11 Aug 2025 01:16 AM IST
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Gorakhpur News: The protectors of law are themselves tarnishing the reputation of khakis...trust is breaking
राजस्थान के युवक से लूट के मामले में पुलिसकर्मी भी हैं संदिग्ध, फिर खाकी पर उठे सवाल
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विशेषज्ञों की सलाह- लालच में गलत कदम उठाना ठीक नहीं, पुलिसकर्मियों की समय-समय पर ट्रेनिंग जरूरी
गोरखपुर। राजस्थान से आए एक युवक से लूट की घटना में पुलिसवालों के नाम संदिग्धों की सूची में आने से एक बार फिर खाकी दागदार हुई है। हालांकि, यह पहला मामला नहीं है, वसूली के चक्कर में कानपुर से आए व्यापारी मनीष गुप्ता की होटल में हुई हत्या ने सूबे को हिलाकर रख दिया था। घटना में इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मी आरोपी बनाए गए थे। कानून के जानकारों का कहना है कि समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर लगाम कसने वाले पुलिसकर्मी ही यदि अपराध में संलिप्त पाए जाएं, तो यह न केवल खाकी की गरिमा पर सवाल उठाता है, बल्कि आम जनता का भरोसा भी टूटता है।
सेवानिवृत्त सीओ शिवपूजन सिंह यादव कहते हैं, पीड़ित व्यक्ति बड़े ही भरोसे के साथ ही पुलिस के पास जाता है। लेकिन, कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं जिनसे खाकी के दामन पर छींटे पड़े हैं। इससे समाज में गलत संदेश जाता है। पुलिसकर्मी यदि अपराध में संलिप्त पाए जाते हैं, तो इससे विभाग की बदनामी होती है। लालच में पड़कर गलत कदम उठाना ठीक नहीं है। नए पुलिसकर्मियों की समय-समय पर ट्रेनिंग जरूरी है।
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वे कहते हैं जब जनता का विश्वास कमजोर होता है तो पुलिस के अच्छे कार्य भी दब जाते हैं। गोरखपुर पुलिस ने हाल के वर्षों में कई बड़े अपराधियों को पकड़ा, गैंगस्टरों पर शिकंजा कसा और जनता की सुरक्षा के लिए सफल अभियानों को अंजाम दिया है, लेकिन ऐसे नकारात्मक घटनाक्रम इन उपलब्धियों को पीछे धकेल देते हैं।
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पहले भी आ चुके हैं मामले
केस-1
तीन अप्रैल 2024 को बलिया निवासी बेनीगंज के तत्कालीन चौकी इंचार्ज आलोक सिंह ने चेकिंग के दौरान लाला टोली निवासी दवा व्यापारी नवीन श्रीवास्तव को 50 लाख रुपये के साथ पकड़ा था। आरोप है कि एनकाउंटर का डर दिखाकर पूरी रकम हड़प ली गई। मामला संज्ञान में आने पर तत्कालीन एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने चौकी प्रभारी आलोक सिंह को सस्पेंड कर दिया था। जांच में भ्रष्टाचार सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ और आलोक व उसके साथी प्रिंस श्रीवास्तव को जेल भेजा गया।

केस-2
27 सितंबर 2021 को रामगढ़ताल इलाके के होटल कृष्णा पैलेस में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की हत्या हुई थी। इस घटना से पूरे प्रदेश में खलबली मच गई थी। इस मामले में तत्कालीन इंस्पेक्टर जेएन सिंह, दरोगा अक्षय मिश्रा, राहुल दुबे, विजय यादव और सिपाही कमलेश यादव व प्रशांत सिंह को आरोपी बनाया गया था। सभी जेल भेजे गए।

केस-3
21 जनवरी 2021 को स्वर्ण व्यापारी का अपहरण कर नौसड़ के पास 30 लाख रुपये की लूट हुई। पुलिस ने पर्दाफाश कर बस्ती में तैनात दरोगा धर्मेंद्र यादव, सिपाही महेंद्र यादव व संतोष यादव को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि इससे पहले भी उन्होंने 80 लाख के जेवर लूटे थे। सभी जेल भेजे गए।


केस-4
22 मई 2019 को वरिष्ठ मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. रामशरण श्रीवास्तव से दो लाख रुपये रंगदारी वसूलने के मामले में ट्रांसपोर्ट नगर चौकी इंचार्ज शिव प्रकाश सिंह और कथित पत्रकार प्रणव त्रिपाठी पर केस दर्ज हुआ। डॉक्टर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की, जिसके बाद तत्काल केस दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की गई और रुपये वापस कराए गए।
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